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कुलकुलों के कायल हुए दर्शक
Agra
Updated Fri, 28 Dec 2012 05:30 AM IST
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आगरा। ये परिंदे जरा अलग हैं। इनके पास पर तो हैं लेकिन उड़ान उतनी ही जितनी उस्ताद चाहें। दोनों के बीच गजब का तालमेल है। अपने मालिक के हाव भाव, इशारे से ये अच्छी तरह वाकिफ हैं। इसलिए दर्शक उनके कायल हैं। लालबंद घाघरा, हैदराबादी, नीले, खालें, लाल सिराजी, काले सिराजी, खैरा, भूरे, लाल बंद, चांदनें... कुलकुलों की ये किस्में आकाश में कमाल मचाए हैं। गुरुवार को घने कोहरे के बीच कबूतरों की टोली ने अपने पंख पसारे। अब तक जीत की ताल ठोंकती ताजगंज पार्टी को फीरोजाबाद के हाशिम उस्ताद ने कड़ी टक्कर दी। दोनों टीमों के बीच मुकाबला टाई हो गया। दोनों ने एक-दूसरे के 37 कबूतर पकड़े।
कुलकुलबाजी के मुकाबले में आई पांच टीमों में इन दो टीमों का ही जलवा रहा। बल्लो के कबूतरों की ऊंची उड़ान थी। ताजगंज के मोहम्मद आजिम ने बताया कि हम इन कबूतरों को दो महीने से ट्रेनिंग दे रहे हैं। इन्हें स्पेशल दाना खिलाया जाता है। कबूतर अपने बिस्तर को पहचानता है। हाशिम की गाड़ी में 350, हाजी रज्जाक के पास 400, बल्लो नई बस्ती की गाड़ी में 450 और दिलशाद नाई की मंडी की गाड़ी में 140 कबूतर हैं। इस दौरान दिनेश चौधरी, पप्पू उस्ताद, मटरो चौधरी, असलम उस्ताद, दानिश उस्ताद आदि मौजूद थे। शुक्रवार को चौथे दिन कुबेरपुर के मैदान में कुलकुलबाजी का मुकाबला होगा।
एक गाड़ी पर तीन लाख का खर्चा
उस्ताद दिनेश चौधरी ने बताया कि एक गाड़ी भरने में तीन लाख का खर्चा होता है। हर गाड़ी में 400-500 कबूतर होते हैं, जिनकी कीमत 400 रुपये से शुरू होती है। पांच दिन तक उनका दाना-पानी, गाड़ी का किराया, सब मिलाकर ढाई से तीन लाख रुपये खर्च हो जाते हैं।
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कुलकुलबाजी के मुकाबले में आई पांच टीमों में इन दो टीमों का ही जलवा रहा। बल्लो के कबूतरों की ऊंची उड़ान थी। ताजगंज के मोहम्मद आजिम ने बताया कि हम इन कबूतरों को दो महीने से ट्रेनिंग दे रहे हैं। इन्हें स्पेशल दाना खिलाया जाता है। कबूतर अपने बिस्तर को पहचानता है। हाशिम की गाड़ी में 350, हाजी रज्जाक के पास 400, बल्लो नई बस्ती की गाड़ी में 450 और दिलशाद नाई की मंडी की गाड़ी में 140 कबूतर हैं। इस दौरान दिनेश चौधरी, पप्पू उस्ताद, मटरो चौधरी, असलम उस्ताद, दानिश उस्ताद आदि मौजूद थे। शुक्रवार को चौथे दिन कुबेरपुर के मैदान में कुलकुलबाजी का मुकाबला होगा।
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एक गाड़ी पर तीन लाख का खर्चा
उस्ताद दिनेश चौधरी ने बताया कि एक गाड़ी भरने में तीन लाख का खर्चा होता है। हर गाड़ी में 400-500 कबूतर होते हैं, जिनकी कीमत 400 रुपये से शुरू होती है। पांच दिन तक उनका दाना-पानी, गाड़ी का किराया, सब मिलाकर ढाई से तीन लाख रुपये खर्च हो जाते हैं।
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