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बैंक हड़ताल से 25 करोड़ का कारोबार प्रभावित
Updated Mon, 26 Mar 2018 10:56 PM IST
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बैंक हड़ताल से 25 करोड़ का कारोबार प्रभावित
- फोटो : अमर उजाला
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एटा। ग्रामीण बैंक की सोमवार से शुरू हुई तीन दिवसीय हड़ताल से 25 करोड़ का लेनदेन प्रभावित रहा। सोमवार को कर्मियों ने प्रदर्शन कर अपनी मांग उठाई।
कर्मियों ने कहा कि ग्रामीण बैंकों से जुड़े कर्मी समस्याओं से जूझ रहे हैं। शासन की नीति कर्मचारी विरोधी बनी हुई है। शासन ग्रामीण बैंकों का निजीकरण करना चाहती है, सरकार का यह कदम उचित नहीं है। यदि बैंकों का निजीरकण हो गया तो इससे कर्मियों और ग्राहक दोनों पर ही असर पड़ेगा। बैंकों में मृतक आश्रित के तहत नौकरी देने का कोई प्रावधान नहीं है। अन्य बैंकों की तरह इन बैंक मे ंयह प्रावधान किया जाए। सभी बैंकों में कर्मचारियों को कंप्यूटर वेतन वृद्धि मिलती है, तो ग्रामीण बैंक में भी कंप्यूटर पर कार्य करने के लिए वेतन वृद्धि दी जाए। कर्मचारियों ने बताया कि दैनिक वेतन भोगियों को नियमितीकरण किए जाने की मांग काफी समय से की जा रही है। पेंशन, प्रोन्नति नीति लागू करने सहित अन्य मांगे की जा रही हैं। इस दौरान जिले की 40 ग्रामीण बैंक शाखाओं पर ताले लटके रहे। वहीं लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। ग्रामीण इलाकों में लोग सबसे ज्यादा परेशानी से जूझते नजर आए। बैंक कर्मचारी उमेश यादव ने बताया कि बैंक की हड़ताल तीन दिन तक रहेगी। इस दौरान कर्मचारी कार्य से विरत रहेंगे। इस मौके पर उमेश यादव, सुरेंद्र वर्मा, दुर्वेश यादव, आशुतोष सक्सेना, आरके गुप्ता, सत्य प्रवीन गुप्ता, शोभाराम, एपी कनौजिया, मौजूद रहे। हड़ताल के चलते बैंक को करोड़ों का नुकसान हुआ। वही एसोसिएशन अपनी सात सूत्री मांगे मनवाने की जिद पर अड़ गई है।
एटा जिले में हमारी 40 शाखा है। सभी शाखाओं के कर्मचारी तीन दिन हड़ताल पर है। एक दिन में 20 से 25 करोड़ रुपए का कारोबार प्रभावित हुआ होगा।
उमेश यादव, अध्यक्ष - ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त स्टाफ एसोसिएशन
बैंक हड़ताल से लेनदेन प्रभावित, उपभोक्ताओं को हुई परेशानी
कासगंज। ग्रामीण बैंक आफ आर्यावर्त अधिकारी एसोसिएशन एवं कर्मचारी संगठन, ग्रामीण बैंक आफ आर्यावर्त अधिकारी संघ तथा कर्मचारी एसोसिएशन के द्वारा सोमवार से हड़ताल कर दी गई। बैंक के अधिकारियों एवं कर्मियों की हड़ताल के चलते जनपद की 22 शाखाओं में ताले लटक गए। वहीं बैंकों पर पहुंचने वाले ग्राहकों को हड़ताल के चलते परेशानी हुई। अधिकारी व कर्मियों के द्वारा समस्याओं के शीघ्र निदान किए जाने की मांग की जा रही है। हड़ताल के चलते बैंक शाखाओं के ग्राहक खासे परेशान रहे।
ग्रामीण बैंक आफ आर्यवर्त अधिकारी एसोसिएशन के अध्यक्ष आशुतोष सक्सेना ने कहा कि भारत द्वारा बैंकों के प्रति शोषण नीति अपनाने के कारण बैंक कर्मचारियों में रोष है। बैंकों पर विभिन्न पॉलिसी बेचने, आधार कार्ड बनवाने एवं अवकाश के दिनों में कैंप का आयोजन करने का अतिरिक्त कार्य थोप दिया गया है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को पेंशन, केंद्र कर्मचारियों के बराबर वेतन व अन्य भत्ते, आउट सोर्सिंग बंद किए जाने, बैंक कर्मियों की मृत्यु के बाद आश्रितों को नौकरी प्रदान करना आदि मांगे शीघ्र पूरी की जाएं। जिले 22 शाखाओं में हड़ताल रही जिससे करीब ढाई करोड़ का लेन-देन प्रभावित होने का अनुमान है। ग्रामीण बैंक आफ आर्यावर्त कर्मचारी संघ के अध्यक्ष विपिुल सिंह ने कहा कि हड़ताल 28 मार्च तक चलेगी। हड़ताल में शामिल होने वालों में आरके गुप्ता, चक्रेश चंद्र गौड़, शरद माहेश्वरी, उमेश जादौन, मनोज शर्मा सहित अन्य बैंक व कर्मी शामिल रहे।
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ग्राहक कल्लू अंसारी ने बताया कि वह पैसे निकालने को आए लेकिन हड़ताल होने के कारण पैसे नहीं निकाल सके।
