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छाता तहसील के गांवों में 80 प्रतिशत फसल नष्ट
Updated Sat, 14 Apr 2018 08:17 PM IST
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गेहूं की फसल पर मौसम का कहर
- फोटो : डैमो
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छाता (मथुरा) पूर्व एमएलसी चौ. लेखराज सिंह के नेतृत्व में छाता तहसील के प्रधानों एवं किसानों ने एसडीएम डॉ. राजेंद्र पेंसिया व तहसीलदार देवेंद्रपाल सिंह को ज्ञापन देकर बारिश व ओलावृष्टि से क्षतिग्रस्त हुई फसलों का मुआवजा तथा बीमा कंपनियों से बीमा दिलाने की मांग की है।
ज्ञापन में कहा गया है कि तहसील क्षेत्र के सभी गांवों में 80 प्रतिशत फसल आंधी, ओलावृष्टि व बारिश से नष्ट हो चुकी है। किसानों की क्षतिग्रस्त फसलों का शीघ्र सर्वे कराकर शासन को रिपोर्ट भेजी जाए।
एसडीएम ने किसानों को आश्वासन दिया कि वे उनकी मांग को मुख्यमंत्री तक पहुंचाएंगे। तहसीलकर्मियों से नष्ट हुई फसलों का सर्वे कराएंगे। गांव उमराया के प्रधान योगेंद्र सिंह चौधरी, खायरा के पूरन चंद, आजनौंख के भगवान सिंह, चौ. प्रताप सिंह, ललित गुप्ता, चंद्रप्रकाश वार्ष्णेय आदि ने जानकारी दी।
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ज्ञापन देने वालों में चौमुंहा, आझई, पसौली, सेही, तरौली, पिल्होरा, आजनौंख, करहला, पिसावा, सांखी, रनवारी, खायरा, भदावल, विजवारी, नंदगांव, छाता, उंदी, बिडाबली, पैगांव, लाडपुर, नरी, सेंमरी, अकबरपुर आदि गांवों के सैकड़ों किसान शामिल थे।
किसानों का कहना था कि पिछले तीन वर्ष से किसानों की प्राकृतिक आपदा से फसल नष्ट हो रही है। किसानों ने मांग की है कि उनके कर्ज माफ किए जाएं। इस मौके पर सुभाष, चरन सिंह, तेजपाल, गोविंदराम, वीरपाल, योगेंद्र, रमेश, घनश्याम, राकेश, राजपाल, हरिओम आदि उपस्थित थे।
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ज्ञापन में कहा गया है कि तहसील क्षेत्र के सभी गांवों में 80 प्रतिशत फसल आंधी, ओलावृष्टि व बारिश से नष्ट हो चुकी है। किसानों की क्षतिग्रस्त फसलों का शीघ्र सर्वे कराकर शासन को रिपोर्ट भेजी जाए।
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एसडीएम ने किसानों को आश्वासन दिया कि वे उनकी मांग को मुख्यमंत्री तक पहुंचाएंगे। तहसीलकर्मियों से नष्ट हुई फसलों का सर्वे कराएंगे। गांव उमराया के प्रधान योगेंद्र सिंह चौधरी, खायरा के पूरन चंद, आजनौंख के भगवान सिंह, चौ. प्रताप सिंह, ललित गुप्ता, चंद्रप्रकाश वार्ष्णेय आदि ने जानकारी दी।
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ज्ञापन देने वालों में चौमुंहा, आझई, पसौली, सेही, तरौली, पिल्होरा, आजनौंख, करहला, पिसावा, सांखी, रनवारी, खायरा, भदावल, विजवारी, नंदगांव, छाता, उंदी, बिडाबली, पैगांव, लाडपुर, नरी, सेंमरी, अकबरपुर आदि गांवों के सैकड़ों किसान शामिल थे।
किसानों का कहना था कि पिछले तीन वर्ष से किसानों की प्राकृतिक आपदा से फसल नष्ट हो रही है। किसानों ने मांग की है कि उनके कर्ज माफ किए जाएं। इस मौके पर सुभाष, चरन सिंह, तेजपाल, गोविंदराम, वीरपाल, योगेंद्र, रमेश, घनश्याम, राकेश, राजपाल, हरिओम आदि उपस्थित थे।