{"_id":"5b3e53d54f1c1b0a278b4ab8","slug":"91530811349-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जल्द मिलेगी बंदरों के आतंक से मुक्ति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जल्द मिलेगी बंदरों के आतंक से मुक्ति
Updated Thu, 05 Jul 2018 11:15 PM IST
विज्ञापन
demo pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कासगंज। जनपद में बंदरों व कुतों के आतंक से लोगों को जल्द निजात मिलेगी। वहीं किसानों को नील गाय व जंगली सुअरों के आतंक से मुक्ति दिलाई जाएगी। डीएम आरपी सिंह ने वन विभाग को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं।
जनपद में बंदरों व आवारा कुत्तों का काफी आतंक है। बुधवार को एक कारोबारी बंदर के हमले में मौत का शिकार हो गया। प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग इनके काटने का शिकार हो रहे हैं। यहां तक कि लोग मौत के आगोश में भी समा रहे हैं। जबकि जंगली सुअर व नील गाय किसानों की सिरदर्द बनी हैं। इनके उत्पात से किसानों की फसल बर्बाद हो रही है। लोगों को राहत देने के लिए जिलाधिकारी ने वन विभाग के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं। डीएम ने कहा कि बंदरों को पकड़वाकर दूर दराज के जंगली क्षेत्रों में छुडवाया जाए। अभियान की वीडियो ग्राफी कराई जाए। जबकि आवरा देशी कुत्तों को पकड़कर उनकी नसबंदी कराई जाए। जिससे उनकी संख्या नियंत्रित हो सके। प्रभागीय वनाधिकारी संजीव कुमार शर्मा ने बताया कि बन्दरों को पकड़वाने के लिये शीघ्र कार्यवाही शुरू करा दी जायेगी। नील गाय व जंगली सुअरों को मारने के लिये किसान सक्षम अधिकारियों से लिखित प्राप्त कर सकते हैं।
विज्ञापन
जनपद में बंदरों व आवारा कुत्तों का काफी आतंक है। बुधवार को एक कारोबारी बंदर के हमले में मौत का शिकार हो गया। प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग इनके काटने का शिकार हो रहे हैं। यहां तक कि लोग मौत के आगोश में भी समा रहे हैं। जबकि जंगली सुअर व नील गाय किसानों की सिरदर्द बनी हैं। इनके उत्पात से किसानों की फसल बर्बाद हो रही है। लोगों को राहत देने के लिए जिलाधिकारी ने वन विभाग के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं। डीएम ने कहा कि बंदरों को पकड़वाकर दूर दराज के जंगली क्षेत्रों में छुडवाया जाए। अभियान की वीडियो ग्राफी कराई जाए। जबकि आवरा देशी कुत्तों को पकड़कर उनकी नसबंदी कराई जाए। जिससे उनकी संख्या नियंत्रित हो सके। प्रभागीय वनाधिकारी संजीव कुमार शर्मा ने बताया कि बन्दरों को पकड़वाने के लिये शीघ्र कार्यवाही शुरू करा दी जायेगी। नील गाय व जंगली सुअरों को मारने के लिये किसान सक्षम अधिकारियों से लिखित प्राप्त कर सकते हैं।
विज्ञापन