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नहीं टूट सका भांग कारोबारियों का सिंडिकेट
Updated Wed, 21 Mar 2018 07:31 PM IST
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डेमो
- फोटो : डेमो
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मथुरा। शराब कारोबारियों का सिंडिकेट तोड़ने में सफल रही राज्य सरकार भांग के कारोबार में यह सफलता हासिल नहीं कर सकी। बुधवार को भांग की सभी दुकानों का ठेका चंद लोगों ने कब्जा लिया। इसमें भी पिछले साल के मुकाबले अधिक राजस्व पाने के लिए अफसरों को काफी मशक्कत करनी पड़ी है।
शासन की ओर से निर्धारित प्रक्रिया के तहत बुधवार को भांग की दुकानों का आवंटन किया गया। कलक्ट्रेट सभाकक्ष में अपनाई गई आवंटन की प्रक्रिया में जिले की 59 दुकान शामिल की गईं। इन्हें पाने के लिए सुबह 11 बजे से ही आवेदकों का पहुंचना शुरू हो गया।
डीएम सर्वज्ञराम मिश्र की मौजूदगी में पहले एकल दुकान के तहत आवंटन की प्रक्रिया अपनाई गई, जिसके लिए कुछ लोगों को छोड़ अधिकांश आवेदक आगे नहीं आए। ऐसे में जिले को चार सर्किल में विभाजित करते हुए भांग के ठेका उठाए गए। इस पर योजनाबद्ध तरीके से पुराना सिंडिकेट फिर हाबी हो गया। भांग की दुकानों की दरें भी उन्होंने नहीं बढ़ने दीं।
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प्रशासनिक अफसर काफी मशक्कत के बाद निर्धारित दरों में मामूली वृद्धि ही करा सके। यही कारण है कि पिछले साल के मुकाबले जनपद को भांग की दुकानों से सिर्फ 12 लाख रुपये अतिरिक्त राजस्व ही हासिल होगा। पिछले साल 3.01 करोड़ की प्राप्ति हुई थी, जो इस बार 3.13 करोड़ होगी। इस दौरान एडीएम वित्त रवींद्र कुमार सहित पुलिस और विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
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शासन की ओर से निर्धारित प्रक्रिया के तहत बुधवार को भांग की दुकानों का आवंटन किया गया। कलक्ट्रेट सभाकक्ष में अपनाई गई आवंटन की प्रक्रिया में जिले की 59 दुकान शामिल की गईं। इन्हें पाने के लिए सुबह 11 बजे से ही आवेदकों का पहुंचना शुरू हो गया।
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डीएम सर्वज्ञराम मिश्र की मौजूदगी में पहले एकल दुकान के तहत आवंटन की प्रक्रिया अपनाई गई, जिसके लिए कुछ लोगों को छोड़ अधिकांश आवेदक आगे नहीं आए। ऐसे में जिले को चार सर्किल में विभाजित करते हुए भांग के ठेका उठाए गए। इस पर योजनाबद्ध तरीके से पुराना सिंडिकेट फिर हाबी हो गया। भांग की दुकानों की दरें भी उन्होंने नहीं बढ़ने दीं।
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प्रशासनिक अफसर काफी मशक्कत के बाद निर्धारित दरों में मामूली वृद्धि ही करा सके। यही कारण है कि पिछले साल के मुकाबले जनपद को भांग की दुकानों से सिर्फ 12 लाख रुपये अतिरिक्त राजस्व ही हासिल होगा। पिछले साल 3.01 करोड़ की प्राप्ति हुई थी, जो इस बार 3.13 करोड़ होगी। इस दौरान एडीएम वित्त रवींद्र कुमार सहित पुलिस और विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।