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मां और बेटे की हत्या कर शव बोरे में बंद करके फेंके
Updated Thu, 24 May 2018 08:20 PM IST
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डैमो
- फोटो : google
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मथुरा। दस साल पहले मर चुके रिटायर्ड हेडमास्टर की दूसरी बीवी और उसके बेटे का बेरहमी से कत्ल कर दिया गया। गुरुवार की सुबह दोनों के शव गौसना टीले के पास सड़क किनारे बोरे में बंद मिले। शरीर पर बने जख्मों से साफ है कि पहले दोनों को डंडों से पीटा गया है और फिर गला घोंट दिया गया।
मां-बेटे के कत्ल के पीछे हेडमास्टर की पेंशन और ग्रेच्युटी का विवाद बताया जा रहा है। इस मामले में हेडमास्टर की पहली पत्नी के बेटे, बेटी, दामाद, भाई के साथ छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। यह सनसनीखेज कत्ल 22 मई का माना जा रहा है। यमुनापार शिवनगर कालोनी निवासी श्रीमती (45) बेटे राहुल (16) के साथ बैंक से पति रूमीलाल की पेंशन का पैसा निकालने के लिए गई थी।
दोनों मां-बेटे सुबह को करीब दस बजे घर से निकले। लेकिन शाम तक भी वापस नहीं लौटे। दोनों की तलाश भी की गई लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। गुरुवार को मां बेटे के शव गौसना टीले के पास सड़क किनारे प्लास्टिक के दो अलग-अलग बोरों में मिले। शव बुरी तरह से सड़ गए थे।
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श्रीमती के बच्चों ने पहुंचकर शिनाख्त की। इस मामले में श्रीमती की बेटी आशा ने हेडमास्टर की पहली पत्नी के बेटे कृष्णा, बेटी प्रीति और दामाद प्रमोद के साथ परिवार के छह लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। सीओ सदर राकेश कुमार ने बताया कि रूमीलाल प्राइमरी स्कूल में हेडमास्टर थे।
उनकी पहली पत्नी मंगलेश की मौत बीस साल पहले हो गई थी। रूमीलाल ने अपने घर में चौका बर्तन करने वाली श्रीमती से दूसरी शादी कर ली थी। श्रीमती को शिवनगर में एक मकान खरीदकर दिलवा दिया था जहां वह अपने बच्चों के साथ रहती थी। जबकि रूमीलाल की पहली पत्नी के बच्चे बिहारी का बगीचा में रहते थे। रूमीलाल की मौत 2008 में हो गई थी। रूमीलाल की मौत के बाद श्रीमती को पेंशन मिलने लगी। इसी पर पहली पत्नी के बच्चे उससे दुश्मनी रखने लगे थे।
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मां-बेटे के कत्ल के पीछे हेडमास्टर की पेंशन और ग्रेच्युटी का विवाद बताया जा रहा है। इस मामले में हेडमास्टर की पहली पत्नी के बेटे, बेटी, दामाद, भाई के साथ छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। यह सनसनीखेज कत्ल 22 मई का माना जा रहा है। यमुनापार शिवनगर कालोनी निवासी श्रीमती (45) बेटे राहुल (16) के साथ बैंक से पति रूमीलाल की पेंशन का पैसा निकालने के लिए गई थी।
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दोनों मां-बेटे सुबह को करीब दस बजे घर से निकले। लेकिन शाम तक भी वापस नहीं लौटे। दोनों की तलाश भी की गई लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। गुरुवार को मां बेटे के शव गौसना टीले के पास सड़क किनारे प्लास्टिक के दो अलग-अलग बोरों में मिले। शव बुरी तरह से सड़ गए थे।
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श्रीमती के बच्चों ने पहुंचकर शिनाख्त की। इस मामले में श्रीमती की बेटी आशा ने हेडमास्टर की पहली पत्नी के बेटे कृष्णा, बेटी प्रीति और दामाद प्रमोद के साथ परिवार के छह लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। सीओ सदर राकेश कुमार ने बताया कि रूमीलाल प्राइमरी स्कूल में हेडमास्टर थे।
उनकी पहली पत्नी मंगलेश की मौत बीस साल पहले हो गई थी। रूमीलाल ने अपने घर में चौका बर्तन करने वाली श्रीमती से दूसरी शादी कर ली थी। श्रीमती को शिवनगर में एक मकान खरीदकर दिलवा दिया था जहां वह अपने बच्चों के साथ रहती थी। जबकि रूमीलाल की पहली पत्नी के बच्चे बिहारी का बगीचा में रहते थे। रूमीलाल की मौत 2008 में हो गई थी। रूमीलाल की मौत के बाद श्रीमती को पेंशन मिलने लगी। इसी पर पहली पत्नी के बच्चे उससे दुश्मनी रखने लगे थे।