फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Actress MP Kangana Ranaut's troubles may increase Court issues notice

UP: अभिनेत्री सांसद कंगना रनौत की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, इस बयान में फंसी...कोर्ट ने जारी किया नोटिस

Tue, 12 Nov 2024 02:32 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Tue, 12 Nov 2024 02:32 PM IST
सार

फिल्म अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनौत की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। किसान आंदोलन और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी पर दिए गए बयान को लेकर दायर की गई याचिका में कोर्ट ने नोटिस जारी किया है। 
 

विज्ञापन
Actress MP Kangana Ranaut's troubles may increase Court issues notice
सांसद कंगना रनौत (फाइल फोटो)। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

भाजपा सांसद एवं फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत के खिलाफ राष्ट्र द्रोह एवं किसानों के अपमान के मामले में कोर्ट द्वारा नोटिस जारी किया गया है। स्पेशल कोर्ट एमपी एमएलए अनुज कुमार सिंह ने हिमाचल प्रदेश के मंडी क्षेत्र से भाजपा सांसद एवं प्रसिद्ध  फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत के विरुद्ध नोटिस जारी कर 28 नवंबर 2024 को अपना पक्ष रखने के लिए आदेश किए हैं। 
विज्ञापन

 

11 सितंबर को दायर हुआ था वाद
कंगना रनौत के विरुद्ध आगरा के वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव गांधी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रमाशंकर शर्मा ने 11 सितंबर 2024 को एक वाद दायर किया था। इस वाद में कहा गया कि 27 अगस्त 2024 को कंगना रनौत ने एक बयान जो अखबारों में छपा था पढ़ा,  जिसमें कंगना ने कहा कि अगस्त 2020 से दिसंबर 2021 तक जो किसान दिल्ली बॉर्डर पर काले कानूनों के विरोध में धरने पर बैठे थे, वहां हत्याएं हो रही थीं, बलात्कार हो रहे थे और अगर उस समय देश का नेतृत्व मजबूत नहीं होता तो देश में बांग्लादेश जैसे हालात पैदा हो जाते। कंगना रनौत पर वादी अधिवक्ता  रमाशंकर शर्मा ने आरोप लगाया है कि कंगना रनौत ने देश के करोड़ों किसानों का अपमान किया है। किसानों को हत्यारा बलात्कारी और उग्रवादी तक कह दिया है।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

बयान से भावनाएं हुईं आहत
वादी अधिवक्ता ने अपने वाद में  कहा है कि क्योंकि वह भी एक किसान के बेटे हैं,  उन्होंने खेती भी की है। इसलिए उनकी भी भावनाएं आहत हुईं हैं।  अधिवक्ता ने अपने वाद पत्र में यह भी कहा है कि 17 नवंबर 2021 को कंगना रनौत ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के अहिंसात्मक सिद्धांत का मजाक उड़ाते हुए एक बयान दिया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि गाल पर चांटा खाने से भीख मिलती है आजादी नहीं और यह भी कहा था कि 1947 में जो आजादी मिली वह महात्मा गांधी के भीख के कटोरे  में मिली थी। असली आजादी तो सन 2014 में तब मिली जब केंद्र में नरेंद्र मोदी की सरकार सत्ता में आई थी। इससे साफ जाहिर है कु स्वतंत्रता आंदोलन में जिन देशभक्तों ने अपनी शहादतें दीं  तथा फांसी के फंदे चूमे हजारों लाखों  स्वतंत्रता नेताओं ने जेल यात्राएं सहीं। अंग्रेजों के जुल्म सहे। उनका भी कंगना ने अपमान किया है। राष्ट्रपिता का अपमान पूरे राष्ट्र का अपमान है। देश की 140  करोड़ जनता का अपमान है। 
 
विज्ञापन

28 नवंबर को हाजिर होने के आदेश
कोर्ट में आज  वादी अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा की ओर से ग्रेटर आगरा बार के अध्यक्ष  वरिष्ठ अधिवक्ता दुर्ग विजय सिंह भैया, रामदत्त दिवाकर, आरएस मौर्य, राकेश नौहवार,  बीएस फौजदार, राजेंद्र गुप्ता, धीरज, उमेश जोशी,  डॉ. राज कुमार  ने  तथ्यों के साथ बहस की साथ ही याचना की, जिसमें उन्होंने कहा कि कोर्ट को कंगना द्वारा किए गए राष्ट्रद्रोह और किसानों के प्रति किए अपराध में तलब कर दंडित किया जाए।  कोर्ट ने अधिवक्ताओं की बहस सुनने के बाद कंगना रनौत को अपना पक्ष रखने के लिए 28 नवंबर 2024 को स्वयं हाजिर होकर अपना पक्ष रखने के लिए आदेश जारी किए हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed