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बिजली के लिए भूख हड़ताल
Agra
Updated Tue, 12 Feb 2013 05:30 AM IST
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आगरा। एक तरफ लखनऊ से बिजली कटौती लोगों को हाल बेहाल किए हुए है वहीं स्थानीय स्तर पर हुए फाल्ट को ठीक करने में विद्युत निगम के कर्मचारी समय लगा रहे हैं। सत्यमपुरम देवरौठा में 15 दिन पहले फुंके ट्रांसफार्मर को न बदले जाने के विरोध स्थानीय निवासी भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। उन्होंने ट्रांसफार्मर न लगाने के विरोध में भूख हड़ताल की चेतावनी पहले दे दी थी लेकिन दक्षिणांचल के अधिकारियों ने समस्या का समाधान नहीं किया।
देवरौठा के सत्यमपुरम कालोनी में करीब 15 दिन पहले 100 केवी का ट्रांसफार्मर फुंक गया। लोगों ने यहां 250 केवीए का ट्रांसफार्मर लगाने की मांग की लेकिन नहीं अधिकारियों ने ट्रांसफार्मर नहीं बदला। इसके विरोध में डा. रमेश चंद्रा, महावीर, कुंवर सेन, किशनलाल, सहाब सिंह, पप्पी और सुषमा भूख हड़ताल पर बैठ गए। डा. रमेश चंद्रा ने आरोप लगाया कि अधिकारी ट्रांसफार्मर लगाने के लिए पैसे मांग रहे हैं। तीन महीने में पांच बार ट्रांसफार्मर फुंक चुका है। अब तक बीस हजार रुपये खर्च हो चुके हैं। इस संबंध में स्थानीय एसडीओ ओमवीर सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि लोग बिल नहीं जमा करते हैं। बिजली चोरी होती है। लोड से अधिक बिजली उपभोग होने से ट्रांसफार्मर फुंक रहा है। पैसे मांगने का आरोप गलत है।
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देवरौठा के सत्यमपुरम कालोनी में करीब 15 दिन पहले 100 केवी का ट्रांसफार्मर फुंक गया। लोगों ने यहां 250 केवीए का ट्रांसफार्मर लगाने की मांग की लेकिन नहीं अधिकारियों ने ट्रांसफार्मर नहीं बदला। इसके विरोध में डा. रमेश चंद्रा, महावीर, कुंवर सेन, किशनलाल, सहाब सिंह, पप्पी और सुषमा भूख हड़ताल पर बैठ गए। डा. रमेश चंद्रा ने आरोप लगाया कि अधिकारी ट्रांसफार्मर लगाने के लिए पैसे मांग रहे हैं। तीन महीने में पांच बार ट्रांसफार्मर फुंक चुका है। अब तक बीस हजार रुपये खर्च हो चुके हैं। इस संबंध में स्थानीय एसडीओ ओमवीर सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि लोग बिल नहीं जमा करते हैं। बिजली चोरी होती है। लोड से अधिक बिजली उपभोग होने से ट्रांसफार्मर फुंक रहा है। पैसे मांगने का आरोप गलत है।
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