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सूख रहे हलक, पेयजल प रयोजनाएं गईं लटक
Updated Fri, 04 May 2018 11:23 PM IST
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सूख रहे हलक, पेयजल प रयोजनाएं गईं लटक
- फोटो : अमर उजाला
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एटा।
गर्मी का कहर बढ़ रहा है और हलक सूख रहे हैं। लोग पानी के लिए परेशान है और गांव में खड़ी पेयजल परियोजनाएं लोगों को मुंह चिढ़ा रही हैं। आलम यह है कि जिले की 35 पेयजल परियोजनाएं कमियों के चलते बंद पड़ी हैं। कई ग्राम पंचायतें ऐसी हैं, जहां चोरी और पाइपलाइनों के टूटने से पेयजल संकट गहरा रहा है। वहीं जलनिगम ने परियोजनाओं के दुरुस्त करने के लिए 748 लाख रुपये का प्रस्ताव तैयार किया है।
जिले की ग्राम पंचायतों में पेयजल आपूर्ति के लिए कुछ साल पहले ग्रामीण पाइप पेयजल परियोजनाएं शुरू की गई थीं। इसके तहत गांवों में ओवर हैड टैंक के साथ पाइप लाइन के जरिए पानी की सप्लाई देने की व्यवस्था की गई, मगर परियोजनाएं हमेशा संसाधनों के अभाव में अधर में लटकी रहीं। अब गर्मियों का मौसम अपने चरम पर है, तो एक बार फिर से ग्रामीणों को पानी की चिंता सताने लगी है।
आलम यह है कि जिले में 35 ग्राम पंचायतों में पेयजल परियोजनाओं का बुरा हाल है। कहीं आपरेटर की तैनाती नहीं है, तो कहीं पाइप लाइन टूटी पड़ी है। इसके साथ ही कई ग्राम पंचायतों में परियोजना के ओवर हैड टैंक रिबोर होने की राह देख रहे हैं। पिछले दिनों हुई ग्रामीण पेयजल परियोजना की बैठक में सीडीओ ने सभी ग्राम पंचायतों में 24 मार्च तक पेयजल परियोजनाओं को दुुरुस्त कर चालू करने के निर्देश दिए थे।
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इसके बाद जल निगम ने परियोजनाओं का दौरा कर हाल जाना। इसके बाद 35 ग्राम पंचायतों में परियोजनाओं का दुरुस्त करने के लिए 748 लाख रुपये का प्रस्ताव तैयार किया गया है। जल निगम ने परियोजनाओं की जांच आख्या सीडीओ उग्रसेन पांडेय को भेजी है। इसके बाद परियोजनाओं को दुरुस्त करने की कवायद शुरू हो गई है।
मिलावली परियोजना खस्ताहाल
शीतलपुर की ग्राम पंचायत मिलावली में बनी परियोजना का बुरा हाल है। यहां टंकी के अंदर पक्षी मरे पड़े हैं और गंदगी भरी पड़ी है। इसके साथ ही ट्रांसफार्मर चोरी हो गया है।
यहां परियोजनाएं पड़ी हैं ठप
लोया बादशाहपुर, रफतनगर सैंथरा, मिलावली, घिलौआ, जिटौली, धुमरी, पलरा, बरथरी, युसूफपुर नगला धनी, घुमरिया, नरहरा, सराय अगहत, बारा समसपुर, मलावन, कंसुरी, मोहनपुर, तखावन, भगीपुर, न्यौराई, भागपुर बरौली, हिम्मतपुर चाचरमऊ, मनुपुर, रामनगर जलालपुर, खड़ौआ, पृथ्वीराजपुर।
यहां आंशिक चालू हैं परियोजनाएं
रोहिना मिर्जापुर-1, रोहिना मिर्जापुर- 2, इसौली, कठिंगरा, नगला सुखदेव, सिमराऊ, नगला मीरा, चिरगवां, सकरौली जोन-1, सकरौली जोन-2।
ग्रामीणे पेयजल परियोजनाओं के दुरुस्त करने की कवायद चल रही है। जल निगम से परियोजनाओं में व्याप्त कमियों का ब्यौरा मिल गया है। कमियों को दूर कराया जा रहा है।
उग्रसेन पांडेय, सीडीओ एटा
57 ग्रामीण पेयजल परियोजनाएं हैं जिले में।
