{"_id":"62c1d94f0cfbb520ab7cfebf","slug":"9-farmer-s-market-built-at-a-cost-of-94-crores-could-not-be-gulzar-kasganj-news-agr538963856","type":"story","status":"publish","title_hn":"9. 94 करोड़ की लागत से बना किसान बाजार नहीं हो सका गुलजार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
9. 94 करोड़ की लागत से बना किसान बाजार नहीं हो सका गुलजार
विज्ञापन
कासगंज। गल्ला मंडी के समीप लगभग नौ वर्ष पूर्व 9. 94 करोड़ की लागत से बना किसान बाजार अभी गुलजार नहीं हो सका है। मंडी समिति के डायरेक्टर से हरी झंडी मिलने के बाद भी दुकानों की नीलामी प्रक्रिया शुरू तो हुई। लेकिन करोबारियों ने दुकानें लेने में रुचि नहीं दिखाई, यहीं कारण है कि एक भी दुकान किसान बाजार में नहीं खुल सकी है।
शहर की गल्ला मंडी के निकट किसान बाजार का निर्माण वर्ष 2013 में हुआ था। बाजार का उद्देश्य किसानों को एक ही स्थान पर जरूरत के सामनों की खरीददारी करने को मिलने का था। किसान मंडी में अपना अनाज बेचे और जरूरत की चीजों की खरीददारी के लिए उन्हें इधर उधर न भटकना पड़े और उन्हें सभी जरूरत के सामान एक ही स्थान पर मिल जाएं। जिसको लेकर किसान बाजार का निर्माण तो पूर्ण हो गया, लेकिन अभी तक शुरू नहीं हो सका।
अप्रैल में इस बाजार को शुरू कराए जाने के लिए जिलाधिकारी के द्वारा मंडी सचिव को निर्देशित किया गा। इसके प्रस्ताव मंडी डायरेक्टर को भेजा गया और वहां से हरी झंडी मिल गई। किसान बाजार में दुकानों के आवंटन के लिए 20 जून की तिथि रखी गई। यह आवंटन पट्टे पर 99 वर्ष के लिए होना था। लेकिन इस तिथि को किसी भी कारोबारी ने किसान बाजार में दुकान खोलने के लिए आवंटन नहीं कराया। जिससे एक भी दुकान किसान बाजार में नहीं खुल सकी।
विज्ञापन
विज्ञापन
शहर की गल्ला मंडी के निकट किसान बाजार का निर्माण वर्ष 2013 में हुआ था। बाजार का उद्देश्य किसानों को एक ही स्थान पर जरूरत के सामनों की खरीददारी करने को मिलने का था। किसान मंडी में अपना अनाज बेचे और जरूरत की चीजों की खरीददारी के लिए उन्हें इधर उधर न भटकना पड़े और उन्हें सभी जरूरत के सामान एक ही स्थान पर मिल जाएं। जिसको लेकर किसान बाजार का निर्माण तो पूर्ण हो गया, लेकिन अभी तक शुरू नहीं हो सका।
विज्ञापन
अप्रैल में इस बाजार को शुरू कराए जाने के लिए जिलाधिकारी के द्वारा मंडी सचिव को निर्देशित किया गा। इसके प्रस्ताव मंडी डायरेक्टर को भेजा गया और वहां से हरी झंडी मिल गई। किसान बाजार में दुकानों के आवंटन के लिए 20 जून की तिथि रखी गई। यह आवंटन पट्टे पर 99 वर्ष के लिए होना था। लेकिन इस तिथि को किसी भी कारोबारी ने किसान बाजार में दुकान खोलने के लिए आवंटन नहीं कराया। जिससे एक भी दुकान किसान बाजार में नहीं खुल सकी।
विज्ञापन