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सराफ हत्याकांड: फारुख को रिमांड पर लेने की तैयारी, मुठभेड़ में पुलिस ने अमन को कर दिया था ढेर
Fri, 29 Aug 2025 09:12 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Fri, 29 Aug 2025 09:12 AM IST
सार
आगरा के कारगिल तिराहा स्थित बालाजी ज्वेलर्स में दिनदहाड़े हुई लूट और सराफा व्यापारी योगेश चौधरी की हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी सुमित के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है।
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agra jeweler murder
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
आगरा के व्यस्ततम कारगिल तिराहा (सिकंदरा) पर 2 मई को दिनदहाड़े हुई बालाजी ज्वैलर्स के यहां लूट और सराफ की हत्या में पुलिस ने जेल भेजे गए आरोपी सुमित के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी। उसके खिलाफ सीसीटीवी फुटेज से लेकर काल डिटेल को आधार बनाया गया है। वहीं दूसरे आरोपी 50 हजार के इनामी रहे फारुख ने तीन दिन पहले कोर्ट में समर्पण किया था। उसको पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है। उससे माल बरामदगी से लेकर घटना के संबंध में पूछताछ की जाएगी।
कारगिल तिराहे पर बालाजी ज्वैलर्स के यहां लूट हुई थी। भागते समय लुटेरों ने सराफा व्यापारी योगेश चाैधरी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। शहर के व्यस्ततम बाजार में हुई घटना से दहशत फैल गई थी। पुलिस के आक्रोश व्यक्त किया गया था। घटना की जानकारी शासन स्तर से ली गई थी। पुलिस की व्यवस्था पर सवाल उठाए गए थे।
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कारगिल तिराहे पर बालाजी ज्वैलर्स के यहां लूट हुई थी। भागते समय लुटेरों ने सराफा व्यापारी योगेश चाैधरी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। शहर के व्यस्ततम बाजार में हुई घटना से दहशत फैल गई थी। पुलिस के आक्रोश व्यक्त किया गया था। घटना की जानकारी शासन स्तर से ली गई थी। पुलिस की व्यवस्था पर सवाल उठाए गए थे।
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लूट और हत्या के मामले में पुलिस ने जगदीशपुरा के गणेश विहार निवासी अमन और उसके भाई सुमित की पहचान की थी। छह मई को दोनों को घेर लिया था। अमन मुठभेड़ में मारा गया था जबकि सुमित को पकड़ा गया था। उसको कोर्ट में पेश कर जेल भेजा था। घटना में एक और आरोपी फारुख का नाम सामने आया था। वह फरार हो गया था। पुलिस उसे पकड़ने में विफल साबित हुई थी। उस पर 50 हजार का इनाम घोषित किया गया। वह गुपचुप मंगलवार को कोर्ट पहुंच गया। उसे जेल भेजा गया था।
सीसीटीवी फुटेज से लेकर कर्मचारी के बयान अहम
थाना पुलिस की विवेचना के मुताबिक, विवेचना में सामने आया कि वारदात में अमन, सुमित और फारुख शामिल थे। घटना वाले दिन तीनों साथ निकले। शास्त्रीपुरम में एक बाइक से अमन और फारुख वारदात करने आए। इसके बाद फिर शास्त्रीपुरम में पहुंचे। यहां पर सुमित को बैग देकर भाग गए। तीनों के सीसीटीवी फुटेज मिल गए। वहीं सेल्सगर्ल के बयान से आरोपियों की पहचान हो गई। उनका पूरा रूटमैप मिल गया। सुमित पकड़ा गया तो लूट का माल बरामद हुआ। वह जेल में है। 10 साल से अधिक की सजा वाले मामले में 90 दिन में आरोप पत्र दाखिल करना होता है, इसलिए सुमित के खिलाफ आरोपपत्र लगाया गया। वहीं फारुख ने मंगलवार को समर्पण किया। इस पर उसे रिमांड पर लिया जाएगा। साक्ष्य संकलन के बाद उसके खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी। डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने बताया कि एक अभियुक्त के खिलाफ चार्जशीट लगा दी गई।
थाना पुलिस की विवेचना के मुताबिक, विवेचना में सामने आया कि वारदात में अमन, सुमित और फारुख शामिल थे। घटना वाले दिन तीनों साथ निकले। शास्त्रीपुरम में एक बाइक से अमन और फारुख वारदात करने आए। इसके बाद फिर शास्त्रीपुरम में पहुंचे। यहां पर सुमित को बैग देकर भाग गए। तीनों के सीसीटीवी फुटेज मिल गए। वहीं सेल्सगर्ल के बयान से आरोपियों की पहचान हो गई। उनका पूरा रूटमैप मिल गया। सुमित पकड़ा गया तो लूट का माल बरामद हुआ। वह जेल में है। 10 साल से अधिक की सजा वाले मामले में 90 दिन में आरोप पत्र दाखिल करना होता है, इसलिए सुमित के खिलाफ आरोपपत्र लगाया गया। वहीं फारुख ने मंगलवार को समर्पण किया। इस पर उसे रिमांड पर लिया जाएगा। साक्ष्य संकलन के बाद उसके खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी। डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने बताया कि एक अभियुक्त के खिलाफ चार्जशीट लगा दी गई।
अधिकारी नाराज, प्रभारी से मांगा जवाब
समर्पण के मामले में अधिकारियों ने नाराजगी जाहिर की है। फारुख पर 50 हजार का इनाम घोषित था। इसके बावजूद पुलिस उसे पकड़ नहीं सकी। वह कोर्ट कैसे पहंच गया? पुलिस को भनक तक क्यों नहीं लगी, जबकि पुलिस को पहले से उसके समर्पण की जानकारी मिल गई थी। इस मामल में अब प्रभारी से जवाब मांगा जा रहा है। इंस्पेक्टर ने बृहस्पतिवार को डीसीपी सिटी के समक्ष पेश होकर केस से संबंधित जानकारी दी।
समर्पण के मामले में अधिकारियों ने नाराजगी जाहिर की है। फारुख पर 50 हजार का इनाम घोषित था। इसके बावजूद पुलिस उसे पकड़ नहीं सकी। वह कोर्ट कैसे पहंच गया? पुलिस को भनक तक क्यों नहीं लगी, जबकि पुलिस को पहले से उसके समर्पण की जानकारी मिल गई थी। इस मामल में अब प्रभारी से जवाब मांगा जा रहा है। इंस्पेक्टर ने बृहस्पतिवार को डीसीपी सिटी के समक्ष पेश होकर केस से संबंधित जानकारी दी।