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श्री पारस अस्पताल दमघोंटू मॉकड्रिल मामला: आगरा के युवा अधिवक्ताओं का पैनल लड़ेगा पीड़ितों की लड़ाई, अदालत में प्रार्थनापत्र

Wed, 30 Jun 2021 10:51 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Wed, 30 Jun 2021 10:51 AM IST
सार

युवा अधिवक्ता संघ के मंडल अध्यक्ष नितिन वर्मा ने बताया कि संघ के पदाधिकारी और सदस्यों के साथ मंगलवार को एक बैठक की गई थी। इसमें पैनल गठित करने का निर्णय लिया गया। छह सदस्यीय पैनल गठित किया गया है

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Agra Advocate Will Fight Case Against Shri Paras Hospital Agra
श्री पारस अस्पताल आगरा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगरा में श्री पारस अस्पताल के संचालक डॉ. अरिन्जय जैन को दमघोंटू मॉकड्रिल पर प्रशासन की क्लीन चिट के बाद पीड़ितों ने कोर्ट का रुख किया है। इसको देखते हुए युवा अधिवक्ता संघ ने एक पैनल गठित किया है। इसमें छह अधिवक्ता पीड़ितों की लड़ाई लड़ेंगे। कोर्ट में प्रार्थनापत्र दाखिल कराने से लेकर पैरवी तक करेंगे। युवा अधिवक्ता संघ के मंडल अध्यक्ष नितिन वर्मा ने बताया कि संघ के पदाधिकारी और सदस्यों के साथ मंगलवार को एक बैठक की गई थी। इसमें पैनल गठित करने का निर्णय लिया गया।

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छह सदस्यीय पैनल गठित किया गया है, जिसमें वरिष्ठ अधिवक्ता नरेंद्र कुमार शर्मा, सुनील शर्मा, योगेश लवानियां, नितिन वर्मा, अरुण तेहरिया और अरविंद गौतम शामिल हैं। अधिवक्ताओं ने कहा कि प्रशासन ने अस्पताल मालिक को क्लीन चिट दे दी है, जबकि पीड़ित आज तक भटक रहे हैं। तहरीर पर मुकदमे तक दर्ज नहीं किए जा रहे हैं। अधिवक्ताओं का पैनल पीड़ितों की सहायता कानूनी लड़ाई लड़ने में करेगा। कोर्ट में प्रार्थनापत्र दाखिल कराने से लेकर हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में प्रार्थनापत्र देने तक में सहायता निशुल्क की जाएगी। 
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अस्पताल संचालक के खिलाफ कोर्ट में प्रार्थनापत्र 
श्री पारस अस्पताल के संचालक डॉ. अरिन्जय जैन के खिलाफ कोर्ट में धारा 156 (3) सीआरपीसी के तहत प्रार्थनापत्र दिया गया है। अधिवक्ताओं के पैनल ने पीड़ित अशोक चावला के प्रार्थनापत्र को आनलाइन दाखिल कराया। इसमें तारीख मिलते ही सुनवाई होगी। जीवनी मंडी निवासी अशोक चावला के पिता और भाई की पत्नी की भी इलाज के दौरान श्री पारस अस्पताल में मृत्यु हुई थी। उन्होंने पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत की थी। मगर, मुकदमा दर्ज नहीं किया गया।
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अब अशोक चावला ने धारा 156 (3) सीआरपीसी के तहत प्रार्थनापत्र प्रस्तुत किया। इसमें कहा कि पिता वासुदेव चावला आठ अप्रैल को कोरोना संक्रमित हो गए  थे। पिता की तबीयत ज्यादा खराब होने पर श्री पारस अस्पताल में भर्ती करा दिया। 20 अप्रैल को पिता को वेंटिलेटर पर रखा गया। 26 अप्रैल को सुबह डॉ. अरिन्जय जैन ने अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी बताई। इस पर दो ऑक्सीजन के सिलिंडर लाकर दे दिए। मगर, 20 मिनट बाद ही डा. अरिन्जय जैन ने पिता को मृत घोषित कर दिया। डॉ. अरिन्जय जैन ने शासन के मानकों के खिलाफ बहुत अधिक धनराशि जमा कराने के बाद बिल कम रुपयों का दिया। 27 अप्रैल को श्री पारस अस्पताल में ही छोटे भाई की पत्नी मनीषा की भी ऑक्सीजन की कमी से मृत्यु हो गई। युवा अधिवक्ता संघ के मंडल अध्यक्ष नितिन वर्मा ने बताया कि प्रार्थना पत्र को आनलाइन दाखिल किया गया है। इसमें तारीख मिलने पर सुनवाई होगी। इसके बाद कोर्ट की ओर से थाने से आख्या तलब की जाएगी।
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