35 ग्राम पंचायतों में परियोजनाएं पड़ी बंद।
748 लाख रुपये से होंगी दुरुस्त।
112 लाख रुपये होंगे धुमरी परियोजना पर खर्च।
गर्मी का कहर बढ़ रहा है और हलक सूख रहे हैं। लोग पानी के लिए परेशान है और गांव में खड़ी पेयजल परियोजनाएं लोगों को मुंह चिढ़ा रही हैं। आलम यह है कि जिले की 35 पेयजल परियोजनाएं कमियों के चलते बंद पड़ी हैं। कई ग्राम पंचायतें ऐसी हैं, जहां चोरी और पाइपलाइनों के टूटने से पेयजल संकट गहरा रहा है। वहीं जलनिगम ने परियोजनाओं के दुरुस्त करने के लिए 748 लाख रुपये का प्रस्ताव तैयार किया है।
जिले की ग्राम पंचायतों में पेयजल आपूर्ति के लिए कुछ साल पहले ग्रामीण पाइप पेयजल परियोजनाएं शुरू की गई थीं। इसके तहत गांवों में ओवर हैड टैंक के साथ पाइप लाइन के जरिए पानी की सप्लाई देने की व्यवस्था की गई, मगर परियोजनाएं हमेशा संसाधनों के अभाव में अधर में लटकी रहीं। अब गर्मियों का मौसम अपने चरम पर है, तो एक बार फिर से ग्रामीणों को पानी की चिंता सताने लगी है।
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आलम यह है कि जिले में 35 ग्राम पंचायतों में पेयजल परियोजनाओं का बुरा हाल है। कहीं आपरेटर की तैनाती नहीं है, तो कहीं पाइप लाइन टूटी पड़ी है। इसके साथ ही कई ग्राम पंचायतों में परियोजना के ओवर हैड टैंक रिबोर होने की राह देख रहे हैं। पिछले दिनों हुई ग्रामीण पेयजल परियोजना की बैठक में सीडीओ ने सभी ग्राम पंचायतों में 24 मार्च तक पेयजल परियोजनाओं को दुुरुस्त कर चालू करने के निर्देश दिए थे।
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इसके बाद जल निगम ने परियोजनाओं का दौरा कर हाल जाना। इसके बाद 35 ग्राम पंचायतों में परियोजनाओं का दुरुस्त करने के लिए 748 लाख रुपये का प्रस्ताव तैयार किया गया है। जल निगम ने परियोजनाओं की जांच आख्या सीडीओ उग्रसेन पांडेय को भेजी है। इसके बाद परियोजनाओं को दुरुस्त करने की कवायद शुरू हो गई है।
मिलावली परियोजना खस्ताहाल
शीतलपुर की ग्राम पंचायत मिलावली में बनी परियोजना का बुरा हाल है। यहां टंकी के अंदर पक्षी मरे पड़े हैं और गंदगी भरी पड़ी है। इसके साथ ही ट्रांसफार्मर चोरी हो गया है।
यहां परियोजनाएं पड़ी हैं ठप
लोया बादशाहपुर, रफतनगर सैंथरा, मिलावली, घिलौआ, जिटौली, धुमरी, पलरा, बरथरी, युसूफपुर नगला धनी, घुमरिया, नरहरा, सराय अगहत, बारा समसपुर, मलावन, कंसुरी, मोहनपुर, तखावन, भगीपुर, न्यौराई, भागपुर बरौली, हिम्मतपुर चाचरमऊ, मनुपुर, रामनगर जलालपुर, खड़ौआ, पृथ्वीराजपुर।
यहां आंशिक चालू हैं परियोजनाएं
रोहिना मिर्जापुर-1, रोहिना मिर्जापुर- 2, इसौली, कठिंगरा, नगला सुखदेव, सिमराऊ, नगला मीरा, चिरगवां, सकरौली जोन-1, सकरौली जोन-2।
ग्रामीणे पेयजल परियोजनाओं के दुरुस्त करने की कवायद चल रही है। जल निगम से परियोजनाओं में व्याप्त कमियों का ब्यौरा मिल गया है। कमियों को दूर कराया जा रहा है।
उग्रसेन पांडेय, सीडीओ एटा
57 ग्रामीण पेयजल परियोजनाएं हैं जिले में।
35 ग्राम पंचायतों में परियोजनाएं पड़ी बंद।
748 लाख रुपये से होंगी दुरुस्त।
112 लाख रुपये होंगे धुमरी परियोजना पर खर्च।