{"_id":"5b9e6bfb867a55019d617114","slug":"91537108987-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"महानगर में भी मलेरिया और डेंगू का खतरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महानगर में भी मलेरिया और डेंगू का खतरा
Updated Sun, 16 Sep 2018 08:39 PM IST
विज्ञापन
डैमो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मथुरा। मानसून के जाते ही अब जिले में मंडरा रहे मलेरिया-डेंगू की दृष्टि से स्वास्थ्य विभाग ने भी सजगता दिखाई है। नर्सिंग होम-पैथोलॉजी संचालकों को मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने पत्र भेजकर अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। एडीज इजिप्टाई द्वारा फैलने वाले इस रोग से बचने की सलाह लोगों को भी दी जा रही है।
सीएमओ डॉ. शेर सिंह ने बताया कि डेंगू का वायरस इन मच्छरों द्वारा प्रभावित रोगी से दूसरे स्वस्थ व्यक्ति में फैलता है। बुखार के साथ रोगी के शरीर में दाने निकलने लगते हैं। मुंह, नाक, मल-मूत्र तथा योनि से भी रक्तस्त्राव होने की संभावना रहती है। यही डेंगू हीमोरेजिक बुखार है। बताया कि प्लेटलेट्स कम होना डेंगू की पुष्टि नहीं करता, सभी प्रकार के वायरल संक्रमण तथा बीमारियों में भी यह स्थिति बन जाती है।
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. आरके सिंह ने बताया कि रोगी की जांच में डेंगू की पुष्टि होने पर इसकी सूचना कंट्रोल रूम व डीएमओ कार्यालय में दें, जिससे उसका इलाज कराया जा सके। आशंका होने पर इसकी पुष्टि एसजीपीजीआई लखनऊ, केजीएमयू लखनऊ रीजनल लैब स्वास्थ्य भवन, रीजनल लैब गाजियाबाद व गोरखपुर में कराने की व्यवस्था शासन द्वारा की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सीएमओ डॉ. शेर सिंह ने बताया कि डेंगू का वायरस इन मच्छरों द्वारा प्रभावित रोगी से दूसरे स्वस्थ व्यक्ति में फैलता है। बुखार के साथ रोगी के शरीर में दाने निकलने लगते हैं। मुंह, नाक, मल-मूत्र तथा योनि से भी रक्तस्त्राव होने की संभावना रहती है। यही डेंगू हीमोरेजिक बुखार है। बताया कि प्लेटलेट्स कम होना डेंगू की पुष्टि नहीं करता, सभी प्रकार के वायरल संक्रमण तथा बीमारियों में भी यह स्थिति बन जाती है।
विज्ञापन
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. आरके सिंह ने बताया कि रोगी की जांच में डेंगू की पुष्टि होने पर इसकी सूचना कंट्रोल रूम व डीएमओ कार्यालय में दें, जिससे उसका इलाज कराया जा सके। आशंका होने पर इसकी पुष्टि एसजीपीजीआई लखनऊ, केजीएमयू लखनऊ रीजनल लैब स्वास्थ्य भवन, रीजनल लैब गाजियाबाद व गोरखपुर में कराने की व्यवस्था शासन द्वारा की गई है।
विज्ञापन