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शिकायत: रवि हॉस्पिटल पर फिर 5.50 लाख की वसूली का आरोप, इलाज के दौरान हुई धोखाधड़ी
Wed, 19 May 2021 10:59 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 19 May 2021 10:59 AM IST
सार
पीड़ित अधिवक्ता आलोक कुमार सिंह के मुताबिक 30 अप्रैल को वहां से डिस्चार्ज होने पर अस्पताल ने 3.33 लाख रुपये बिल वसूला। करीब 1.50 लाख रुपये की दवाएं अस्पताल की फार्मेसी से मंगाई। करीब 50 हजार रुपये जांच के नाम पर लिए गए। इस तरह 16 दिन में करीब 5.50 लाख रुपये खर्च हुए।
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कोरोना वायरस
- फोटो : पिक्साबे
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विस्तार
आगरा देहली गेट स्थित रवि हॉस्पिटल पर फिर संक्रमित अधिवक्ता के इलाज खर्च में करीब 5.50 लाख रुपये वसूली के आरोप हैं। पीड़ित ने बिलिंग में धोखाधड़ी, साधारण बेड के नाम पर आईसीयू व जांच खर्च में फर्जीवाड़े शिकायत जिलाधिकारी, सीएमओ व महामारी लोक शिकायत समिति के समक्ष दर्ज कराई है।
पीड़ित अधिवक्ता आलोक कुमार सिंह के मुताबिक 15 अप्रैल को कोरोना संक्रमित होने पर वह एसएन मेडिकल कॉलेज गए थे। वहां बेड खाली नहीं होने पर जिला अस्पताल गए। वहां भी बेड नहीं मिलने पर सीएमओ के कहने पर रवि हॉस्पिटल में भर्ती हुए। 30 अप्रैल को वहां से डिस्चार्ज होने पर अस्पताल ने 3.33 लाख रुपये बिल वसूला। करीब 1.50 लाख रुपये की दवाएं अस्पताल की फार्मेसी से मंगाई। करीब 50 हजार रुपये जांच के नाम पर लिए गए।
इस तरह 16 दिन में करीब 5.50 लाख रुपये खर्च हुए। अधिवक्ता ने कहा, 5.50 लाख के अलावा करीब 1.50 लाख रुपये के रेमेडिसिविर इंजेक्शन बाहर से मंगाए गए। उनका आरोप है कि उन्हें आठ हजार रुपये प्रति दिन खर्च वाले साधारण वार्ड में रखा गया। बिल 18 हजार रुपये प्रतिदिन के आईसीयू का बनाया। अस्पताल एनएबीएच मान्यता प्राप्त नहीं है।
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पीड़ित अधिवक्ता आलोक कुमार सिंह के मुताबिक 15 अप्रैल को कोरोना संक्रमित होने पर वह एसएन मेडिकल कॉलेज गए थे। वहां बेड खाली नहीं होने पर जिला अस्पताल गए। वहां भी बेड नहीं मिलने पर सीएमओ के कहने पर रवि हॉस्पिटल में भर्ती हुए। 30 अप्रैल को वहां से डिस्चार्ज होने पर अस्पताल ने 3.33 लाख रुपये बिल वसूला। करीब 1.50 लाख रुपये की दवाएं अस्पताल की फार्मेसी से मंगाई। करीब 50 हजार रुपये जांच के नाम पर लिए गए।
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इस तरह 16 दिन में करीब 5.50 लाख रुपये खर्च हुए। अधिवक्ता ने कहा, 5.50 लाख के अलावा करीब 1.50 लाख रुपये के रेमेडिसिविर इंजेक्शन बाहर से मंगाए गए। उनका आरोप है कि उन्हें आठ हजार रुपये प्रति दिन खर्च वाले साधारण वार्ड में रखा गया। बिल 18 हजार रुपये प्रतिदिन के आईसीयू का बनाया। अस्पताल एनएबीएच मान्यता प्राप्त नहीं है।
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वापस कर देंगे पैसा
अधिवक्ता को मैं अच्छी तरह जानता हूं। उन्हें अगर बिल गलत लग रहा है तो ज्यादा लिया पैसा वापस कर देंगे। मैंने उन्हें बुलाया है। एचएबीएच की मान्यता के लिए प्रक्रिया चल रही है। - रवि मोहन पचौरी, पूर्व अध्यक्ष आईएमए
सीएमओ से कराएंगे जांच
मामला मेरे संज्ञान में आया है। सीएमओ को जांच के आदेश दिए हैं। दोषी मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। कोई अस्पताल शासनादेश से अधिक बिल वसूली नहीं कर सकता। - प्रभु एन सिंह, जिलाधिकारी
10 मई को किया था हॉस्पिटल डिबार
कृष्णा नगर निवासी अरुन कंसल से इलाज के नाम पर 9.60 लाख रुपये वसूलने के मामले में 10 मई को जिला प्रशासन ने रवि हॉस्पिटल को कोविड अस्पतालों से सूची से डिबार किया था। मरीज भर्ती पर रोक लगाई थी। वर्तमान में रोक जारी है। रवि हॉस्पिटल के संचालक आईएमए के पूर्व अध्यक्ष रवि मोहन पचौरी हैं।
अधिवक्ता को मैं अच्छी तरह जानता हूं। उन्हें अगर बिल गलत लग रहा है तो ज्यादा लिया पैसा वापस कर देंगे। मैंने उन्हें बुलाया है। एचएबीएच की मान्यता के लिए प्रक्रिया चल रही है। - रवि मोहन पचौरी, पूर्व अध्यक्ष आईएमए
सीएमओ से कराएंगे जांच
मामला मेरे संज्ञान में आया है। सीएमओ को जांच के आदेश दिए हैं। दोषी मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। कोई अस्पताल शासनादेश से अधिक बिल वसूली नहीं कर सकता। - प्रभु एन सिंह, जिलाधिकारी
10 मई को किया था हॉस्पिटल डिबार
कृष्णा नगर निवासी अरुन कंसल से इलाज के नाम पर 9.60 लाख रुपये वसूलने के मामले में 10 मई को जिला प्रशासन ने रवि हॉस्पिटल को कोविड अस्पतालों से सूची से डिबार किया था। मरीज भर्ती पर रोक लगाई थी। वर्तमान में रोक जारी है। रवि हॉस्पिटल के संचालक आईएमए के पूर्व अध्यक्ष रवि मोहन पचौरी हैं।