{"_id":"5bab9f8e867a553da22cd491","slug":"61537974158-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाईवे पर मथुरा में बनेंगे 14 फुट ओवरब्रिज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाईवे पर मथुरा में बनेंगे 14 फुट ओवरब्रिज
Updated Wed, 26 Sep 2018 08:32 PM IST
विज्ञापन
डैमो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मथुरा। हाईवे अथारिटी ने दुर्घटना रहित जोन बनाने के लिए पहल की है। दोपहिया वाहन से या फिर पैदल चलकर हाईवे पार करने वालों के लिए 14 फुट ओवरब्रिज बनाए जाने हैं। इस पर 45 करोड़ की लागत आएगी। सर्वे कराने के बाद फाइनल रिपोर्ट तैयार करा ली गई है। माना जा रहा है कि जल्द ही निर्माण शुरू हो जाएगा।
नेशनल हाईवे अब सिक्स लेन हो रहा है जिससे वाहनों की रफ्तार बढ़ रही है। इससे दुर्घटना की संख्या में भी तेजी के साथ इजाफा हुआ है। मथुरा से आगरा तक हर रोज औसतन तीन एक्सीडेंट होते हैं। हाईवे पर सबसे ज्यादा दुर्घटना सड़क पार करने के दौरान होते हैं। एनएचएआई ने आगरा-दिल्ली हाईवे को आबादी के बीच दुर्घटना रहित जोन बनाने के लिए एक सर्वे कराया था।
इस सर्वे में उन इलाकों का चिन्हीकरण किया जहां सबसे ज्यादा दुर्घटनाएं हो रही थीं। इसमें हरियाणा सीमा से सटे कोटवन से लेकर आगरा तक 110 किलोमीटर इलाके में कोसीकलां, अजीजपुर गांव, जैंत गांव, छटीकरा, नयति अस्पताल, सराय आजमाबाद निकट रोमेक्स स्कूल, राधापुरम चौराहा, सौंख चौराहा, पुराना एआरटीओ चौराहा, नवादा गांव, बरारी गांव, हिंदुस्तान कॉलेज हैं।
विज्ञापन
एनएचएआई के डीजीएम सुरेश कुमार ने बताया कि एक फुट ओवर ब्रिज पर दो करोड़ से अधिक खर्च आएगा। चार महीने में सभी फुट ओवर ब्रिज बनाकर तैयार कर दिए जाएंगे।
दुपहिया वाहनों से कर सकेंगे हाईवे क्रास
एनएचएआई के डीजीएम सुरेश कुमार ने बताया कि फुट ओवर ब्रिज से दुपहिया सवारों के लिए अलग से स्लैब डाला जाएगा, वहीं पैदल चलने वालों के लिए सीढ़ियां बनाई जाएंगी। इससे दुपहिया सवार आसानी से हाईवे पार कर सकेंगे।
विज्ञापन
नेशनल हाईवे अब सिक्स लेन हो रहा है जिससे वाहनों की रफ्तार बढ़ रही है। इससे दुर्घटना की संख्या में भी तेजी के साथ इजाफा हुआ है। मथुरा से आगरा तक हर रोज औसतन तीन एक्सीडेंट होते हैं। हाईवे पर सबसे ज्यादा दुर्घटना सड़क पार करने के दौरान होते हैं। एनएचएआई ने आगरा-दिल्ली हाईवे को आबादी के बीच दुर्घटना रहित जोन बनाने के लिए एक सर्वे कराया था।
विज्ञापन
इस सर्वे में उन इलाकों का चिन्हीकरण किया जहां सबसे ज्यादा दुर्घटनाएं हो रही थीं। इसमें हरियाणा सीमा से सटे कोटवन से लेकर आगरा तक 110 किलोमीटर इलाके में कोसीकलां, अजीजपुर गांव, जैंत गांव, छटीकरा, नयति अस्पताल, सराय आजमाबाद निकट रोमेक्स स्कूल, राधापुरम चौराहा, सौंख चौराहा, पुराना एआरटीओ चौराहा, नवादा गांव, बरारी गांव, हिंदुस्तान कॉलेज हैं।
विज्ञापन
एनएचएआई के डीजीएम सुरेश कुमार ने बताया कि एक फुट ओवर ब्रिज पर दो करोड़ से अधिक खर्च आएगा। चार महीने में सभी फुट ओवर ब्रिज बनाकर तैयार कर दिए जाएंगे।
दुपहिया वाहनों से कर सकेंगे हाईवे क्रास
एनएचएआई के डीजीएम सुरेश कुमार ने बताया कि फुट ओवर ब्रिज से दुपहिया सवारों के लिए अलग से स्लैब डाला जाएगा, वहीं पैदल चलने वालों के लिए सीढ़ियां बनाई जाएंगी। इससे दुपहिया सवार आसानी से हाईवे पार कर सकेंगे।