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आवास विकास को बड़ी राहत: अदालत ने दिए सील हटाने और कुर्की वापस लेने के आदेश; 5 अक्तूबर को अगली सुनवाई
Fri, 02 Oct 2026 11:13 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Fri, 02 Oct 2026 11:13 AM IST
सार
अदालत ने उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद के सील कार्यालय को खोलने और संपत्तियों की कुर्की का आदेश निरस्त करने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने माना कि कार्यालय बंद रहने से आम जनता के काम प्रभावित हो रहे थे और जिलाधिकारी को तत्काल सील हटाने का आदेश दिया।
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- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भूमि अर्जन, पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन प्राधिकरण (लारा) आगरा की अदालत ने उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद के लिए एक बड़ी राहत वाला आदेश दिया है। परिषद के सील पड़े कार्यालय को खोलने और संपत्तियों की कुर्की के आदेश को वापस लेने का फैसला सुनाया गया है।
कुंवरजीत बनाम कलक्टर आगरा एवं अन्य से जुड़े मामले में अदालत की ओर से जारी वसूली प्रमाण पत्र के अनुपालन में उपजिलाधिकारी (एसडीएम) सदर ने बीते 22 अगस्त को आवास एवं विकास परिषद के निर्माण खंड-2 कार्यालय को सील कर दिया था। साथ ही उसकी चल-अचल संपत्तियों को कुर्क कर लिया था। कार्यालय सील होने के कारण परिषद का दैनिक कामकाज और जनहित से जुड़े कार्य पूरी तरह बाधित हो रहे थे।
इस स्थिति को देखते हुए आवास एवं विकास परिषद ने अपने अधिशासी अभियंता के माध्यम से अदालत में आवेदनपत्र दाखिल कर अपना पक्ष रखा। परिषद ने अदालत को अवगत कराया कि उसने पूरी डिक्री राशि का मांगपत्र अदालत में जमा करा दिया है और उसका गणना पत्रक भी संलग्न कर दिया है। परिषद ने न्याय हित में कार्यालय का काम शुरू कराने के लिए सील को शीघ्र हटाने की प्रार्थना की थी।
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मामले की सुनवाई करते हुए जिला न्यायाधीश एवं पीठासीन अधिकारी विजय शंकर उपाध्याय ने माना कि आवेदक की प्रार्थना न्यायसंगत है और कार्यालय बंद रहने से आम जनता का कार्य प्रभावित हो रहा है। इसके बाद अदालत ने आवेदन को स्वीकार करते हुए कुर्की का आदेश निरस्त कर दिया। साथ ही जिलाधिकारी आगरा को निर्देश दिया कि वे तत्काल कार्यालय से सील हटवाएं, कुर्की समाप्त करें और इसकी अनुपालन आख्या अदालत में प्रस्तुत करें। अदालत ने मामले में आगे के आदेशों के लिए 5 अक्तूबर की तिथि तय की है।
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कुंवरजीत बनाम कलक्टर आगरा एवं अन्य से जुड़े मामले में अदालत की ओर से जारी वसूली प्रमाण पत्र के अनुपालन में उपजिलाधिकारी (एसडीएम) सदर ने बीते 22 अगस्त को आवास एवं विकास परिषद के निर्माण खंड-2 कार्यालय को सील कर दिया था। साथ ही उसकी चल-अचल संपत्तियों को कुर्क कर लिया था। कार्यालय सील होने के कारण परिषद का दैनिक कामकाज और जनहित से जुड़े कार्य पूरी तरह बाधित हो रहे थे।
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इस स्थिति को देखते हुए आवास एवं विकास परिषद ने अपने अधिशासी अभियंता के माध्यम से अदालत में आवेदनपत्र दाखिल कर अपना पक्ष रखा। परिषद ने अदालत को अवगत कराया कि उसने पूरी डिक्री राशि का मांगपत्र अदालत में जमा करा दिया है और उसका गणना पत्रक भी संलग्न कर दिया है। परिषद ने न्याय हित में कार्यालय का काम शुरू कराने के लिए सील को शीघ्र हटाने की प्रार्थना की थी।
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मामले की सुनवाई करते हुए जिला न्यायाधीश एवं पीठासीन अधिकारी विजय शंकर उपाध्याय ने माना कि आवेदक की प्रार्थना न्यायसंगत है और कार्यालय बंद रहने से आम जनता का कार्य प्रभावित हो रहा है। इसके बाद अदालत ने आवेदन को स्वीकार करते हुए कुर्की का आदेश निरस्त कर दिया। साथ ही जिलाधिकारी आगरा को निर्देश दिया कि वे तत्काल कार्यालय से सील हटवाएं, कुर्की समाप्त करें और इसकी अनुपालन आख्या अदालत में प्रस्तुत करें। अदालत ने मामले में आगे के आदेशों के लिए 5 अक्तूबर की तिथि तय की है।