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झोलाछाप के खिलाफ पुलिस दर्ज नहीं कर रही एफआईआर
Updated Tue, 14 Nov 2017 11:30 PM IST
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एटा। बिना रजिस्ट्रेशन के क्लीनिक चलाने वाले छोलाझाप के इलाज से हुई युवक की मौत मामले में पुलिस ने 29 दिन बीतने के बाद भी रिपोर्ट दर्ज नहीं की है। पीड़ित परिवारीजन कार्रवाई के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं। वहीं पुलिस का कहना है कि युुवक की मौत आगरा में होने के कारण रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई।
गौरतलब है कि पिलुआ के गांव हरिसिंहपुर निवासी मुनेन्द्र को बुखार आने पर कोतवाली देहात के जीटी रोड स्थित एक क्लीनिक पर भर्ती कराया था। आरोप है वहां मौजूद झोलाछाप के इलाज के बाद उसकी हालत बिगड़ गई थी। बाद में युवक की मौत हो गई। मामले की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए मृतक का भाई नरेन्द्र और परिजन पुलिस और अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं। पुलिस ने पीड़ित परिवार की रिपोर्ट अब तक दर्ज नहीं की है।
इस संबंध में थानाध्यक्ष कोतवाली देहात ने बताया कि मृतक का जीटी रोड पर क्लीनिक पर इलाज होने के बाद आगरा में उपचार हुआ था। आगरा अस्पताल में उसकी मौत हुई थी। इसके कारण मामले की रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। उल्लेखनीय है कि आरोपित के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग की तरफ से दो अक्तूबर को बिना रजिस्ट्रेशन के क्लीनिक संचालित करने की रिपोर्ट दर्ज कराई जा चुकी है।
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गौरतलब है कि पिलुआ के गांव हरिसिंहपुर निवासी मुनेन्द्र को बुखार आने पर कोतवाली देहात के जीटी रोड स्थित एक क्लीनिक पर भर्ती कराया था। आरोप है वहां मौजूद झोलाछाप के इलाज के बाद उसकी हालत बिगड़ गई थी। बाद में युवक की मौत हो गई। मामले की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए मृतक का भाई नरेन्द्र और परिजन पुलिस और अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं। पुलिस ने पीड़ित परिवार की रिपोर्ट अब तक दर्ज नहीं की है।
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इस संबंध में थानाध्यक्ष कोतवाली देहात ने बताया कि मृतक का जीटी रोड पर क्लीनिक पर इलाज होने के बाद आगरा में उपचार हुआ था। आगरा अस्पताल में उसकी मौत हुई थी। इसके कारण मामले की रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। उल्लेखनीय है कि आरोपित के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग की तरफ से दो अक्तूबर को बिना रजिस्ट्रेशन के क्लीनिक संचालित करने की रिपोर्ट दर्ज कराई जा चुकी है।
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