माल गोदाम रोड ग्रामीण बैंक शाखा के ग्राहक अमीनुद्दीन ने बताया कि उसे रुपये चाहिए थे। वह इसी उम्मीद से बैंक पर आए थे। लेकिन हड़ताल के चलते उन्हें धनराशि नहीं मिल सकी।
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कर्मियों ने कहा कि ग्रामीण बैंकों से जुड़े कर्मी समस्याओं से जूझ रहे हैं। शासन की नीति कर्मचारी विरोधी बनी हुई है। शासन ग्रामीण बैंकों का निजीकरण करना चाहती है, सरकार का यह कदम उचित नहीं है। यदि बैंकों का निजीरकण हो गया तो इससे कर्मियों और ग्राहक दोनों पर ही असर पड़ेगा। बैंकों में मृतक आश्रित के तहत नौकरी देने का कोई प्रावधान नहीं है। अन्य बैंकों की तरह इन बैंक मे ंयह प्रावधान किया जाए। सभी बैंकों में कर्मचारियों को कंप्यूटर वेतन वृद्धि मिलती है, तो ग्रामीण बैंक में भी कंप्यूटर पर कार्य करने के लिए वेतन वृद्धि दी जाए। कर्मचारियों ने बताया कि दैनिक वेतन भोगियों को नियमितीकरण किए जाने की मांग काफी समय से की जा रही है। पेंशन, प्रोन्नति नीति लागू करने सहित अन्य मांगे की जा रही हैं। इस दौरान जिले की 40 ग्रामीण बैंक शाखाओं पर ताले लटके रहे। वहीं लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। ग्रामीण इलाकों में लोग सबसे ज्यादा परेशानी से जूझते नजर आए। बैंक कर्मचारी उमेश यादव ने बताया कि बैंक की हड़ताल तीन दिन तक रहेगी। इस दौरान कर्मचारी कार्य से विरत रहेंगे। इस मौके पर उमेश यादव, सुरेंद्र वर्मा, दुर्वेश यादव, आशुतोष सक्सेना, आरके गुप्ता, सत्य प्रवीन गुप्ता, शोभाराम, एपी कनौजिया, मौजूद रहे। हड़ताल के चलते बैंक को करोड़ों का नुकसान हुआ। वही एसोसिएशन अपनी सात सूत्री मांगे मनवाने की जिद पर अड़ गई है।
एटा जिले में हमारी 40 शाखा है। सभी शाखाओं के कर्मचारी तीन दिन हड़ताल पर है। एक दिन में 20 से 25 करोड़ रुपए का कारोबार प्रभावित हुआ होगा।
उमेश यादव, अध्यक्ष - ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त स्टाफ एसोसिएशन
बैंक हड़ताल से लेनदेन प्रभावित, उपभोक्ताओं को हुई परेशानी
कासगंज। ग्रामीण बैंक आफ आर्यावर्त अधिकारी एसोसिएशन एवं कर्मचारी संगठन, ग्रामीण बैंक आफ आर्यावर्त अधिकारी संघ तथा कर्मचारी एसोसिएशन के द्वारा सोमवार से हड़ताल कर दी गई। बैंक के अधिकारियों एवं कर्मियों की हड़ताल के चलते जनपद की 22 शाखाओं में ताले लटक गए। वहीं बैंकों पर पहुंचने वाले ग्राहकों को हड़ताल के चलते परेशानी हुई। अधिकारी व कर्मियों के द्वारा समस्याओं के शीघ्र निदान किए जाने की मांग की जा रही है। हड़ताल के चलते बैंक शाखाओं के ग्राहक खासे परेशान रहे।
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ग्रामीण बैंक आफ आर्यवर्त अधिकारी एसोसिएशन के अध्यक्ष आशुतोष सक्सेना ने कहा कि भारत द्वारा बैंकों के प्रति शोषण नीति अपनाने के कारण बैंक कर्मचारियों में रोष है। बैंकों पर विभिन्न पॉलिसी बेचने, आधार कार्ड बनवाने एवं अवकाश के दिनों में कैंप का आयोजन करने का अतिरिक्त कार्य थोप दिया गया है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को पेंशन, केंद्र कर्मचारियों के बराबर वेतन व अन्य भत्ते, आउट सोर्सिंग बंद किए जाने, बैंक कर्मियों की मृत्यु के बाद आश्रितों को नौकरी प्रदान करना आदि मांगे शीघ्र पूरी की जाएं। जिले 22 शाखाओं में हड़ताल रही जिससे करीब ढाई करोड़ का लेन-देन प्रभावित होने का अनुमान है। ग्रामीण बैंक आफ आर्यावर्त कर्मचारी संघ के अध्यक्ष विपिुल सिंह ने कहा कि हड़ताल 28 मार्च तक चलेगी। हड़ताल में शामिल होने वालों में आरके गुप्ता, चक्रेश चंद्र गौड़, शरद माहेश्वरी, उमेश जादौन, मनोज शर्मा सहित अन्य बैंक व कर्मी शामिल रहे।
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ग्राहक कल्लू अंसारी ने बताया कि वह पैसे निकालने को आए लेकिन हड़ताल होने के कारण पैसे नहीं निकाल सके।
माल गोदाम रोड ग्रामीण बैंक शाखा के ग्राहक अमीनुद्दीन ने बताया कि उसे रुपये चाहिए थे। वह इसी उम्मीद से बैंक पर आए थे। लेकिन हड़ताल के चलते उन्हें धनराशि नहीं मिल सकी।