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मारपीट के बाद आमने-सामने अधिवक्ता और कर्मचारी
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मारपीट के बाद आमने-सामने अधिवक्ता और कर्मचारी
- फोटो : अमर उजाला
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जलेसर (एटा)। तहसील परिसर में सोमवार को अधिवक्ताओं और कानूनगो के बीच हुई मारपीट के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। मंगलवार को तहसील कर्मचारियों ने कार्यालय में ताला लगाकर कार्य बहिष्कार किया। वहीं अधिवक्ताओं ने भी कार्रवाई न होने तक कार्य न करने की घोषणा की है। इसके चलते मंगलवार को पूरे दिन तहसील का माहौल गर्म रहा। इसके चलते कार्य के लिए पहुंचने वाले लोगों को परेशानी भी उठानी पड़ी।
कार्यालयों में नहीं हुआ काम
जलेसर। कर्मचारियों का आरोप है कि अधिवक्ता 2017 के आदेश पर जबरन दाखिल खारिज कराना चाहते थे। जब कि यह प्रक्रिया न्यायालय में होनी चाहिए, उसके बाद ही दाखिला खारिज हो सकता है। कई बार मना करने के बाद भी अधिवक्ता नहीं माने और मारपीट की घटना को अंजाम दिया है। इस प्रकरण में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद भी कार्यवाई न होने से मजबूरी में कर्मचारियों को अनिश्चित कालीन तालाबंदी करनी पड़ी है। विवाद के बाद कार्य बहिष्कार कराने और धरने पर बैठने वाले कर्मचारियों में महेश बाबू कानूनगो, राजकुमार, आर के, सुरेश चंद्र, जितेंद्र कुमार, विशाल राजपूत, सुनील कुमार जैन, कलक्ट्रेट संघ के कार्यवाहक अध्यक्ष महेश यादव, संजीव कुमार कुलश्रेष्ठ, शैलेंद्र कुमार, रवीन्द्र कुमार, राजवीर सिंह, लक्ष्मी नरायन, मीरा शर्मा, अलका जादौन, नगीना खानम, रेखा देवी आदि की भूमिका प्रमुख रही।
जारी रखेंगे न्यायिक कार्य का बहिष्कार
जलेसर (एटा)। अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष लायक सिंह यादव की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। इसमें अधिवक्ताओं ने रजिस्ट्रार कानूनगो पर आरोप लगाया है कि रजिस्ट्रार कानूनगो बिना सुविधा शुल्क लिए कोई कार्य नहीं करते। अधिवक्ताओं की ओर से तहसीलदार के आदेशों को देने के बाद भी फाड़ दिया और अधिवक्ताओं के साथ अभद्रता की गई। अधिवक्ताओं ने मांग की है कि जब तक रजिस्ट्रार कानूनगो के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई नहीं होगी, तब तक अधिवक्ता न्यायिक कार्य का बहिष्कार जारी रखेंगे। उक्त निर्णय की जानकारी अधिवक्ताओं ने एसडीएम के माध्यम से जिलाधिकारी एटा, मुख्यमंत्री, अध्यक्ष बोर्ड ऑफ रेवन्यू लखनऊ, आयुक्त अलीगढ़ मंडल को भी भेजी है। प्रकरण को लेकर अधिवक्ताओं ने बैठक आयोजित की। इसमें कैलाश चन्द्र मित्तल, रमेशपाल सिंह, जेपी सिंह, नरेंद्र यादव, पूर्व अध्यक्ष सोवरन सिंह, जयशंकर गौड़, संजीव कुमार, नागेंद्र यादव, रामप्रकाश सिंह, रामनरेश यादव, कमलेश सारस्वत, रामदेव यादव, रामनिवास यादव, सुरेंद्र पचौरी, सुनील दीक्षित आदि मौजूद रहे।
