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आगरा धर्मांतरण केस: अयान जावेद और परवेज अख्तर को झटका, अदालत ने खारिज की जमानत अर्जी
Fri, 16 Oct 2026 10:27 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Fri, 16 Oct 2026 10:27 AM IST
सार
आगरा में अवैध धर्मांतरण और दो बहनों के अपहरण से जुड़े मामले में आरोपी अयान जावेद और परवेज अख्तर की जमानत अर्जी जिला जज संजय कुमार मलिक ने खारिज कर दी। अभियोजन पक्ष ने सुनवाई के दौरान संगठित गिरोह के रूप में काम करने और विदेशों से फंडिंग के आरोपों से जुड़े साक्ष्य पेश किए।
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आगरा धर्मांतरण केस।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
अवैध धर्मांतरण व अन्य आरोपों के मामले में झारखंड के नया बाजार निवासी अयान जावेद और दिल्ली के नवाबगंज निवासी परवेज अख्तर ने अदालत में जमानत प्रार्थनापत्र प्रस्तुत किया। जिला जज संजय कुमार मलिक ने उसे निरस्त करने के आदेश दिए।
वादी ने थाना सदर में 24 मार्च, 2025 को अपनी दो पुत्रियों के अपहरण के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस ने दोनों बहनों को 18 जुलाई, 2025 को कोलकाता की मुस्लिम बस्ती से मुक्त कराया। अवैध धर्मांतरण गैंग का पर्दाफाश कर 14 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। आरोपियों की गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने तमाम आपत्तिजनक साहित्य बरामद किए।
जमानत प्रार्थनापत्र की सुनवाई के दौरान डीजीसी ने तर्क दिया कि आरोपी और उसके साथियों ने संगठित गिरोह के रूप में काम कर अवैध धर्मांतरण कराने का कार्य किया। इसके साक्ष्य भी प्रस्तुत किए गए। खाते में विदेशों से फंडिंग के तथ्य भी उजागर किए गए हैं।
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वादी ने थाना सदर में 24 मार्च, 2025 को अपनी दो पुत्रियों के अपहरण के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस ने दोनों बहनों को 18 जुलाई, 2025 को कोलकाता की मुस्लिम बस्ती से मुक्त कराया। अवैध धर्मांतरण गैंग का पर्दाफाश कर 14 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। आरोपियों की गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने तमाम आपत्तिजनक साहित्य बरामद किए।
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जमानत प्रार्थनापत्र की सुनवाई के दौरान डीजीसी ने तर्क दिया कि आरोपी और उसके साथियों ने संगठित गिरोह के रूप में काम कर अवैध धर्मांतरण कराने का कार्य किया। इसके साक्ष्य भी प्रस्तुत किए गए। खाते में विदेशों से फंडिंग के तथ्य भी उजागर किए गए हैं।
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