अमर उजाला असर: डीएम की चेतावनी- कोरोना उपचार की तय दरों से ज्यादा शुल्क लिया तो होगी कार्रवाई
- कोरोना उपचार में 10-15 हजार प्रतिदिन से ज्यादा लिया तो होगी कार्रवाई - डीएम
- सीएमओ को दिए निर्देश - शासन से तय दरों पर ही किया जाए उपचार
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आगरा में जिलाधिकारी प्रभु नारायण सिंह ने सोमवार को सीएमओ डॉ. आरसी पांडे को निर्देश दिए हैं कि निजी अस्पतालों में कोरोना उपचार की तय दरों से ज्यादा रुपये न लिये जाएं। अगर कहीं इससे ज्यादा रुपये लिए जाने की शिकायत आती है तो कार्रवाई की जाए।
अमर उजाला ने सोमवार को ‘कोरोना उपचार : हर रोज खर्च 20-22 हजार रुपये’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसी का संज्ञान लेकर डीएम ने निर्देश जारी किए हैं।
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उन्होंने बताया कि प्राइवेट अस्पतालों में रोजाना का खर्च 10 से 15 हजार रुपये ही लिया जाएगा। ये मरीज को दी जा रही चिकित्सा सुविधा पर निर्भर करेगा। तीन निजी अस्पतालों में कोविड-19 संक्रमितों के उपचार की सुविधा है।
इन अस्पतालों में रामरघु, प्रभा हॉस्पिटल और नयति शामिल हैं। उन्होंने कहा कि कोविड अस्पतालों में इलाज की दरें शासन ने निर्धारित की हैं। कीमतों का पालन कराने के लिए सीएमओ को निर्देश दिए हैं।
एसएन में मुफ्त इलाज
ये कीमतें हैं निर्धारित
एनएबीएच (नेशनल एक्रेडिटेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल) प्रमाणित अस्पताल में
- आाइसोलेशन बेड, सपोर्टिव केयर और ऑक्सीजन - 10 हजार रुपये प्रतिदिन
- आईसीयू रूम, जिसमें वेंटिलेटर केयर की जरूरत नहीं - 15 हजार रुपये प्रतिदिन
- आईसीयू रूम के साथ वेंटिलेटर केयर की सुविधा सहित - 18 हजार रुपये प्रतिदिन
- आइसोलेशन बेडरूम चार्ज - 8000 रुपये प्रतिदिन
- आईसीयू रूम, बिना वेंटिलेटर केयर - 13000 रुपये प्रतिदिन
- आईसीयू रूम और वेंटिलेटर केयर - 15000 रुपये प्रतिदिन
इन सभी में 1200-2000 रुपये पीपीई किट चार्ज भी शामिल है।