{"_id":"5af682e94f1c1bd8408b49f8","slug":"agra-administration-not-allowed-to-organize-urs","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"आगरा में इस वजह प्रशासन ने नहीं दी उर्स आयोजन की अनुमति, सांप्रदायिक तनाव ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आगरा में इस वजह प्रशासन ने नहीं दी उर्स आयोजन की अनुमति, सांप्रदायिक तनाव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Sat, 12 May 2018 11:42 AM IST
विज्ञापन
पुलिस तैनात
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आगरा में ताजगंज के चमरौली के पावन धाम कालोनी स्थित बाबा नईम शाह की दरगाह के उर्स पर शुक्रवार को सांप्रदायिक तनाव बन गया। आसपास रहने वाले लोगों ने उर्स का विरोध किया।
हालात देखते हुए प्रशासन ने उर्स के आयोजन की अनुमति देने से इंकार कर दिया। दरगाह पर पुलिस तैनात कर दी गई है। दोनों पक्षों के लोगों को मुचलकों में पाबंद किया जा रहा है।
उर्स के लिए दो मई को प्रशासन से अनुमति मांगी गई थी। इस पर पुलिस की रिपोर्ट दी गई। पुलिस ने कहा कि यहां दरगाह के आसपास के कुछ लोग विरोध कर रहे हैं। उधर उर्स की तैयारी चलती रही।
विज्ञापन
इसका पता चलने पर आसपास के लोगों ने हंगामा कर दिया। उन्होंने कहा कि उर्स किसी सूरत में नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने दरगाह कमेटी पर माहौल बिगाड़ने, जमीन कब्जाने के आरोप भी लगाए।
विज्ञापन
हालात देखते हुए प्रशासन ने उर्स के आयोजन की अनुमति देने से इंकार कर दिया। दरगाह पर पुलिस तैनात कर दी गई है। दोनों पक्षों के लोगों को मुचलकों में पाबंद किया जा रहा है।
विज्ञापन
उर्स के लिए दो मई को प्रशासन से अनुमति मांगी गई थी। इस पर पुलिस की रिपोर्ट दी गई। पुलिस ने कहा कि यहां दरगाह के आसपास के कुछ लोग विरोध कर रहे हैं। उधर उर्स की तैयारी चलती रही।
विज्ञापन
इसका पता चलने पर आसपास के लोगों ने हंगामा कर दिया। उन्होंने कहा कि उर्स किसी सूरत में नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने दरगाह कमेटी पर माहौल बिगाड़ने, जमीन कब्जाने के आरोप भी लगाए।
इसी दरगाह पर हाेना थ्ाा उर्स
- फोटो : अमर उजाला
उर्स के आयोजन के लिए शहर से काफी लोग पहुंच गए। उधर आसपास के लोगों ने इनका विरोध किया। इससे सांप्रदायिक तनाव बन गया।
दरगाह के मुतवल्ली सितार खान और दरगाह कमेटी के सदस्य सिताब अली का कहना है कि वे डीएम आवास भी गए थे, एडीएम सिटी से बात की थी।
इसके बावजूद प्रशासन ने उर्स की अनुमति देने से इंकार कर दिया है जबकि दरगाह पर 50 साल से उर्स होता आ रहा है। हालांकि ये लोग अनुमति पत्र नहीं दिखा पा रहे हैं।
उनका कहना है कि उन्होंने पिछली सालों के अनुमति पत्र संभालकर नहीं रखे। उधर, थाना पुलिस का कहना है कि यह जमीन विवादित है। इस विवाद में छह महीने पहले सांप्रदायिक झगड़ा हो चुका है। इस कारण अनुमति देने से माहौल बिगड़ सकता है।
दरगाह के मुतवल्ली सितार खान और दरगाह कमेटी के सदस्य सिताब अली का कहना है कि वे डीएम आवास भी गए थे, एडीएम सिटी से बात की थी।
इसके बावजूद प्रशासन ने उर्स की अनुमति देने से इंकार कर दिया है जबकि दरगाह पर 50 साल से उर्स होता आ रहा है। हालांकि ये लोग अनुमति पत्र नहीं दिखा पा रहे हैं।
उनका कहना है कि उन्होंने पिछली सालों के अनुमति पत्र संभालकर नहीं रखे। उधर, थाना पुलिस का कहना है कि यह जमीन विवादित है। इस विवाद में छह महीने पहले सांप्रदायिक झगड़ा हो चुका है। इस कारण अनुमति देने से माहौल बिगड़ सकता है।
इन्हें किया पाबंद
वहीं पुलिस ने अजमेरी, गुल्ला, अलीशेर, मुन्ना खां, इदरीश, सलीम, सोनू, रज्जो, शाहरुख, इरफान, सिताब, शरीफ, साहिल, इस्लाम, सद्दाम, सत्तार समेत 16 लोगों को पाबंद किया गया है।
एडीएम सिटी केपी सिंह का कहना है कि उर्स के लिए कुछ लोगों ने अनुमति मांगी थी, पुलिस से रिपोर्ट ली गई, वहां पहले कभी उर्स का आयोजन नहीं हुआ है, इस कारण अनुमति नहीं दी गई।
सीओ सदर उदयराज सिंह का कहनाह है कि जिस जमीन पर उर्स का आयोजन किए जाने की बात कही जा रही है, वह किसी और के नाम है। यहां पहले कभी उर्स की अनुमति नहीं दी गई है।
एडीएम सिटी केपी सिंह का कहना है कि उर्स के लिए कुछ लोगों ने अनुमति मांगी थी, पुलिस से रिपोर्ट ली गई, वहां पहले कभी उर्स का आयोजन नहीं हुआ है, इस कारण अनुमति नहीं दी गई।
सीओ सदर उदयराज सिंह का कहनाह है कि जिस जमीन पर उर्स का आयोजन किए जाने की बात कही जा रही है, वह किसी और के नाम है। यहां पहले कभी उर्स की अनुमति नहीं दी गई है।