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गैंगरेप मामले की क्राइम ब्रांच ने शुरू की जांच
Updated Thu, 20 Jul 2017 11:43 PM IST
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फिरोजाबाद। वर्ष 2013 में एका में हुए चर्चित गैंगरेप कांड में एसएसपी अजय कुमार ने क्राइम ब्रांच को जांच सौंपी थी। पीड़िता ने मामले में एक बार फिर से न्याय की गुहार लगाई है। एसएसपी ने मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी है।
एका थाना क्षेत्र में रहने वाली पीड़ित महिला के साथ गांव के ही सात लोगों ने पांच नवंबर 2013 को गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया था। पुलिस ने घटना को फर्जी बताते हुए मुकदमे में एफआर लगा दी थी। इस बीच आरोपियों ने एक बार फिर से पीड़िता के साथ गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया।
दूसरी बार हुए गैंगरेप के मामले में पीड़िता को न्याय नहीं मिल सका। पीड़िता न्याय के लिए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मिली। मुख्यमंत्री ने जांच के आदेश आईजी नागरिक सुरक्षा अमिताभ ठाकुर को दिए। आईजी नागरिक सुरक्षा अमिताभ ठाकुर ने घटनास्थल का निरीक्षण के साथ ही पीड़िता और उसके परिवारीजनोें के साथ ग्रामीणों के बयान दर्ज किए थे।
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सत्ता परिवर्तन होने के साथ ही पीड़िता ने एक बार फिर से मुख्यमंत्री और एसएसपी अजय कुमार को पूरे प्रकरण से अवगत कराने के साथ ही न्याय की गुहार लगाई। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के कहने पर एसएसपी ने मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी। घटना की हकीकत जानने के लिए क्राइम ब्रांच की टीम ने जांच शुरू करते हुए घटनास्थल का नक्शा तैयार पीड़ित परिवारीजनों से बात चीत कर बयान दर्ज किए हैं।
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एका थाना क्षेत्र में रहने वाली पीड़ित महिला के साथ गांव के ही सात लोगों ने पांच नवंबर 2013 को गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया था। पुलिस ने घटना को फर्जी बताते हुए मुकदमे में एफआर लगा दी थी। इस बीच आरोपियों ने एक बार फिर से पीड़िता के साथ गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया।
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दूसरी बार हुए गैंगरेप के मामले में पीड़िता को न्याय नहीं मिल सका। पीड़िता न्याय के लिए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मिली। मुख्यमंत्री ने जांच के आदेश आईजी नागरिक सुरक्षा अमिताभ ठाकुर को दिए। आईजी नागरिक सुरक्षा अमिताभ ठाकुर ने घटनास्थल का निरीक्षण के साथ ही पीड़िता और उसके परिवारीजनोें के साथ ग्रामीणों के बयान दर्ज किए थे।
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सत्ता परिवर्तन होने के साथ ही पीड़िता ने एक बार फिर से मुख्यमंत्री और एसएसपी अजय कुमार को पूरे प्रकरण से अवगत कराने के साथ ही न्याय की गुहार लगाई। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के कहने पर एसएसपी ने मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी। घटना की हकीकत जानने के लिए क्राइम ब्रांच की टीम ने जांच शुरू करते हुए घटनास्थल का नक्शा तैयार पीड़ित परिवारीजनों से बात चीत कर बयान दर्ज किए हैं।