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खुलासाः हरियाणा-राजस्थान के भ्रूण हत्या गैंग को बेचीं थीं 28 करोड़ की गर्भपात किट

Thu, 07 Jan 2021 12:45 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Thu, 07 Jan 2021 12:45 PM IST
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Abortion Kits Sold To Haryana-Rajasthan Feticide Gang
गोदाम से बरामद हुईं दवाइयां और गर्भपात किट (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
आगरा में फव्वारा स्थित फर्म एके इंटरप्राइजेज ने हरियाणा और राजस्थान के कन्या भ्रूण हत्या गैंग को 28 करोड़ रुपये की गर्भपात किट बेचीं थीं। फर्जी बिल से नौ महीने में इस फर्म ने कुल 5.73 लाख किट की कालाबाजारी की है। पहले फर्जी बिल से साढ़े तीन करोड़ की गर्भपात किट बेचे जाने का मामला सामने आया था। फर्म के कंप्यूटर की हार्ड डिस्क की जांच में 28 करोड़ की बिक्री का खुलासा हुआ। आरोप सही पाए जाने पर औषधि विभाग ने फर्म और गोदाम का लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति की है। इस मामले में कोर्ट में मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
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औषधि निरीक्षक नरेश मोहन दीपक ने बताया कि विभाग की जांच में एके इंटरप्राइजेज ने विभिन्न नामों से माधव ड्रग हाउस फव्वारा से गर्भपात दवाओं की किट खरीदीं। फर्म ने एक अप्रैल 2018 से नौ दिसंबर 2018 तक गर्भपात दवाओं की 5,73,500 किट की बिक्री राजस्थान व हरियाणा में कर दी।
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एक किट की कीमत 488.75 रुपये है, इस तरह से फर्म ने फर्जी बिल से 28,02,98,125 रुपये की गर्भपात दवाओं की किट की कालाबाजारी की है। आरोपियों ने अपने जवाब में फर्जी बिल से किट की कालाबाजारी को स्वीकार भी किया है। इस पर फर्म और इसके गोदाम का लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति की है। इसकी रिपोर्ट बनाकर औषधि अनुज्ञापन प्राधिकारी विक्रय को भेज दी गई है।

यह है मामला
हरियाणा और राजस्थान में भ्रूण हत्या गैंग को गर्भपात दवाओं की किट की अवैध बिक्री की जानकारी पर 10 दिसंबर को औषधि विभाग की टीम ने गोगिया मार्केट फव्वारा में माधव ड्रग हाउस और एके इंटरप्राइजेज पर छापा मारकर कंप्यूटर के बिल के हार्ड डिस्क जब्त किए थे। इसकी तकनीकी टीम से जांच कराने पर बिल में गड़बड़ी मिली थीं। 
 
माधव ड्रग हाउस से खरीदी थी किट 
औषधि निरीक्षक ने बताया कि गर्भपात किट की निर्माता कंपनी महाराष्ट्र में है। औषधि विभाग ने जांच की तो महाराष्ट्र के एफडीए केजी गड़ेवर से जानकारी दी कि एक साल में निर्माण की कुल गर्भपात किट का 80 फीसदी सप्लाई कंपनी के अधिकृत वितरक आगरा स्थित माधव ड्रग हाउस को किया गया था। इससे ये किट एके इंटरप्राइजेज ने खरीदी थी। माधव ड्रग हाउस की जांच अभी जारी है।  

मालिकों पर होगा मुकदमा
औषधि निरीक्षक ने बताया कि एके इंटरप्राइजेज के मालिक अंकुर गुप्ता निवासी अशोक नगर पंचकुइयां और साझेदार कपिल खत्री निवासी राधा विहार कमला नगर के खिलाफ औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम की धारा 18 (बी)/27(डी) के अंतर्गत अधिनियम की धारा 32 के कोर्ट में मुकदमा दर्ज होगा। 
पीडीएफ लगाएं, 12 दिसंबर
 

डॉक्टरों के फर्जी नाम पर करता था गर्भपात दवाओं की सप्लाई
एके इंटरप्राइजेज के संचालक गर्भपात दवाओं की कालाबाजारी के लिए डॉक्टरों के फर्जी नामों का इस्तेमाल करता था। इनके नाम पर ही बिल काटे जाते थे, औषधि विभाग की जांच में इन नामों के कोई डॉक्टर नहीं मिले और उनका पता भी गलत मिला।

औषधि निरीक्षक नरेश मोहन दीपक ने बताया कि एके इंटरप्राइजेज के मालिक अंकुर गुप्ता और कपिल खत्री डॉक्टरों के फर्जी नाम से हरियाणा और राजस्थान में गर्भपात दवाओं की किट की सप्लाई करता था।


बिल में फर्म के मालिकों ने डॉ. राजकुमार, डॉ. अनुज कुमार, डॉ. आदित्य गोयल, डॉ. सोनम अरोरा, डॉ. अफजल कुरैशी, डॉ. नरेश यादव, डॉ. अमित राठौर, डॉ. अरुण कुमार सक्सेना समेत 30 से अधिक के नाम मिले हैं। इनके पते पर जांच की तो इस नाम का कोई चिकित्सक नहीं मिला। पता भी गलत था। इन दोनों ने नोटिस के जवाब में भी स्वीकार किया है कि वह गर्भपात दवाओं की अवैध बिक्री में डॉक्टरों के फर्जी नाम इस्तेमाल करते थे।

 
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