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नकल माफियाओं ने बदल दीं शिक्षाशास्त्र की कापियां
Updated Mon, 26 Mar 2018 08:34 PM IST
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डैमो
- फोटो : डैमो
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मथुरा। इस बार नकल माफिया ने परीक्षा केंद्रों के बाहर कापियां लिखवाकर उन्हें मूल कापी से बदल डाला। मथुरा में मूल्यांकन केंद्र पर मिर्जापुर से जंचने आईं कापियों में भारी घालमेल पकड़ा गया है। एक पेज पर राइटिंग कुछ है तो दूसरे पर कुछ। ऊपर का पन्ना छोटा है तो नीचे वाला बड़ा। इतना ही नहीं कापी की पिन भी खुली हुई है। इन कापियों को सील करके यूपी बोर्ड को भेजा जा रहा है।
इस बार नकल रोकने के लिए प्रदेश सरकार ने पूरी ताकत लगा दी थी। इसका नतीजा रहा कि 11 लाख छात्रों ने परीक्षा ही छोड़ दी थी। कई केंद्रों को सील भी किया गया। सरकार की सख्ती को देखकर नकल माफिया ने भी कापियां बदलने का तरीका ढूंढ निकाला। परीक्षा केंद्रों के बाहर कापियां लिखी गईं हैं। इन कापियों को या तो मूल कापी के भीतर ही जोड़ दिया गया या फिर दूसरी कापी लगा दी गई। अब मूल्यांकन में इस तरह के मामले सामने आ रहे हैं। सोमवार को जीआईसी मूल्यांकन केंद्र पर मिर्जापुर से आईं कापियों में भी बड़ा गोलमाल पकड़ा गया।
यहां शिक्षाशास्त्र की कापियां जांच रहे परीक्षक अशोक वर्मा का माथा कापी के पहले पेज की लिखावट और अंदर की राइटिंग में अंतर देखकर ठनक गया। गौर से देखा तो कापियों में लगी पिन निकल रही थी, छिद्रांकन व पहले पेज और अंदर के पेजों के साइज का मिलान भी नहीं हो रहा था। स्पष्ट लग रहा था कि कापियों के पेज बदले गए है। ये कापियां मूल्यांकन के लिए मिर्जापुर मंडल से आई हैं। इस पर परीक्षक अशोक वर्मा ने मूल्यांकन केंद्र प्रभारी डॉ. संतोष सारस्वत को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। डॉ. सारस्वत ने बताया कि दो कापियों को सील कर बोर्ड भेज दिया गया है। इस पर अंतिम निर्णय वहीं से होगा।
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इस बार नकल रोकने के लिए प्रदेश सरकार ने पूरी ताकत लगा दी थी। इसका नतीजा रहा कि 11 लाख छात्रों ने परीक्षा ही छोड़ दी थी। कई केंद्रों को सील भी किया गया। सरकार की सख्ती को देखकर नकल माफिया ने भी कापियां बदलने का तरीका ढूंढ निकाला। परीक्षा केंद्रों के बाहर कापियां लिखी गईं हैं। इन कापियों को या तो मूल कापी के भीतर ही जोड़ दिया गया या फिर दूसरी कापी लगा दी गई। अब मूल्यांकन में इस तरह के मामले सामने आ रहे हैं। सोमवार को जीआईसी मूल्यांकन केंद्र पर मिर्जापुर से आईं कापियों में भी बड़ा गोलमाल पकड़ा गया।
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यहां शिक्षाशास्त्र की कापियां जांच रहे परीक्षक अशोक वर्मा का माथा कापी के पहले पेज की लिखावट और अंदर की राइटिंग में अंतर देखकर ठनक गया। गौर से देखा तो कापियों में लगी पिन निकल रही थी, छिद्रांकन व पहले पेज और अंदर के पेजों के साइज का मिलान भी नहीं हो रहा था। स्पष्ट लग रहा था कि कापियों के पेज बदले गए है। ये कापियां मूल्यांकन के लिए मिर्जापुर मंडल से आई हैं। इस पर परीक्षक अशोक वर्मा ने मूल्यांकन केंद्र प्रभारी डॉ. संतोष सारस्वत को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। डॉ. सारस्वत ने बताया कि दो कापियों को सील कर बोर्ड भेज दिया गया है। इस पर अंतिम निर्णय वहीं से होगा।
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