{"_id":"57d059b54f1c1be906318881","slug":"acclamation-of-the-jagannath-gunje","type":"story","status":"publish","title_hn":"शहर में गूंजे जगन्नाथ के जयघोष","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शहर में गूंजे जगन्नाथ के जयघोष
अमर उजाला आगरा
Updated Wed, 07 Sep 2016 11:47 PM IST
विज्ञापन
जगन्नाथ्ा रथ्ायात्रा
- फोटो : अमर उजाला ब्यूूराो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जगतपति भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा जैसे ही अलौकिक रथ पर विराजमान हुए चारों ओर जय जगन्नाथ का जयघोष होने लगे। दिव्य दर्शन पाकर भक्त खुशी से झूमने लगे। हरे कृष्ण, हरे कृष्ण का संकीर्तन में शामिल होने और भगवान के रथ को खींचने के लिए हर कोई आतुर था। श्री जगन्नाथ रथयात्रा महोत्सव समिति की ओर से निकाली शोभायात्रा में रावतपाड़ा से लेकर संजय प्लेस तक ऐसा ही नजारा था।
बुधवार दोपहर 12 बजे जगन्नाथ मंदिर में ठाकुर जी को भोग लगाने के बाद जगन्नाथ महाराज, बलभद्र और सुभद्रा की प्रतिमाओं को रथ पर विराजमान किया गया। वृंदावन से आए हरि विजयदास और अक्रूर ने भगवान को पोशाक अर्पण कर शृंगार किया। 3.30 बजे रथ यात्रा प्रारंभ हुई। रथ को खींचने के लिए लोगों में होड़ लग गई। छतोें से पुष्पों की वर्षा होने लगी। आरती का थाल लिए लोग मार्ग में खड़े थे। अपने आराध्य को उन्होंने कढ़ी चावल, खिचड़ी, दाल भात का भोग लगाया।
संजय प्लेस में महाआरती का आयोजन किया गया। यात्रा में हीरेन अग्रवाल, शैलेश बंसल, दिनेश अग्रवाल, विभु सिंघल, अशोक गोयल, मनीष सिंघल, अतुल अग्रवाल, सुधीर अग्रवाल, संदीप अग्रवाल, भरत शर्मा, केशव अग्रवाल, सुधाकर शर्मा, गोविंद बंसल, सुभम, राकेश गोयल, उमेश, हिमांशु गर्ग, कमल छावड़िया, मोहन लाल, चेतन बंसल, कृष्णा बंसल, अनूप अग्रवाल, मयंक अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
झांकियों ने किया मंत्रमुग्ध
शोभायात्रा में सबसे आगे ऊंटों पर सवार ध्वज वाहक चल रहे थे। उनके साथ तुरही बजाते लोग, गणेश जी की झांकी उसके आगे नासिक का ढोल, राधा किशन और चंद्रलोक की झांकी थी। पंजाब का बैगपाइपर धुन बजाते चल रहा था। रासलीला की झांकी के आगे आनंदा बैंड के कलाकार थे। विष्णु, मन:कामेश्वर महादेव, कैला देवी की झांकी भी थी। मोहन, सुधीर और मिलन बैंड के कलाकार थे। न्यूयार्क से आए बैंड और उसके बाद बिहारी जी की झांकी के आगे ब्रजबधू बैंड था।
यात्रा का जगह-जगह भव्य स्वागत
रथयात्रा रावतपाड़ा, जौहरी बाजार, सुभाष बाजार, दरेसी, छत्ता बाजार, बांस दरवाजा, बेलनगंज, धूलियागंज, घटिया और मंडी सईद खां होते हुए संजय प्लेस स्थित स्काई टावर पार्किंग के पास देर शाम समाप्त हुई। बाजारों में बाजार कमेटी व अन्य संस्थाओं ने पुष्प वर्षा कर भव्य स्वागत किया।
ब्रजवधू बैंड आकर्षण का केंद्र रहा
यात्रा का मुख्य आकर्षण ब्रजवधू बैंड भी रहा। गौरामणि के नेतृत्व में इस्कॉन से जुड़े विदेशी कलाकारों की मंडली संकीर्तन और नृत्य कर रही थी। मंडली में यूक्रेन, जर्मनी, उजबेकिस्तान आदि देशों से किशोरी, रुक्मिणी, वैष्णव, राधा, नारायणी, गौरांगी, निकुंजा, राधेश्याम, गायत्री आदि शामिल रहीं।
विद्युत तारों ने किया परेशान
