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शिक्षा मित्रों का आंदोलन फिर से शुरू
Updated Wed, 16 Aug 2017 11:35 PM IST
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आगरा। प्रदेश सरकार की ओर से 15 अगस्त तक कोई निर्णय न लिए जाने पर शिक्षामित्रों ने बुधवार को फिर से आंदोलन शुरू कर दिया। डायट परिसर में सांकेतिक रूप से धरना दिया। 17 से 19 अगस्त तक जिला मुख्यालय पर सत्याग्रह करेंगे।
उत्तरप्रदेश शिक्षामित्र संघ और आदर्श वेलफेयर शिक्षा मित्र एसोसिएशन के आह्वान पर डायट परिसर में एकत्रित हुए। दोनों संघों के जिलाध्यक्ष क्रमश: वीरेंद्र सिंह छौंकर और प्रदीप उपाध्याय ने धरना सभा को संबोधित किया। इनका कहना था कि मुख्यमंत्री ने एक अगस्त को प्रांतीय नेतृत्व से वार्ता के बाद समय मांगा।
15 अगस्त का समय दिया गया था। इस अवधि में कोई निर्णय न आने पर शिक्षामित्राें को फिर से आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ा है। तीन दिन जिला मुख्यालय पर सत्याग्रह किया जाएगा। 21 अगस्त को पूरे प्रदेश से शिक्षामित्र लखनऊ पहुंचकर लक्ष्मण मैदान में सत्याग्रह करेंगे। इसके बाद भी शिक्षामित्राें के हित में निर्णय नहीं लिया जाता तो सभी दिल्ली जाएंगे और अन्ना हजारे के नेतृत्व में जन आंदोलन होगा। धरने में अशोक शर्मा, शिशुपाल चाहर, भूपेंद्र शर्मा, रामप्रकाश लवानियां, नरायन दत्त उपाध्याय आदि मौजूद रहे।
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मुख्यमंत्री को ये मांग पत्र भेजा
- सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर प्रदेश सरकार की ओर से पुनर्विचार याचिका दाखिल की जाए।
- याचिका दाखिल करने, उस पर निर्णय होने तक समायोजित पद पर कार्य करने दिया जाए।
- शिक्षा मित्रों को सहायक अध्यापक पद पर बनाए रखने के लिए नया कानून बनाया जाए।
- विकल्प के तौर पर शिक्षा को सहायक अध्यापक के समकक्ष वेतनमान व पद पर समायोजित किया जाए।
- संगठन के प्रतिनिधिमंडल को प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से वार्ता का समय दिया जाए।
- मृतक शिक्षा मित्राें के परिवारों को 25-25 लाख रुपये, परिवार के एक व्यक्ति को नौकरी दी जाए।
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उत्तरप्रदेश शिक्षामित्र संघ और आदर्श वेलफेयर शिक्षा मित्र एसोसिएशन के आह्वान पर डायट परिसर में एकत्रित हुए। दोनों संघों के जिलाध्यक्ष क्रमश: वीरेंद्र सिंह छौंकर और प्रदीप उपाध्याय ने धरना सभा को संबोधित किया। इनका कहना था कि मुख्यमंत्री ने एक अगस्त को प्रांतीय नेतृत्व से वार्ता के बाद समय मांगा।
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15 अगस्त का समय दिया गया था। इस अवधि में कोई निर्णय न आने पर शिक्षामित्राें को फिर से आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ा है। तीन दिन जिला मुख्यालय पर सत्याग्रह किया जाएगा। 21 अगस्त को पूरे प्रदेश से शिक्षामित्र लखनऊ पहुंचकर लक्ष्मण मैदान में सत्याग्रह करेंगे। इसके बाद भी शिक्षामित्राें के हित में निर्णय नहीं लिया जाता तो सभी दिल्ली जाएंगे और अन्ना हजारे के नेतृत्व में जन आंदोलन होगा। धरने में अशोक शर्मा, शिशुपाल चाहर, भूपेंद्र शर्मा, रामप्रकाश लवानियां, नरायन दत्त उपाध्याय आदि मौजूद रहे।
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मुख्यमंत्री को ये मांग पत्र भेजा
- सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर प्रदेश सरकार की ओर से पुनर्विचार याचिका दाखिल की जाए।
- याचिका दाखिल करने, उस पर निर्णय होने तक समायोजित पद पर कार्य करने दिया जाए।
- शिक्षा मित्रों को सहायक अध्यापक पद पर बनाए रखने के लिए नया कानून बनाया जाए।
- विकल्प के तौर पर शिक्षा को सहायक अध्यापक के समकक्ष वेतनमान व पद पर समायोजित किया जाए।
- संगठन के प्रतिनिधिमंडल को प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से वार्ता का समय दिया जाए।
- मृतक शिक्षा मित्राें के परिवारों को 25-25 लाख रुपये, परिवार के एक व्यक्ति को नौकरी दी जाए।