{"_id":"5c1bc3debdec22571d7df96a","slug":"91545323486-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सात पुलिसकर्मियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सात पुलिसकर्मियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मैनपुरी। थाना भोगांव क्षेत्र के एक युवक को 31 साल पहले फर्जी तरीके से तमंचा सहित पकड़कर जेल भेजने के मामले में तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक सहित सात पुलिसकर्मियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए गए हैं। युवक के भाई की शिकायत पर हुई जांच में सीबीसीआईडी आगरा इकाई ने सभी पुलिसकर्मियों को दोषी पाया था।
सीबीसीआईडी के खंडाधिकारी प्रमोद कुमार ने वर्ष 1991 में कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सीजेएम कोर्ट में चार्जशीट आने के बाद उनके खिलाफ कोर्ट से समन और वारंट जारी किए गए। वारंट जारी होने के बाद भी पुलिस आज तक उनको गिरफ्तार नहीं कर सकी है। आरोपियों के अदालत में नहीं आने से मुकदमे की सुनवाई नहीं हो पा रही है। सीजेएम शक्ति सिंह ने पुलिसकर्मियों के खिलाफ जारी किए गए गैर जमानती वारंट तामील कराने के लिए संबंधित जिलों के पुलिस कप्तान को भेजे हैं। मुकदमे की सुनवाई के लिए 16 जनवरी की तारीख सीजेएम ने तय कर दी है।
यह था मामला
थाना भोगांव के नगला शीश निवासी जोगराज को थाना भोगांव पुलिस ने तमंचा रखने के आरोप में 15 जुलाई 1987 को जेल भेजा था। जोगराज के भाई श्रीकृष्ण ने थाना भोगांव के प्रभारी निरीक्षक पीसी पाठक, एसएसआई शिवकुमार चंदेल, सिपाही लाखन सिंह राणा, महेंद्र सिंह, जगदीश, रामप्रकाश, जीप चालक हरीसिंह पर घर में घुसकर भाई जोगराज, पिता महेश के साथ मारपीट करने तथा जेवर लूटने का आरोप लगाया था।
विज्ञापन
शासन ने कराई सीबीसीआईडी जांच
श्रीकृष्ण की शिकायत पर शासन ने मामले की सीबीसीआईडी जांच कराई थी। सीबीसीआईडी के एसपी अनिल दासज की देखरेख में खंडाधिकारी प्रमोद कुमार ने जांच की थी। जांच में सभी पुलिसकर्मी दोषी पाए गए थे। शासन की सचिव लीना चौधरी ने 19 नवंबर 2011 को उनके खिलाफ मुकदमा चलाने की स्वीकृति दी थी।
सेवानिवृत्त हो चुके हैं पुलिसकर्मी
सभी आरोपी पुलिसकर्मी अब सेवानिवृत्त हो चुके हैं। पीसी पाठक गाजियाबाद, शिवकुमार चंदेल रमाबाईनगर, लाख सिंह राणा मेरठ, महेंद्र सिंह हाथरस, जगदीश फिरोजाबाद, रामप्रकाश एटा तथा हरीसिंह आगरा के रहने वाले हैं।
पुलिसकर्मियों पर यह हैं आरोप
सीबीसीआईडी जांच में पुलिसकर्मियों पर गंभीर धाराओं में आरोप तय किए गए हैं। उन पर झूठी गवाही देना, गलत तथ्यों के रिकार्ड बनाना, अवैध रूप से बंधक बनाना, मारपीट करना, अपराध करने की साजिश रचना के आरोप में चार्जशीट कोर्ट में भेजी गई है।
विज्ञापन
सीबीसीआईडी के खंडाधिकारी प्रमोद कुमार ने वर्ष 1991 में कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सीजेएम कोर्ट में चार्जशीट आने के बाद उनके खिलाफ कोर्ट से समन और वारंट जारी किए गए। वारंट जारी होने के बाद भी पुलिस आज तक उनको गिरफ्तार नहीं कर सकी है। आरोपियों के अदालत में नहीं आने से मुकदमे की सुनवाई नहीं हो पा रही है। सीजेएम शक्ति सिंह ने पुलिसकर्मियों के खिलाफ जारी किए गए गैर जमानती वारंट तामील कराने के लिए संबंधित जिलों के पुलिस कप्तान को भेजे हैं। मुकदमे की सुनवाई के लिए 16 जनवरी की तारीख सीजेएम ने तय कर दी है।
विज्ञापन
यह था मामला
थाना भोगांव के नगला शीश निवासी जोगराज को थाना भोगांव पुलिस ने तमंचा रखने के आरोप में 15 जुलाई 1987 को जेल भेजा था। जोगराज के भाई श्रीकृष्ण ने थाना भोगांव के प्रभारी निरीक्षक पीसी पाठक, एसएसआई शिवकुमार चंदेल, सिपाही लाखन सिंह राणा, महेंद्र सिंह, जगदीश, रामप्रकाश, जीप चालक हरीसिंह पर घर में घुसकर भाई जोगराज, पिता महेश के साथ मारपीट करने तथा जेवर लूटने का आरोप लगाया था।
विज्ञापन
शासन ने कराई सीबीसीआईडी जांच
श्रीकृष्ण की शिकायत पर शासन ने मामले की सीबीसीआईडी जांच कराई थी। सीबीसीआईडी के एसपी अनिल दासज की देखरेख में खंडाधिकारी प्रमोद कुमार ने जांच की थी। जांच में सभी पुलिसकर्मी दोषी पाए गए थे। शासन की सचिव लीना चौधरी ने 19 नवंबर 2011 को उनके खिलाफ मुकदमा चलाने की स्वीकृति दी थी।
सेवानिवृत्त हो चुके हैं पुलिसकर्मी
सभी आरोपी पुलिसकर्मी अब सेवानिवृत्त हो चुके हैं। पीसी पाठक गाजियाबाद, शिवकुमार चंदेल रमाबाईनगर, लाख सिंह राणा मेरठ, महेंद्र सिंह हाथरस, जगदीश फिरोजाबाद, रामप्रकाश एटा तथा हरीसिंह आगरा के रहने वाले हैं।
पुलिसकर्मियों पर यह हैं आरोप
सीबीसीआईडी जांच में पुलिसकर्मियों पर गंभीर धाराओं में आरोप तय किए गए हैं। उन पर झूठी गवाही देना, गलत तथ्यों के रिकार्ड बनाना, अवैध रूप से बंधक बनाना, मारपीट करना, अपराध करने की साजिश रचना के आरोप में चार्जशीट कोर्ट में भेजी गई है।