राज्यमंत्री और उनके परिजनों पर धन हड़पने का आरोप, पूर्व कर्मचारी ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर की शिकायत
- पीड़ित व्यापारी ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री पोर्टल पर की शिकायत
- कहा, सुनवाई नहीं हुई तो मुख्यमंत्री आवास पर देंगे धरना
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आगरा के कमला नगर निवासी अशोक अग्रवाल ने राज्यमंत्री चौधरी उदयभान और उनके परिजनों पर धन हड़पने का आरोप लगाया है। अशोक राज्यमंत्री की फर्म शांति डेयरी का पूर्व कर्मचारी है। इस मामले में मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के पोर्टल पर शिकायत की है। अशोक अग्रवाल ने न्याय नहीं मिलने पर शहीद स्मारक और फिर लखनऊ में मुख्यमंत्री आवास पर धरना-प्रदर्शन करने की बात कही है।
कमला नगर में शांति अपार्टमेंट स्थित अपने निवास पर शनिवार को अशोक कुमार ने प्रेसवार्ता कर कहा कि चौधरी उदयभान उनकी मां से लगभग 40 साल से राखी बंधवाते आए हैं। इस नाते से वह उन्हें मामा कहते हैं। आरोप लगाया कि वर्ष 2009 में लोन नहीं चुकाने पर उनके प्रतिष्ठान शांति डेयरी मिल्क और शांति स्वीट्स पर सिंडीकेट बैंक की कुर्की की कार्रवाई के लिए अधिकारी आए तो उन्होंने उनसे 10 लाख रुपये की मदद मांगी।
उन्होंने पांच लाख का चेक शांति डेयरी मिल्क के नाम दिया और दो लाख रुपये शांति स्वीट और एक लाख रुपये शांति डेरी मिल्क के नाम से उनके खाते में जमा करवाए। इसके बाद 1,60,960 लाख रुपये शांति स्वीट के नाम से जमा कराए। उदयभान सिंह ने एक साल में लौटाने की बात कही थी। 11 वर्षों में सैकड़ों बार पैसे मांगने के बावजूद रकम नहीं दी।
‘दुग्ध उत्पाद की खरीद का पैसा दिया था, उसे ही वह उधार बता रहा है’
इस संबंध में राज्यमंत्री चौधरी उदयभान सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि शांति स्वीट्स से पहले उनकी फर्म शांति डेयरी थी। 1997-98 में इसकी स्थापना के समय से भीकम सिंह कर्मचारी थे। आठ-दस साल बाद अशोक अग्रवाल को भी कर्मचारी के रूप में रखा था। भीकम सिंह को पूरा प्रकरण मालूम है। उसने जवाब भी दिया है।
भीकम सिंह से बात की गई तो उनका कहना था कि कमला नगर निवासी अशोक अग्रवाल शांति डेयरी मिल्क प्लांट पर काम करता था। इसी बीच उसने लंगड़े की चौकी के पास किराए की दुकान खोली। शांति डेयरी से उधार में दूध, दही, मक्खन लेकर बेचने लगा। बकौल भीकम, वह भी अशोक अग्रवाल की दुकान पर नौकरी करने लगा।
अशोक शांति डेयरी से माल उधार में लाकर 15-20 दिन बाद पैसा जमा होने पर शांति डेयरी मिल्क व शांति स्वीट्स के बैंक खाते में जमा कराया करते थे। अब अशोक अग्रवाल ने राज्यमंत्री उदयभान सिंह, उनके बेटे राजीव व पुत्रवधू रश्मि के खिलाफ जो शिकायत की है, वह पूर्णत: गलत है। अशोक ने जो पैसा शांति डेयरी व शांति मिल्क के खातों में जमा करवाया है, वह दूध व दूध से निर्मित उत्पाद की उधारी के भुगतान के रूप में दिया गया है।