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यूपी: हाथ पर 'ओम' का टैटू और खतरनाक कारनामे, जीआरपी ने सात वर्ष बाद पकड़ा रतना; दिल्ली में छिपा बैठा था शातिर
Thu, 17 Sep 2026 01:44 PM IST
Dhirendra Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
Published by: Dhirendra Singh
Updated Thu, 17 Sep 2026 01:44 PM IST
सार
कासगंज जीआरपी ने ट्रेनों में चोरी के मामलों में सात साल से फरार चल रहे आरोपी रतन उर्फ रतना को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए आधार कार्ड में नाम बदलकर कुलदीप कर लिया था, लेकिन हाथ पर बना ‘ओम’ का टैटू उसकी पहचान का सुराग बन गया।
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जीआरपी की गिरफ्त में रतन उर्फ रतना
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
कासगंज जीआरपी थाना पुलिस ने बृहस्पतिवार को चलती ट्रेनों में चोरी की घटनाओं को अंजाम देने वाले और पिछले सात वर्षों से अदालत से लगातार फरार चल रहे एक शातिर वारंटी को कासगंज जंक्शन के मुख्य गेट से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अपने आधार कार्ड में नाम बदलकर पुलिस को चकमा देने की साजिश रची थी, लेकिन उसके दाहिने हाथ पर बना 'ओम' का निशान उसकी असली पहचान का जरिया बन गया।
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गिरफ्तार आरोपी रतन उर्फ रतना (29) निवासी मोहल्ला दमदपुरा थाना सिकंदराराऊ जिला हाथरस वर्ष 2019 से न्यायालय के समक्ष उपस्थित नहीं हो रहा था। जीआरपी कासगंज थाने में दर्ज मामले में अपर सिविल जज सीनियर डिवीजन की कोर्ट की ओर से उसके खिलाफ लगातार गैर-जमानती वारंट जारी किए जा रहे थे। गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी अपना पैतृक निवास छोड़कर मंगोलपुरी, दिल्ली में छिपा हुआ था। उसने आधार कार्ड में अपना नाम रतन से बदलकर 'कुलदीप' करवा लिया था। जब भी पुलिस उसे पकड़ने पहुंचती, वह कुलदीप नाम का आधार कार्ड दिखाकर पुलिस को गुमराह कर देता और खुद को रतन का भाई बता देता था।
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पुलिस अभिलेख के अनुसार, आरोपी के दाहिने हाथ के पंजे पर 'ओम' का टैटू बना हुआ था। 17 सितंबर की सुबह जीआरपी थानाध्यक्ष कोमल कुंतल के नेतृत्व में टीम ने मुखबिर की सटीक सूचना पर कासगंज जंक्शन के मुख्य द्वार से आरोपी को बृहस्पतिवार की सुबह 9:30 बजे पकड़ लिया। पूछताछ करने पर आरोपी कुलदीप नाम का आधार कार्ड दिखाकर चकमा देने की फिराक में था, लेकिन हाथ पर बने ओम के निशान ने उसकी पोल खोल दी। पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो वह टूट गया और अपना जुर्म कबूल कर लिया।
आरोपी के खिलाफ जीआरपी कासगंज और सिकंदराराऊ थाने में आर्म्स एक्ट, चोरी के माल को छिपाने और मारपीट समेत कुल 4 आपराधिक मामले दर्ज हैं। आरोपी को विधिक प्रक्रिया पूरी कर न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।