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विश्वविद्यालय में सात साल से 8.50 लाख डिग्री पड़ी है लंबित
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आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में विधानसभा की आश्वासन समिति की सिफारिशों पर कार्य नहीं किया गया। लंबित डिग्री और एक पटल पर कई सालों से जमे कर्मचारियों का स्थानांतरण नहीं किया। इस पर आश्वासन समिति के जांच समिति अध्यक्ष विश्वविद्यालय प्रशासन से इसकी रिपोर्ट मांग रहे हैं।
विधानसभा की आश्वासन समिति की जांच समिति के अध्यक्ष फिरोजाबाद के विधायक मनीष असीजा ने बताया कि विश्वविद्यालय में छात्रों की परेशानी पर बीते महीने कुलपति समेत अन्य अधिकारियों के साथ बैठक की थी। इसमें 2015 से 2021 तक करीब 8.50 लाख डिग्री लंबित हैं।
इनकी विषयवार सूची बनाकर चरणबद्ध तैयार करने को कहा था। गोपनीय, परीक्षा विभाग, लेखा विभाग और संबद्धता विभाग में 10 साल से भी अधिक समय तक 94 कर्मचारी एक ही पटल पर कार्य कर रहे हैं, इनके भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की शिकायत मिली थी। इनकी सूची देकर पटल बदलने को कहा था।
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इनकी अभी तक क्या प्रगति हुई है, इसकी अभी तक विश्वविद्यालय की ओर से जानकारी नहीं दी है। ऐसे में विश्वविद्यालय प्रशासन से इन सिफारिशों में से कितना कार्य हुआ है, इसकी रिपोर्ट मांग रहा हूं। जल्द ही विश्वविद्यालय के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी की जाएगी।
सिफारिशों को अमल में लाया जाएगा
विधानसभा की आश्वासन समिति की जांच समिति की सिफारिशों पर अमल में लाया जाएगा, इसके लिए व्यापक कार्ययोजना बनाई जा रही है। कई सालों से लंबित डिग्री बनाने का कार्य भी शुरू कर दिया है। - प्रो. प्रदीप श्रीधर, जन संपर्क अधिकारी
छात्र हित में यह भी की थीं सिफारिशें
- छात्रों का डेटा सेंटर बने, जिसमें आधार कार्ड से शैक्षणिक प्रमाणपत्र ऑनलाइन सत्यापित हों।
- परीक्षा संबंधी कार्य एजेंसी से न कराते हुए विश्वविद्यालय अपना नया सर्वर तैयार कर खुद बनाए।
- प्री एंड पोस्ट एग्जामिनेशन सिस्टम सेल तैयार की जाए, जिससे छात्रों को परेशानी का समाधान हो।
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विधानसभा की आश्वासन समिति की जांच समिति के अध्यक्ष फिरोजाबाद के विधायक मनीष असीजा ने बताया कि विश्वविद्यालय में छात्रों की परेशानी पर बीते महीने कुलपति समेत अन्य अधिकारियों के साथ बैठक की थी। इसमें 2015 से 2021 तक करीब 8.50 लाख डिग्री लंबित हैं।
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इनकी विषयवार सूची बनाकर चरणबद्ध तैयार करने को कहा था। गोपनीय, परीक्षा विभाग, लेखा विभाग और संबद्धता विभाग में 10 साल से भी अधिक समय तक 94 कर्मचारी एक ही पटल पर कार्य कर रहे हैं, इनके भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की शिकायत मिली थी। इनकी सूची देकर पटल बदलने को कहा था।
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इनकी अभी तक क्या प्रगति हुई है, इसकी अभी तक विश्वविद्यालय की ओर से जानकारी नहीं दी है। ऐसे में विश्वविद्यालय प्रशासन से इन सिफारिशों में से कितना कार्य हुआ है, इसकी रिपोर्ट मांग रहा हूं। जल्द ही विश्वविद्यालय के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी की जाएगी।
सिफारिशों को अमल में लाया जाएगा
विधानसभा की आश्वासन समिति की जांच समिति की सिफारिशों पर अमल में लाया जाएगा, इसके लिए व्यापक कार्ययोजना बनाई जा रही है। कई सालों से लंबित डिग्री बनाने का कार्य भी शुरू कर दिया है। - प्रो. प्रदीप श्रीधर, जन संपर्क अधिकारी
छात्र हित में यह भी की थीं सिफारिशें
- छात्रों का डेटा सेंटर बने, जिसमें आधार कार्ड से शैक्षणिक प्रमाणपत्र ऑनलाइन सत्यापित हों।
- परीक्षा संबंधी कार्य एजेंसी से न कराते हुए विश्वविद्यालय अपना नया सर्वर तैयार कर खुद बनाए।
- प्री एंड पोस्ट एग्जामिनेशन सिस्टम सेल तैयार की जाए, जिससे छात्रों को परेशानी का समाधान हो।