{"_id":"5a58f9514f1c1b64428b481d","slug":"71515780433-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"50 परिषदीय स्कूलों के बच्चों को मिलेगी अंग्रेजी माध्यम में शिक्षा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
50 परिषदीय स्कूलों के बच्चों को मिलेगी अंग्रेजी माध्यम में शिक्षा
Updated Fri, 12 Jan 2018 11:43 PM IST
विज्ञापन
student
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मैनपुरी। ग्रामीण क्षेत्र के बच्चे भी अब परिषदीय स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा ले सकेंगे। जिले के 50 परिषदीय स्कूलों में ये सुविधा दी जाएगी। विभाग ने अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा देने के लिए स्कूलों का चिन्हांकन कर रहा है।
शासन की मंशा है कि परिषदीय स्कूलों के बच्चों को भी निजी स्कूलों की तर्ज पर अंग्रेजी माध्यम में शिक्षा लें। इसके लिए विभाग ने योजना का शुभारंभ करते हुए प्रथम चरण में 50 स्कूलों का अंग्रेजी माध्यम से चयन किए जाने का निर्णय लिया है। प्रथम चरण में जिले के प्रत्येक विकास खंड से पांच-पांच स्कूल अंग्रेजी माध्यम के लिए चयनित किए जाने हैं। वहीं नगर क्षेत्र से भी पांच स्कूलों का चयन किया जाना है।
योजना को सफल बनाने के लिए जिले के सभी नौ विकास खंडों के खंड शिक्षाधिकारियों और नगर शिक्षाधिकारी को पत्र जारी कर निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्र के बेहतर व्यवस्थाओं और छात्र संख्या वाले पांच स्कूलों की सूची बीएसए कार्यालय में उपलब्ध कराएं।
विज्ञापन
अंग्रेजी माध्यम से जिन स्कूलों का चयन होगा। उनमें छात्र संख्या अच्छी होनी चाहिए। इसके अतिरिक्त यहां विद्यालय का वातावरण भी उचित होना चाहिए। बच्चों के बैठने की व्यवस्था, बच्चों का मानसिक स्तर भी बेहतर होना जरूरी है। खंड शिक्षाधिकारी इन सारे तथ्यों को ध्यान में रखते हुए अपने क्षेत्र के पांच स्कूलों के नाम की सूची बीएसए को उपलब्ध कराएंगे।
छात्र उपस्थित में होगा सुधार
यदि विभाग का यह प्रयोग सफल रहता है तो परिषदीय स्कूलों की छात्र संख्या में भी सुधार होगा। जिस शिक्षा के लिए उन्हें हजारों रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं वह शिक्षा उन्हें परिषदीय स्कूलों में नि:शुल्क मिलेगी। हजारों रुपये पाठ्य पुस्तकों के लिए भी नहीं खर्च करने पड़ेंगे। विभाग नि:शुल्क पुस्तकें भी उपलब्ध कराएगा।
सभी खंड शिक्षाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने क्षेत्र से पांच-पांच स्कूलों की सूची उनके कार्यालय को तीन दिन के अंदर उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। जिससे कि योजना को गति दी जा सके।
- विजय प्रताप सिंह, बीएसए
विज्ञापन
शासन की मंशा है कि परिषदीय स्कूलों के बच्चों को भी निजी स्कूलों की तर्ज पर अंग्रेजी माध्यम में शिक्षा लें। इसके लिए विभाग ने योजना का शुभारंभ करते हुए प्रथम चरण में 50 स्कूलों का अंग्रेजी माध्यम से चयन किए जाने का निर्णय लिया है। प्रथम चरण में जिले के प्रत्येक विकास खंड से पांच-पांच स्कूल अंग्रेजी माध्यम के लिए चयनित किए जाने हैं। वहीं नगर क्षेत्र से भी पांच स्कूलों का चयन किया जाना है।
विज्ञापन
योजना को सफल बनाने के लिए जिले के सभी नौ विकास खंडों के खंड शिक्षाधिकारियों और नगर शिक्षाधिकारी को पत्र जारी कर निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्र के बेहतर व्यवस्थाओं और छात्र संख्या वाले पांच स्कूलों की सूची बीएसए कार्यालय में उपलब्ध कराएं।
विज्ञापन
अंग्रेजी माध्यम से जिन स्कूलों का चयन होगा। उनमें छात्र संख्या अच्छी होनी चाहिए। इसके अतिरिक्त यहां विद्यालय का वातावरण भी उचित होना चाहिए। बच्चों के बैठने की व्यवस्था, बच्चों का मानसिक स्तर भी बेहतर होना जरूरी है। खंड शिक्षाधिकारी इन सारे तथ्यों को ध्यान में रखते हुए अपने क्षेत्र के पांच स्कूलों के नाम की सूची बीएसए को उपलब्ध कराएंगे।
छात्र उपस्थित में होगा सुधार
यदि विभाग का यह प्रयोग सफल रहता है तो परिषदीय स्कूलों की छात्र संख्या में भी सुधार होगा। जिस शिक्षा के लिए उन्हें हजारों रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं वह शिक्षा उन्हें परिषदीय स्कूलों में नि:शुल्क मिलेगी। हजारों रुपये पाठ्य पुस्तकों के लिए भी नहीं खर्च करने पड़ेंगे। विभाग नि:शुल्क पुस्तकें भी उपलब्ध कराएगा।
सभी खंड शिक्षाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने क्षेत्र से पांच-पांच स्कूलों की सूची उनके कार्यालय को तीन दिन के अंदर उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। जिससे कि योजना को गति दी जा सके।
- विजय प्रताप सिंह, बीएसए