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ध्वस्तीकरण आदेश के विरुद्ध खारिज की अपील
Updated Tue, 20 Nov 2018 11:08 PM IST
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वृंदावन (मथुरा)। मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण की रोक के बाबजूद वृंदावन में अवैध निर्माण लगातार जारी हैं। नियमों को ताक पर रख इमारत पर इमारत बन रहीं हैं। ऐसे ही एक मामले में मंडलायुक्त न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाते हुए प्राधिकरण के ध्वस्तीकरण के आदेश को निरस्त करने संबंधी अपील को खारिज कर दिया है।
पिछले एक वर्ष से व्यास घेरा के श्याम सखी आश्रम में बिना मानचित्र स्वीकृत कराए अवैध रुप से नवीन बहुमंजिला इमारत का निर्माण कराया जा रहा है। कई शिकायतें स्थानीय निवासी गिरधारी लाल शर्मा और दिनेश शर्मा द्वारा मथुरा वृंदावन विकास प्राधिकरण में की। शिकायत पर एमवीडीए ने 27 सितंबर 2017 को सीलिंग और 4 दिसंबर 2017 को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई कर दी गई।
सीलिंग और ध्वस्तीकरण के आदेश के बाद भी निर्माण जारी रखा गया। वहीं दूसरी ओर ध्वस्तीकरण के आदेश से असंतुष्ट होते हुए आरोपी निर्माणकर्ता ने हाईकोर्ट की शरण ली। हाईकोर्ट द्वारा मामले में निर्णय लेने हेतु मंडलायुक्त न्यायालय में अपील करने का आदेश दिया। विगत 6 नवंबर को पारित आदेश में मंडलायुक्त न्यायालय ने आरोपी के निर्माण को अवैध मानते हुए अपीलकर्ता की अपील को निरस्त कर दिया है। शिकायतकर्ताओं ने प्राधिकरण से जल्द ध्वस्तीकरण आदेश अमल में लाने की मांग की है।
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पिछले एक वर्ष से व्यास घेरा के श्याम सखी आश्रम में बिना मानचित्र स्वीकृत कराए अवैध रुप से नवीन बहुमंजिला इमारत का निर्माण कराया जा रहा है। कई शिकायतें स्थानीय निवासी गिरधारी लाल शर्मा और दिनेश शर्मा द्वारा मथुरा वृंदावन विकास प्राधिकरण में की। शिकायत पर एमवीडीए ने 27 सितंबर 2017 को सीलिंग और 4 दिसंबर 2017 को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई कर दी गई।
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सीलिंग और ध्वस्तीकरण के आदेश के बाद भी निर्माण जारी रखा गया। वहीं दूसरी ओर ध्वस्तीकरण के आदेश से असंतुष्ट होते हुए आरोपी निर्माणकर्ता ने हाईकोर्ट की शरण ली। हाईकोर्ट द्वारा मामले में निर्णय लेने हेतु मंडलायुक्त न्यायालय में अपील करने का आदेश दिया। विगत 6 नवंबर को पारित आदेश में मंडलायुक्त न्यायालय ने आरोपी के निर्माण को अवैध मानते हुए अपीलकर्ता की अपील को निरस्त कर दिया है। शिकायतकर्ताओं ने प्राधिकरण से जल्द ध्वस्तीकरण आदेश अमल में लाने की मांग की है।
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