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शस्त्र लाइसेंस को ब्लैक में मिल रहे स्टांप
Updated Tue, 23 Oct 2018 12:11 AM IST
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मैनपुरी। शस्त्र लाइसेंस के आवेदन शुरू होने के बाद स्टांप की कालाबाजारी भी शुरू हो गई है। आवेदकों को स्टांप लेने के लिए परेशानियों से दो-चार होना पड़ रहा है। हाल ये है कि स्टांप के लिए कीमत से पांच गुना अधिक रकम चुकानी पड़ रही है। इससे आवेदक खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं।
हाल ही में शासन ने शस्त्र लाइसेंस के आवेदन की अनुमति दी है। तब से अब तक नवीन शस्त्र लाइसेंस के दो हजार से अधिक आवेदन आ चुके हैं। साथ ही स्थानांतरण व विरासत के शस्त्र लाइसेंस के आवेदन भी लगभग 500 के ऊपर आ चुके हैं। नवीन शस्त्र लाइसेंस में जहां दो शपथ पत्र लगते हैं।
वहीं स्थानांतरण व विरासत के शस्त्र लाइसेंस के आवेदन में आवेदक के दो व परिवार के प्रत्येक सदस्य का शपथ पत्र देना होता है। ये शपथ पत्र दस रुपये के स्टांप पर बनाए जाते हैं, लेकिन इन दिनों आवेदकों को दस रुपये के स्टांप के लिए 50 रुपये चुकाने पड़ रहे हैं। इसके बाद उसे प्रिंट कराने, नोटरी कराने व टिकट में 70 रुपये का खर्च आता है।
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ऐसे में एक शपथ पत्र बनवाने 120 रुपये देने पड़ रहे हैं।
चौकाने वाली बात ये है कि ये सब कलक्ट्रेट में जिलाधिकारी की नाक के नीचे हो रहा है, लेकिन उन्हें इसकी भनक तक नहीं है। आवेदकों को मजबूरी में अधिक रुपये देने पड़ रहे हैं। अक्सर वह प्रशासन और सरकार को कोसते रहते हैं।
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हाल ही में शासन ने शस्त्र लाइसेंस के आवेदन की अनुमति दी है। तब से अब तक नवीन शस्त्र लाइसेंस के दो हजार से अधिक आवेदन आ चुके हैं। साथ ही स्थानांतरण व विरासत के शस्त्र लाइसेंस के आवेदन भी लगभग 500 के ऊपर आ चुके हैं। नवीन शस्त्र लाइसेंस में जहां दो शपथ पत्र लगते हैं।
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वहीं स्थानांतरण व विरासत के शस्त्र लाइसेंस के आवेदन में आवेदक के दो व परिवार के प्रत्येक सदस्य का शपथ पत्र देना होता है। ये शपथ पत्र दस रुपये के स्टांप पर बनाए जाते हैं, लेकिन इन दिनों आवेदकों को दस रुपये के स्टांप के लिए 50 रुपये चुकाने पड़ रहे हैं। इसके बाद उसे प्रिंट कराने, नोटरी कराने व टिकट में 70 रुपये का खर्च आता है।
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ऐसे में एक शपथ पत्र बनवाने 120 रुपये देने पड़ रहे हैं।
चौकाने वाली बात ये है कि ये सब कलक्ट्रेट में जिलाधिकारी की नाक के नीचे हो रहा है, लेकिन उन्हें इसकी भनक तक नहीं है। आवेदकों को मजबूरी में अधिक रुपये देने पड़ रहे हैं। अक्सर वह प्रशासन और सरकार को कोसते रहते हैं।