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कैसे हो प्रयोगात्मक परीक्षा, कालेजों में नहीं पहुंचे परीक्षक
Updated Sat, 30 Dec 2017 11:45 PM IST
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यूसर्क के जागरूकता कार्यक्रम में मौजूद स्कूली बच्चे।
- फोटो : amar ujala
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मैनपुरी। यूपी बोर्ड परीक्षा में शामिल होने जा रहे 100 से अधिक इंटर कालेजों के सामने संकट खड़ा हो गया है। इनमें अध्ययनरत छात्र-छात्राओं की प्रयोगात्मक परीक्षाएं नहीं हो सकी हैं। इसका कारण है कि विभाग ने जिन परीक्षकों की इन कालेजों के लिए तैनाती की थी वो निर्धारित तिथि तक संबंधित कालेज में पहुंचे ही नहीं।
प्रधानाचार्यों ने इस संबंध में जिलाधिकारी को लिखित में अवगत कराया है। माध्यमिक शिक्षक परिषद उत्तर प्रदेश ने यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट के जनपद के छात्र-छात्राओं की प्रयोगात्मक परीक्षा के लिए 15 से 30 दिसंबर तक की तिथि निर्धारित की थी।
इसके लिए परिषद ने बाहरी जनपदों से परीक्षकों की तैनाती की थी। लेकिन जनपद में 100 से अधिक कालेजों के लिए जिन परीक्षकों को जिम्मेदारी सौंपी थी वे परीक्षक प्रयोगात्मक परीक्षाओं के लिए संबंधित कालेजों में पहुंचे ही नहीं।
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परीक्षकों के न आने से बोर्ड परीक्षार्थियों को चिंता सता रही है। छह फरवरी से परीक्षाएं हैं। समय से प्रयोगात्मक परीक्षाएं न होने के कारण छात्रों की लिखित परीक्षा की तैयारी प्रभावित हो रही है। साथ ही कालेज संचालकों को भी चिंता सता रही है कि यदि परीक्षा से पहले प्रयोगात्मक परीक्षाएं नहीं कराई गईं तो छात्र-छात्राओं का परिणाम लटक सकता है।
ऐसे में डीआईओएस कार्यालय पर शिकायत करने वाले प्रधानाचार्यों की भीड़ देखी जा रही है। डीआईओएस कार्यालय में दर्ज रिकार्ड के अनुसार अब तक 75 कालेजों के प्रधानाचार्यों ने परीक्षक न आने की जानकारी लिखित में दी है।
परिषद को ऑनलाइन दी जा रही है जानकारी
मैनपुरी। डीआईओएस कार्यालय में परीक्षकों को लेकर कार्य भी चल रहा है। परीक्षा प्रभारी लिपिक कौशलेंद्र मिश्रा ने बताया कि अभी तक 75 कालेजों से परीक्षक न आने के पत्र प्राप्त हुए हैं, जिनके अनुसार परिषद की वेबसाइट पर नए परीक्षक के लिए जानकारी अपलोड करा दी गई है। इससे नए परीक्षक की तैनाती की जा सके।
जिन कालेजों में परीक्षक नहीं पहुंचे हैं, उनसे जानकारी प्राप्त हो रही है। इस संबंध में परिषद कार्यालय को समय से अवगत कराया जा रहा है। जैसे ही नए परीक्षकों की सूची मिलेगी। संबंधित कालेजों को जानकारी दे दी जाएगी।
जीएस राजपूत, डीआईओएस
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प्रधानाचार्यों ने इस संबंध में जिलाधिकारी को लिखित में अवगत कराया है। माध्यमिक शिक्षक परिषद उत्तर प्रदेश ने यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट के जनपद के छात्र-छात्राओं की प्रयोगात्मक परीक्षा के लिए 15 से 30 दिसंबर तक की तिथि निर्धारित की थी।
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इसके लिए परिषद ने बाहरी जनपदों से परीक्षकों की तैनाती की थी। लेकिन जनपद में 100 से अधिक कालेजों के लिए जिन परीक्षकों को जिम्मेदारी सौंपी थी वे परीक्षक प्रयोगात्मक परीक्षाओं के लिए संबंधित कालेजों में पहुंचे ही नहीं।
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परीक्षकों के न आने से बोर्ड परीक्षार्थियों को चिंता सता रही है। छह फरवरी से परीक्षाएं हैं। समय से प्रयोगात्मक परीक्षाएं न होने के कारण छात्रों की लिखित परीक्षा की तैयारी प्रभावित हो रही है। साथ ही कालेज संचालकों को भी चिंता सता रही है कि यदि परीक्षा से पहले प्रयोगात्मक परीक्षाएं नहीं कराई गईं तो छात्र-छात्राओं का परिणाम लटक सकता है।
ऐसे में डीआईओएस कार्यालय पर शिकायत करने वाले प्रधानाचार्यों की भीड़ देखी जा रही है। डीआईओएस कार्यालय में दर्ज रिकार्ड के अनुसार अब तक 75 कालेजों के प्रधानाचार्यों ने परीक्षक न आने की जानकारी लिखित में दी है।
परिषद को ऑनलाइन दी जा रही है जानकारी
मैनपुरी। डीआईओएस कार्यालय में परीक्षकों को लेकर कार्य भी चल रहा है। परीक्षा प्रभारी लिपिक कौशलेंद्र मिश्रा ने बताया कि अभी तक 75 कालेजों से परीक्षक न आने के पत्र प्राप्त हुए हैं, जिनके अनुसार परिषद की वेबसाइट पर नए परीक्षक के लिए जानकारी अपलोड करा दी गई है। इससे नए परीक्षक की तैनाती की जा सके।
जिन कालेजों में परीक्षक नहीं पहुंचे हैं, उनसे जानकारी प्राप्त हो रही है। इस संबंध में परिषद कार्यालय को समय से अवगत कराया जा रहा है। जैसे ही नए परीक्षकों की सूची मिलेगी। संबंधित कालेजों को जानकारी दे दी जाएगी।
जीएस राजपूत, डीआईओएस