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कागजों में हो गई नहरों की सिल्ट सफाई
Updated Sat, 10 Nov 2018 08:21 PM IST
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मथुरा। सिंचाई विभाग ने जनपद की नहरों की कागजी सिल्ट सफाई पूरी कर दी है। सोमवार से अधिकांश नहर और रजबहा में पानी छोड़ दिया जाएगा। ड्रोम कैमरे से सफाई कार्य की निगरानी की प्रशासनिक व्यवस्था भी इस बार कागजी आदेश बन कर रह गई है।
निर्धारित कार्यक्रम के तहत नहर, रजबहा व अल्पिकाओं में सिल्ट सफाई को लेकर 3.5 करोड़ रुपये का बजट जिले को मिला है। इससे करीब 900 किलोमीटर नहर, रजबहा की सफाई होनी थी। पिछले डेढ़ माह से चल रहे सफाई कार्यक्रम में सिंचाई अधिकारियों ने 99 प्रतिशत सिल्ट साफ होने के आंकड़े भी प्रस्तुत करने की रिपोर्ट तैयार कर ली है। मेजरमेंट बुक भी भरी जा चुकी हैं। लेकिन हकीकत कागजी सफाई से बहुत दूर है। योजनाबद्ध तरीके से रोड किनारे सफाई करते हुए बाकी को छोड़ दिया गया है।
महुअन, दघेंटा, बलदेव रजबहा में 20 किमी तक सफाई होनी थी, लेकिन अब तक यहां केवल हैड पर ही सफाई की गई है। अहमल, नैनूपट्टी, ढकपुरा, बछगांव, फोंडर में घास छीलकर आग लगा दी गई। शहजादपुर, जटवारी, शेरगढ़, जरारा, लोहई माइनर, कारब रजबहा, गढ़ी चंदौरी में कुछ भी नहीं किया गया है। ज्यादातर माइनरों में सड़कों किनारे एक-दो किमी तक सफाई कर बाकी क्षेत्र को छोड़ दिया गया है, जहां आगे झाड़ियां खड़ी हैं।
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मथुरा की नहर रजबहा की सफाई 99 प्रतिशत पूरी कर ली गई है। टेल के पास कुछ काम बचा है, वहां बंदा लगाकर सफाई करा देंगे। सोमवार से 2500 क्यूसेक पानी संबंधित नहरों में छोड़ दिया जाएगा। 500 क्यूसेक छोड़ भी दिया गया है। इससे किसान आवश्यकतानुसार सिंचाई कर सकें।
- मोरमुकुट सिंह, एक्सईएन, सिंचाई अपर आगरा कैनाल।
नहर रजबहा की पूरी तरह सिल्ट सफाई कराने की रिपोर्ट सिंचाई इंजीनियरों ने दी है। सख्त दिशानिर्देश के बाद भी गलत रिपोर्ट देने वाले इंजीनियरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पानी आने पर बाहर निकाली सिल्ट की माप कराई जाएगी।
- रामनेवास सीडीओ।
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निर्धारित कार्यक्रम के तहत नहर, रजबहा व अल्पिकाओं में सिल्ट सफाई को लेकर 3.5 करोड़ रुपये का बजट जिले को मिला है। इससे करीब 900 किलोमीटर नहर, रजबहा की सफाई होनी थी। पिछले डेढ़ माह से चल रहे सफाई कार्यक्रम में सिंचाई अधिकारियों ने 99 प्रतिशत सिल्ट साफ होने के आंकड़े भी प्रस्तुत करने की रिपोर्ट तैयार कर ली है। मेजरमेंट बुक भी भरी जा चुकी हैं। लेकिन हकीकत कागजी सफाई से बहुत दूर है। योजनाबद्ध तरीके से रोड किनारे सफाई करते हुए बाकी को छोड़ दिया गया है।
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महुअन, दघेंटा, बलदेव रजबहा में 20 किमी तक सफाई होनी थी, लेकिन अब तक यहां केवल हैड पर ही सफाई की गई है। अहमल, नैनूपट्टी, ढकपुरा, बछगांव, फोंडर में घास छीलकर आग लगा दी गई। शहजादपुर, जटवारी, शेरगढ़, जरारा, लोहई माइनर, कारब रजबहा, गढ़ी चंदौरी में कुछ भी नहीं किया गया है। ज्यादातर माइनरों में सड़कों किनारे एक-दो किमी तक सफाई कर बाकी क्षेत्र को छोड़ दिया गया है, जहां आगे झाड़ियां खड़ी हैं।
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मथुरा की नहर रजबहा की सफाई 99 प्रतिशत पूरी कर ली गई है। टेल के पास कुछ काम बचा है, वहां बंदा लगाकर सफाई करा देंगे। सोमवार से 2500 क्यूसेक पानी संबंधित नहरों में छोड़ दिया जाएगा। 500 क्यूसेक छोड़ भी दिया गया है। इससे किसान आवश्यकतानुसार सिंचाई कर सकें।
- मोरमुकुट सिंह, एक्सईएन, सिंचाई अपर आगरा कैनाल।
नहर रजबहा की पूरी तरह सिल्ट सफाई कराने की रिपोर्ट सिंचाई इंजीनियरों ने दी है। सख्त दिशानिर्देश के बाद भी गलत रिपोर्ट देने वाले इंजीनियरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पानी आने पर बाहर निकाली सिल्ट की माप कराई जाएगी।
- रामनेवास सीडीओ।