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आंकड़ों की वजह से टल सकती है जिले में सूखे की आशंका
Updated Tue, 25 Jul 2017 09:58 PM IST
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आगरा। मानसून के दौरान जिले में बारिश भले ही कम पड़ी हो लेकिन आंकड़ों में सूखे की आशंका टालने भर के लिए काफी पानी पड़ चुका है। इसकी सूचना शासन को भेजी जा चुकी है। ऐसे में किसानों को मायूस होना पड़ सकता है।
जिले में इस बार काफी कम बारिश हुई है। न कहीं जलभराव की ज्यादा नौबत आई और न ही गांवों में तालाब-पोखर भर पाए। फसल के लिए किसान अभी भी मानसून की बारिश का रास्ता देख रहे हैं। जुलाई में अब तक फसल के अनुरूप बारिश नहीं हुई।
ऐसे में किसानों को उम्मीद है कि सूखाग्रस्त क्षेत्र घोषित कर उन्हें सरकार की ओर से राहत मिल सकती है। मगर, दैवीय आपदा प्रबंधन कार्यालय की रिपोर्ट के मुताबिक, जुलाई में 196 एमएम बारिश होनी चाहिए। इसके मुकाबले अब तक 116 एमए बारिश हो चुकी है, जो 33 फीसदी से अधिक है। सूखाग्र्रस्त 33 फीसदी बारिश कम होने पर ही घोषित किया जाता है।
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जिले में इस बार काफी कम बारिश हुई है। न कहीं जलभराव की ज्यादा नौबत आई और न ही गांवों में तालाब-पोखर भर पाए। फसल के लिए किसान अभी भी मानसून की बारिश का रास्ता देख रहे हैं। जुलाई में अब तक फसल के अनुरूप बारिश नहीं हुई।
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ऐसे में किसानों को उम्मीद है कि सूखाग्रस्त क्षेत्र घोषित कर उन्हें सरकार की ओर से राहत मिल सकती है। मगर, दैवीय आपदा प्रबंधन कार्यालय की रिपोर्ट के मुताबिक, जुलाई में 196 एमएम बारिश होनी चाहिए। इसके मुकाबले अब तक 116 एमए बारिश हो चुकी है, जो 33 फीसदी से अधिक है। सूखाग्र्रस्त 33 फीसदी बारिश कम होने पर ही घोषित किया जाता है।
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