भगवान जगन्नाथ के ऊंचा रथ रावतपाड़ा, चिम्मन चौराहा, दरेसी, छत्ता बाजार, कचहरी घाट, बेलनगंज आदि बाजारों में बिजली के तार की वजह से कई बार रुा। वहीं, ट्रक पर ब्रजबधू बैंड के अलावा एक झांकी भी थी। जो संकरे रास्तों पर मुश्किल से आगे बढ़ पाया।
झाड़ू लगाते चल रहे थे श्रद्धालु
भगवान जगन्नाथ की राह में कहीं गंदगी न हो और नंगे पैर चल रहे भक्तों कंकड़ न चुभें इसलिए तमाम श्रद्धालु झाडू़ लगते हुए चल रहे थे।
विज्ञापन
बुधवार दोपहर 12 बजे जगन्नाथ मंदिर में ठाकुर जी को भोग लगाने के बाद जगन्नाथ महाराज, बलभद्र और सुभद्रा की प्रतिमाओं को रथ पर विराजमान किया गया। वृंदावन से आए हरि विजयदास और अक्रूर ने भगवान को पोशाक अर्पण कर शृंगार किया। 3.30 बजे रथ यात्रा प्रारंभ हुई। रथ को खींचने के लिए लोगों में होड़ लग गई। छतोें से पुष्पों की वर्षा होने लगी। आरती का थाल लिए लोग मार्ग में खड़े थे। अपने आराध्य को उन्होंने कढ़ी चावल, खिचड़ी, दाल भात का भोग लगाया।
विज्ञापन
संजय प्लेस में महाआरती का आयोजन किया गया। यात्रा में हीरेन अग्रवाल, शैलेश बंसल, दिनेश अग्रवाल, विभु सिंघल, अशोक गोयल, मनीष सिंघल, अतुल अग्रवाल, सुधीर अग्रवाल, संदीप अग्रवाल, भरत शर्मा, केशव अग्रवाल, सुधाकर शर्मा, गोविंद बंसल, सुभम, राकेश गोयल, उमेश, हिमांशु गर्ग, कमल छावड़िया, मोहन लाल, चेतन बंसल, कृष्णा बंसल, अनूप अग्रवाल, मयंक अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
झांकियों ने किया मंत्रमुग्ध
शोभायात्रा में सबसे आगे ऊंटों पर सवार ध्वज वाहक चल रहे थे। उनके साथ तुरही बजाते लोग, गणेश जी की झांकी उसके आगे नासिक का ढोल, राधा किशन और चंद्रलोक की झांकी थी। पंजाब का बैगपाइपर धुन बजाते चल रहा था। रासलीला की झांकी के आगे आनंदा बैंड के कलाकार थे। विष्णु, मन:कामेश्वर महादेव, कैला देवी की झांकी भी थी। मोहन, सुधीर और मिलन बैंड के कलाकार थे। न्यूयार्क से आए बैंड और उसके बाद बिहारी जी की झांकी के आगे ब्रजबधू बैंड था।
यात्रा का जगह-जगह भव्य स्वागत
रथयात्रा रावतपाड़ा, जौहरी बाजार, सुभाष बाजार, दरेसी, छत्ता बाजार, बांस दरवाजा, बेलनगंज, धूलियागंज, घटिया और मंडी सईद खां होते हुए संजय प्लेस स्थित स्काई टावर पार्किंग के पास देर शाम समाप्त हुई। बाजारों में बाजार कमेटी व अन्य संस्थाओं ने पुष्प वर्षा कर भव्य स्वागत किया।
ब्रजवधू बैंड आकर्षण का केंद्र रहा
यात्रा का मुख्य आकर्षण ब्रजवधू बैंड भी रहा। गौरामणि के नेतृत्व में इस्कॉन से जुड़े विदेशी कलाकारों की मंडली संकीर्तन और नृत्य कर रही थी। मंडली में यूक्रेन, जर्मनी, उजबेकिस्तान आदि देशों से किशोरी, रुक्मिणी, वैष्णव, राधा, नारायणी, गौरांगी, निकुंजा, राधेश्याम, गायत्री आदि शामिल रहीं।
विद्युत तारों ने किया परेशान
भगवान जगन्नाथ के ऊंचा रथ रावतपाड़ा, चिम्मन चौराहा, दरेसी, छत्ता बाजार, कचहरी घाट, बेलनगंज आदि बाजारों में बिजली के तार की वजह से कई बार रुा। वहीं, ट्रक पर ब्रजबधू बैंड के अलावा एक झांकी भी थी। जो संकरे रास्तों पर मुश्किल से आगे बढ़ पाया।
झाड़ू लगाते चल रहे थे श्रद्धालु
भगवान जगन्नाथ की राह में कहीं गंदगी न हो और नंगे पैर चल रहे भक्तों कंकड़ न चुभें इसलिए तमाम श्रद्धालु झाडू़ लगते हुए चल रहे थे।