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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   83 Year-Old Woman Declared Dead on Paper Runs from Office to Office for Justice

UP: 'साहब, मैं रामरती' आपके सामने जिंदा खड़ी हूं, मुझे इंसाफ चाहिए; बुजुर्ग महिला का दर्द सुन रह जाएंगे हैरान

Tue, 10 Feb 2026 12:53 PM IST
धीरेन्द्र सिंह राहुल दक्ष, संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
राहुल दक्ष, संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Tue, 10 Feb 2026 12:53 PM IST
सार

हाथ में आधार और आयुष्मान कार्ड लेकर 83 वर्षीय बुजुर्ग महिला अफसरों के चक्कर लगा रही है। वो बता रही है कि जिंदा है, लेकिन मृत दिखाकर उसकी पेंशन रोक दी गई है। 
 

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83 Year-Old Woman Declared Dead on Paper Runs from Office to Office for Justice
रामरती - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

 एक जीवित विधवा महिला को अधिकारियों और गांव के रसूखदारों ने कागजों में मृत घोषित कर दिया। हद तो तब हो गई जब वह बैंक से अपनी पेंशन निकालने पहुंची और मैनेजर ने उसे फर्जी बताकर जेल भेजने की धमकी दे डाली। अब यह बुजुर्ग महिला हाथ में अपना आधार कार्ड और आयुष्मान कार्ड लेकर खुद के जीवित होने का सबूत देने के लिए मंत्रियों और अफसरों की चौखट पर सिर पटक रही है।
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मामला शहर से सटे ग्राम बरकतपुर की रामरती का है। रामरती के अनुसार उनके पति नौबतराम की मृत्यु हो गई है और वर्ष 2008 से विधवा पेंशन प्राप्त कर रही थीं। जिला प्रोबेशन अधिकारी और ग्राम विकास अधिकारी की जुगलबंदी ने जुलाई 2023 में उन्हें कागजों में मरा हुआ दिखा दिया। प्रोबेशन अधिकारी मिथलेश कुमार सिंह ने बैंक को पत्र भेजकर उनके खाते से 6000 रुपये की रिकवरी डाल दी और खाता होल्ड करवा दिया।
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रामरती ने बताया कि जब वह 11 जनवरी 2024 को बैंक पहुंची, तो शाखा प्रबंधक ने उन्हें पहचानने से इन्कार कर दिया। प्रबंधक ने कहा, रामरती की तो मृत्यु हो चुकी है, तुम फर्जी बनकर आई हो, तुम्हें जेल भिजवाता हूं। पीड़िता ने अपना आधार कार्ड और पैन कार्ड दिखाया, तब जाकर उसे बैंक से बाहर आने दिया गया। कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय और डीएम को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाए हैं कि आरोपी खुलेआम कहते हैं कि हमारा कोई कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा, हमारे संबंध बड़े नेताओं से हैं और हम अधिकारियों को रुपया देते हैं।
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सगे संबंधियों ने दी झूठी गवाही
पीड़िता का आरोप है कि गांव के ही दो सगे संबंधियों ने प्रधान के पति और ग्राम विकास अधिकारी के साथ मिलकर सत्यापन रिपोर्ट में उन्हें मृत बता दिया। जब बार-बार शिकायत की, तो अपनी गर्दन फंसती देख अधिकारियों ने आनन-फानन में 18 फरवरी 2025 को उनके खाते में 12 हजार रुपये रुपये डाल दिए और कहा कि पेंशन चालू हो गई है।

मैं मर गई हूं, तो उसका ही कागज दे दो
रामरती के अनुसार उन्होंने जिला प्रोबेशन कार्यालय में जाकर कई बार सवाल किया है कि अगर मैं मृत थी, तो मेरा मृत्यु प्रमाणपत्र कहां है और अगर जीवित हूं, तो मुझे मृत घोषित करने वाले दोषियों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई। रामरती का कहना है कि वह अपने हक की लड़ाई लड़ रही हूं।

बच रहे अधिकारी
रामरती आज भी तहसील और कलेक्ट्रेट के चक्कर काट रही हैं। सवाल यह है कि जिस महिला को प्रोबेशन कार्यालय ने 22 जुलाई 2023 को पत्र संख्या सी-429 के जरिए मृत घोषित कर रिकवरी निकाली थी, उसे बिना किसी दंड या जांच के अचानक जीवित मानकर पेंशन कैसे दे दी गई।



जिला प्रोबेशन अधिकारी मिथिलेश कुमार सिंह ने बताया कि सत्यापन के दौरान अप्रैल 2023 में पंचायत सचिव ने लिखित में दिया था कि रामरती की मृत्यु हो गई है। इस आधार पर उनके पेंशन खाते को होल्ड कर दिया गया था। जब रामरती ने अपने दस्तावेज पेश किए, तो उनकी पेंशन चालू कर दी गई। वर्तमान में दिसंबर 2025 तक की पेंशन जारी हो चुकी है। किसी के बहकावे में आकर वह लगातार शिकायत कर रही हैं। पूर्व में उन्होंने सीजेएम कोर्ट में भी प्रार्थनापत्र दिया था। कोर्ट में जब साक्ष्य पेश किए गए, तो उनके प्रार्थनापत्र को कोर्ट ने खारिज कर दिया था। -, 
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