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इन कार्यालयों मे लगे रहे ताले
जलेसर। अधिवक्ता और रजिस्ट्रार कानूनगो के बीच हुए विवाद के बाद से उप जिलाधिकारी, तहसीलदार न्यायालय, चकबंदी कार्यालय, कोषागार, रजिस्ट्री कार्यालय के साथ लेखपाल एवं संग्रह अमीन अनुभाग आपूर्ति कार्यालय में तालाबंदी कर कार्य बहिष्कार किया गया।
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कार्यालयों में नहीं हुआ काम
जलेसर। कर्मचारियों का आरोप है कि अधिवक्ता 2017 के आदेश पर जबरन दाखिल खारिज कराना चाहते थे। जब कि यह प्रक्रिया न्यायालय में होनी चाहिए, उसके बाद ही दाखिला खारिज हो सकता है। कई बार मना करने के बाद भी अधिवक्ता नहीं माने और मारपीट की घटना को अंजाम दिया है। इस प्रकरण में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद भी कार्यवाई न होने से मजबूरी में कर्मचारियों को अनिश्चित कालीन तालाबंदी करनी पड़ी है। विवाद के बाद कार्य बहिष्कार कराने और धरने पर बैठने वाले कर्मचारियों में महेश बाबू कानूनगो, राजकुमार, आर के, सुरेश चंद्र, जितेंद्र कुमार, विशाल राजपूत, सुनील कुमार जैन, कलक्ट्रेट संघ के कार्यवाहक अध्यक्ष महेश यादव, संजीव कुमार कुलश्रेष्ठ, शैलेंद्र कुमार, रवीन्द्र कुमार, राजवीर सिंह, लक्ष्मी नरायन, मीरा शर्मा, अलका जादौन, नगीना खानम, रेखा देवी आदि की भूमिका प्रमुख रही।
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जारी रखेंगे न्यायिक कार्य का बहिष्कार
जलेसर (एटा)। अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष लायक सिंह यादव की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। इसमें अधिवक्ताओं ने रजिस्ट्रार कानूनगो पर आरोप लगाया है कि रजिस्ट्रार कानूनगो बिना सुविधा शुल्क लिए कोई कार्य नहीं करते। अधिवक्ताओं की ओर से तहसीलदार के आदेशों को देने के बाद भी फाड़ दिया और अधिवक्ताओं के साथ अभद्रता की गई। अधिवक्ताओं ने मांग की है कि जब तक रजिस्ट्रार कानूनगो के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई नहीं होगी, तब तक अधिवक्ता न्यायिक कार्य का बहिष्कार जारी रखेंगे। उक्त निर्णय की जानकारी अधिवक्ताओं ने एसडीएम के माध्यम से जिलाधिकारी एटा, मुख्यमंत्री, अध्यक्ष बोर्ड ऑफ रेवन्यू लखनऊ, आयुक्त अलीगढ़ मंडल को भी भेजी है। प्रकरण को लेकर अधिवक्ताओं ने बैठक आयोजित की। इसमें कैलाश चन्द्र मित्तल, रमेशपाल सिंह, जेपी सिंह, नरेंद्र यादव, पूर्व अध्यक्ष सोवरन सिंह, जयशंकर गौड़, संजीव कुमार, नागेंद्र यादव, रामप्रकाश सिंह, रामनरेश यादव, कमलेश सारस्वत, रामदेव यादव, रामनिवास यादव, सुरेंद्र पचौरी, सुनील दीक्षित आदि मौजूद रहे।
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इन कार्यालयों मे लगे रहे ताले
जलेसर। अधिवक्ता और रजिस्ट्रार कानूनगो के बीच हुए विवाद के बाद से उप जिलाधिकारी, तहसीलदार न्यायालय, चकबंदी कार्यालय, कोषागार, रजिस्ट्री कार्यालय के साथ लेखपाल एवं संग्रह अमीन अनुभाग आपूर्ति कार्यालय में तालाबंदी कर कार्य बहिष्कार किया गया।