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स्कूल में कहीं बदहाल शौचालय, तो कहीं लटक रहा है ताला
Updated Tue, 19 Dec 2017 11:29 PM IST
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प्राथमिक स्कूल
- फोटो : self
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किशनी (मैनपुरी)। क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों में शौचालय और पेयजल जैसी जरूरी सुविधाओं का टोटा है। शौचालय में कहीं ताला लगा है तो कहीं बदहाल बना हुआ है। इसके चलते बच्चों को शौच निवृत्त होने के लिए खेतों की ओर जाना पड़ता है। वहीं, मिड-डे मील खाने के बाद गांव में जाकर पानी पीना पड़ता है।
प्राथमिक विद्यालय खरगपुर हरचंद्रपुर के हालात भी कुछ ऐसे ही हैं। यहां पर दो अध्यापिकायें हैं दोनों अक्सर अवकाश पर रहती हैं। उनके स्थान पर एक अध्यापक ओमवीर सिंह को प्राथमिक विद्यालय हरचंद्रपुर से संबद्ध किया गया है। विद्यालय में ओमवीर सिंह अध्यापक के अलावा कुल तीन बच्चे पढ़ते मिले।
पूछने पर अध्यापक ने बताया कि दो बच्चे गांव में लगे हैंडपंप से पीने का पानी लेने गए हुए हैं। स्कूल में इंडिया मार्का हैंडपंप का इंतजाम नहीं किया गया है। थोडी देर में दो बच्चे हांफते हुये हाथों में एक जग पानी लेकर आए। स्कूल में पढ़ने आए बच्चों के लिये शौचालय का तो इंतजाम है, परंतु उसमें हमेशा ताला लटकता रहता है उसका कारण पानी की व्यस्था न होना है। बच्चे खुले में शौच करने को मजबूर है।
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इसी स्कूल में 28 बच्चों ने अपना नामांकन कराया है, परंतु पढ़ने के लिये कुल पांच बच्चे ही आते हैं। बच्चों ने बताया कि उन लोगों को मध्यान्ह भोजन भी नहीं मिलता है।
दूसरी तरफ प्राथमिक विद्यालय खरगपुर हरचंद्रपुर में पंजीकृत बच्चों की संख्या 28 है। इस सरकारी स्कूल से कुछ ही कदम दूरी पर स्थित एक पब्लिक स्कूल में एक से लेकर पांच तक की कक्षाओं के अस्सी बच्चों ने अपना पंजीकरण कराया है। इस विद्यालय में हालांकि दो ही कक्ष हैं। परंतु इन दो कक्षों में ही इस स्कूल के अध्यापक अलग अलग कक्षाओं के बच्चों को अच्छे तरीके से पढाते हैं।
एबीएसए मनींद्र सिंह ने बताया कि क्षेत्र में कुल 13 विद्यालयों में हैंडपंप नहीं है। इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं। जलनिगम, डीपीआरओ, बीएस, बीडीओ, विधायक सभी से लिखित रूप में सरकारी हैंडपंपों की मांग की है। वहीं, शौचालयों की तो धमियांपुर तथा जटपुरा की मुझे जानकारी नहीं है। कछपुरा शमशेरगंज में शौचालय बना है लेकिन कमी होने के कारण प्रयोग में नहीं है। जिनकी जानकारी नहीं है उन विद्यालयों की जानकारी कर कार्रवाई करेंगे।
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प्राथमिक विद्यालय खरगपुर हरचंद्रपुर के हालात भी कुछ ऐसे ही हैं। यहां पर दो अध्यापिकायें हैं दोनों अक्सर अवकाश पर रहती हैं। उनके स्थान पर एक अध्यापक ओमवीर सिंह को प्राथमिक विद्यालय हरचंद्रपुर से संबद्ध किया गया है। विद्यालय में ओमवीर सिंह अध्यापक के अलावा कुल तीन बच्चे पढ़ते मिले।
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पूछने पर अध्यापक ने बताया कि दो बच्चे गांव में लगे हैंडपंप से पीने का पानी लेने गए हुए हैं। स्कूल में इंडिया मार्का हैंडपंप का इंतजाम नहीं किया गया है। थोडी देर में दो बच्चे हांफते हुये हाथों में एक जग पानी लेकर आए। स्कूल में पढ़ने आए बच्चों के लिये शौचालय का तो इंतजाम है, परंतु उसमें हमेशा ताला लटकता रहता है उसका कारण पानी की व्यस्था न होना है। बच्चे खुले में शौच करने को मजबूर है।
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इसी स्कूल में 28 बच्चों ने अपना नामांकन कराया है, परंतु पढ़ने के लिये कुल पांच बच्चे ही आते हैं। बच्चों ने बताया कि उन लोगों को मध्यान्ह भोजन भी नहीं मिलता है।
दूसरी तरफ प्राथमिक विद्यालय खरगपुर हरचंद्रपुर में पंजीकृत बच्चों की संख्या 28 है। इस सरकारी स्कूल से कुछ ही कदम दूरी पर स्थित एक पब्लिक स्कूल में एक से लेकर पांच तक की कक्षाओं के अस्सी बच्चों ने अपना पंजीकरण कराया है। इस विद्यालय में हालांकि दो ही कक्ष हैं। परंतु इन दो कक्षों में ही इस स्कूल के अध्यापक अलग अलग कक्षाओं के बच्चों को अच्छे तरीके से पढाते हैं।
एबीएसए मनींद्र सिंह ने बताया कि क्षेत्र में कुल 13 विद्यालयों में हैंडपंप नहीं है। इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं। जलनिगम, डीपीआरओ, बीएस, बीडीओ, विधायक सभी से लिखित रूप में सरकारी हैंडपंपों की मांग की है। वहीं, शौचालयों की तो धमियांपुर तथा जटपुरा की मुझे जानकारी नहीं है। कछपुरा शमशेरगंज में शौचालय बना है लेकिन कमी होने के कारण प्रयोग में नहीं है। जिनकी जानकारी नहीं है उन विद्यालयों की जानकारी कर कार्रवाई करेंगे।