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यूपी: 68 हजार सीटें खाली, अब कॉलेजों का ऑडिट, आंबेडकर विश्वविद्यालय जुटा रहा छात्रों और कोर्सों का ब्योरा
Fri, 16 Oct 2026 10:25 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Fri, 16 Oct 2026 10:25 AM IST
सार
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों में स्नातक और परास्नातक की करीब 68 हजार सीटें खाली रह गई हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन कॉलेजों में संचालित पाठ्यक्रमों, प्रवेश और रिक्त सीटों का ऑडिट कर रहा है।
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आगरा विश्वविद्यालय
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में स्नातक और परास्नातक में 68 हजार सीटें खाली रह गई हैं। अब विश्वविद्यालय प्रशासन निजी कॉलेजों की सीट और छात्रों का ऑडिट कर रहा है। इनकी रिपोर्ट बनाई जा रही है, जिसके आधार पर रिक्त कोर्सों की सूची बनाई जा सके।
विश्वविद्यालय से आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद और मैनपुरी के 575 कॉलेज संबद्ध हैं। इनमें से 32 कॉलेज एडेड और आठ सरकारी हैं, बाकी 535 निजी कॉलेज हैं। यहां स्नातक और परास्नातक के विभिन्न पाठ्यक्रम में 2.06 लाख सीटें हैं, जिसमें स्नातक की 1.06 लाख और परास्नातक में एक लाख सीटें हैं। 2026-27 सत्र के लिए प्रवेश के लिए वेब पंजीकरण प्रक्रिया बंद हो चुकी है। अब तक 1.38 लाख सीटें ही भरी जा सकी हैं। सरकारी और एडेड कॉलेजों में सीटें फुल हो चुकी हैं जबकि निजी कॉलेजों में करीब 68 हजार सीटें खाली हैं।
इसमें संबंधित कॉलेज में संचालित पाठ्यक्रम, उनमें प्रवेश, कितनी सीटें रिक्त रहीं समेत अन्य का डेटा जुटाया जा रहा है। विश्वविद्यालय के डीन एकेडमिक प्रो. मनु प्रताप सिंह ने बताया कि स्नातक और परास्नातक में करीब 68 हजार सीटें खाली रह गई हैं। सभी कॉलेजों में कितनी सीटें रिक्त हैं, कोर्स कितने हैं, इनकी रिपोर्ट बना रहे हैं। डॉ. भीमराव आंबेडकर सेल्फ फाइनेंस कॉलेज एसोसिएशन के अध्यक्ष चौधरी कृपाल सिंह का कहना है कि सरकारी कॉलेजों में सीटें बढ़ाई जा रही हैं, इसके चलते वहां सीटें भरने के बाद ही निजी कॉलेजों में प्रवेश लेते हैं। वेब पंजीकरण की तिथि एक बार और बढ़ा दी जाए तो रिक्त सीटें भरी जा सकेंगी।
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बीते सत्र से छह हजार अधिक प्रवेश
डीन एकेडमिक ने बताया कि 2025-26 सत्र के मुकाबले इस बार छह हजार सीटों पर प्रवेश अधिक हुआ है। बीते सत्र 1.32 लाख सीटों पर प्रवेश हुआ था। इस बार 1.38 लाख सीटों पर प्रवेश हो चुका है। इस तरह से छह हजार प्रवेश बढ़े हैं।
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विश्वविद्यालय से आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद और मैनपुरी के 575 कॉलेज संबद्ध हैं। इनमें से 32 कॉलेज एडेड और आठ सरकारी हैं, बाकी 535 निजी कॉलेज हैं। यहां स्नातक और परास्नातक के विभिन्न पाठ्यक्रम में 2.06 लाख सीटें हैं, जिसमें स्नातक की 1.06 लाख और परास्नातक में एक लाख सीटें हैं। 2026-27 सत्र के लिए प्रवेश के लिए वेब पंजीकरण प्रक्रिया बंद हो चुकी है। अब तक 1.38 लाख सीटें ही भरी जा सकी हैं। सरकारी और एडेड कॉलेजों में सीटें फुल हो चुकी हैं जबकि निजी कॉलेजों में करीब 68 हजार सीटें खाली हैं।
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इसमें संबंधित कॉलेज में संचालित पाठ्यक्रम, उनमें प्रवेश, कितनी सीटें रिक्त रहीं समेत अन्य का डेटा जुटाया जा रहा है। विश्वविद्यालय के डीन एकेडमिक प्रो. मनु प्रताप सिंह ने बताया कि स्नातक और परास्नातक में करीब 68 हजार सीटें खाली रह गई हैं। सभी कॉलेजों में कितनी सीटें रिक्त हैं, कोर्स कितने हैं, इनकी रिपोर्ट बना रहे हैं। डॉ. भीमराव आंबेडकर सेल्फ फाइनेंस कॉलेज एसोसिएशन के अध्यक्ष चौधरी कृपाल सिंह का कहना है कि सरकारी कॉलेजों में सीटें बढ़ाई जा रही हैं, इसके चलते वहां सीटें भरने के बाद ही निजी कॉलेजों में प्रवेश लेते हैं। वेब पंजीकरण की तिथि एक बार और बढ़ा दी जाए तो रिक्त सीटें भरी जा सकेंगी।
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बीते सत्र से छह हजार अधिक प्रवेश
डीन एकेडमिक ने बताया कि 2025-26 सत्र के मुकाबले इस बार छह हजार सीटों पर प्रवेश अधिक हुआ है। बीते सत्र 1.32 लाख सीटों पर प्रवेश हुआ था। इस बार 1.38 लाख सीटों पर प्रवेश हो चुका है। इस तरह से छह हजार प्रवेश बढ़े हैं।