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यूपी: सो रहे हैं जनप्रतिनिधि, जगाने के लिए बजाए झुनझुनें; आगरा में यमुना की बदहाली पर अनूठा प्रदर्शन
Mon, 02 Nov 2026 10:23 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Mon, 02 Nov 2026 10:23 AM IST
सार
आगरा में यमुना की बदहाली और सरकारी उदासीनता के खिलाफ रिवर कनेक्ट कैंपेन के सदस्यों ने यमुना आरती स्थल पर झुनझुना दिवस मनाया। हाथों में झुनझुने और तख्तियां लेकर जनप्रतिनिधियों को चुनावी वादे याद दिलाए।
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आगरा में यमुना की बदहाली पर अनूठा प्रदर्शन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
त्योहारों की रौनक के बीच यमुना की बदहाली से आहत शहर के पर्यावरण प्रेमियों ने सरकारी तंत्र की सुस्ती के खिलाफ अनूठा तरीका अपनाया। रिवर कनेक्ट कैंपेन के सदस्यों ने रविवार को यमुना आरती स्थल पर झुनझुना दिवस मनाकर जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक उदासीनता के खिलाफ प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराया।
हाथों में झुनझुने और तख्तियां लेकर कार्यकर्ताओं ने जमकर प्रदर्शन किया। इस दौरान गूंजे आगरा को क्या मिला? झुनझुना, झुनझुना! के नारों ने घाट पर मौजूद लोगों का ध्यान खींच लिया। आयोजकों ने स्पष्ट किया कि यह विरोध किसी उत्सव का हिस्सा नहीं, बल्कि चुनावी वायदों को भुला चुके जनप्रतिनिधियों को उनकी जिम्मेदारियां याद दिलाने का शांतिपूर्ण प्रयास है।
संगठन के संयोजक बृज खंडेलवाल ने कहा कि वर्षों से यमुना के पुनर्जीवन, ताजे पानी के अविरल प्रवाह, ताजमहल के डाउनस्ट्रीम में बैराज निर्माण और साबरमती की तर्ज पर रिवरफ्रंट विकसित करने की मांग उठाई जा रही है, लेकिन कोरे आश्वासनों के सिवा कुछ नहीं मिला। डॉ. देवाशीष भट्टाचार्य ने उम्मीद जताई कि सरकार ब्रज की इस जीवनरेखा के संरक्षण के लिए जल्द ठोस कदम उठाएगी। अंत में यमुना आरती कर नदी के संरक्षण का संकल्प लिया गया। इस दौरान डॉ. हरेंद्र गुप्ता, पंडित जुगल किशोर, मीरा खंडेलवाल, शशिकांत उपाध्याय, रंजन शर्मा समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
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हाथों में झुनझुने और तख्तियां लेकर कार्यकर्ताओं ने जमकर प्रदर्शन किया। इस दौरान गूंजे आगरा को क्या मिला? झुनझुना, झुनझुना! के नारों ने घाट पर मौजूद लोगों का ध्यान खींच लिया। आयोजकों ने स्पष्ट किया कि यह विरोध किसी उत्सव का हिस्सा नहीं, बल्कि चुनावी वायदों को भुला चुके जनप्रतिनिधियों को उनकी जिम्मेदारियां याद दिलाने का शांतिपूर्ण प्रयास है।
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संगठन के संयोजक बृज खंडेलवाल ने कहा कि वर्षों से यमुना के पुनर्जीवन, ताजे पानी के अविरल प्रवाह, ताजमहल के डाउनस्ट्रीम में बैराज निर्माण और साबरमती की तर्ज पर रिवरफ्रंट विकसित करने की मांग उठाई जा रही है, लेकिन कोरे आश्वासनों के सिवा कुछ नहीं मिला। डॉ. देवाशीष भट्टाचार्य ने उम्मीद जताई कि सरकार ब्रज की इस जीवनरेखा के संरक्षण के लिए जल्द ठोस कदम उठाएगी। अंत में यमुना आरती कर नदी के संरक्षण का संकल्प लिया गया। इस दौरान डॉ. हरेंद्र गुप्ता, पंडित जुगल किशोर, मीरा खंडेलवाल, शशिकांत उपाध्याय, रंजन शर्मा समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
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