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Agra News: देहरी पर नाला, पैर फिसला तो थम जाएंगी सांसें
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मौत को न्योता देते नाले।
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आगरा। घर का दरवाजा खुलते ही सामने मौत की गवाही देते 15-15 फीट गहरे बदबूदार नाले शहर के पांच लाख लोगों को हर सुबह नजर आते हैं। कंसखार, टीला गोकुलपुरा, अशोक नगर, राजनगर और लोहामंडी इलाके में रहने वाले लोग अनहोनी की आशंका में घिरे रहते हैं। उफनाते नालों की टूटती दीवारें हर पल घरों को निगलने पर आमादा हैं।
शहर की बस्तियों के बीच से निकल रहे नालों की दम घोंटती बदबू के बीच बच्चों को दरवाजे से बाहर खेलते देख मां-बाप का कलेजा मुंह को आ जाता है। यहां एक पैर फिसला तो सांसें थम जाएंगी। ये नाले कई लोगों की जान ले चुके हैं। क्षेत्र के लोग और जनप्रतिनिधि नालों को ढकने की मांग पुरजोर तरीके से उठा रहे हैं।
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नाला गोकुलपुरा : एक किमी. लंबे इस नाले की गहराई 15 फीट है। दोनों ओर घर हैं जिनके आगे तीन से चार फीट दूर ही नाला है। घर की दहलीज पार करते ही डर का साया साथ चलता है।
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नाला कंसखार: 700 मीटर लंबे और 14 फीट गहरे इस नाले से एकदम सटे हुए घर बने हैं। कहीं-कहीं नाले और घरों के बीच की दूरी सिर्फ पांच फीट है। अभिभावक अपने सामने ही घर के बाहर बच्चों को खेलने देते हैं ताकि निगरानी रख सकें।
सोरों कटरा-राजनगर नाला: 1.50 किमी. लंबा नाला 10 से 12 फीट गहरा है। नाले की दीवारें ढह जाने से पानी का रिसाव होने से घरों में सीलन पहुंच रही है। मरम्मत की फाइल स्वीकृत है पर काम नहीं हुआ।
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पार्षदों ने उठाई मांग
- बस्ती के बीच से गहरा नाला निकला है। कई जगह से दीवारें टूटी हैं। नजदीक ही घर हैं। मरम्मत के साथ इसे प्री-कास्ट स्लैब से ढका जाए ताकि कोई अनहोनी न हो।
मंजू प्रजापति, पार्षद, राजामंडी
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- बस्ती के बीच से गहरा नाला निकला है। बारिश में तेज बहाव के बीच डर लगा रहता है कि कोई गिर न जाए। एक साल से मरम्मत की फाइल पास है लेकिन काम नहीं किया गया। - बंटी माहौर, पार्षद, राजनगर
- नालों के पास ही घर हैं जिससे पानी बढ़ने पर पता नहीं चलता कि सड़क कहां है और नाला कहां। ऐसे में इन्हें ढकवाकर ही हादसाें से बचा जा सकता है। - हेमंत प्रजापति, पार्षद
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शहर की बस्तियों के बीच से निकल रहे नालों की दम घोंटती बदबू के बीच बच्चों को दरवाजे से बाहर खेलते देख मां-बाप का कलेजा मुंह को आ जाता है। यहां एक पैर फिसला तो सांसें थम जाएंगी। ये नाले कई लोगों की जान ले चुके हैं। क्षेत्र के लोग और जनप्रतिनिधि नालों को ढकने की मांग पुरजोर तरीके से उठा रहे हैं।
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नाला गोकुलपुरा : एक किमी. लंबे इस नाले की गहराई 15 फीट है। दोनों ओर घर हैं जिनके आगे तीन से चार फीट दूर ही नाला है। घर की दहलीज पार करते ही डर का साया साथ चलता है।
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नाला कंसखार: 700 मीटर लंबे और 14 फीट गहरे इस नाले से एकदम सटे हुए घर बने हैं। कहीं-कहीं नाले और घरों के बीच की दूरी सिर्फ पांच फीट है। अभिभावक अपने सामने ही घर के बाहर बच्चों को खेलने देते हैं ताकि निगरानी रख सकें।
सोरों कटरा-राजनगर नाला: 1.50 किमी. लंबा नाला 10 से 12 फीट गहरा है। नाले की दीवारें ढह जाने से पानी का रिसाव होने से घरों में सीलन पहुंच रही है। मरम्मत की फाइल स्वीकृत है पर काम नहीं हुआ।
पार्षदों ने उठाई मांग
- बस्ती के बीच से गहरा नाला निकला है। कई जगह से दीवारें टूटी हैं। नजदीक ही घर हैं। मरम्मत के साथ इसे प्री-कास्ट स्लैब से ढका जाए ताकि कोई अनहोनी न हो।
मंजू प्रजापति, पार्षद, राजामंडी
- बस्ती के बीच से गहरा नाला निकला है। बारिश में तेज बहाव के बीच डर लगा रहता है कि कोई गिर न जाए। एक साल से मरम्मत की फाइल पास है लेकिन काम नहीं किया गया। - बंटी माहौर, पार्षद, राजनगर
- नालों के पास ही घर हैं जिससे पानी बढ़ने पर पता नहीं चलता कि सड़क कहां है और नाला कहां। ऐसे में इन्हें ढकवाकर ही हादसाें से बचा जा सकता है। - हेमंत प्रजापति, पार्षद

मौत को न्योता देते नाले।

मौत को न्योता देते नाले।

मौत को न्योता देते नाले।