{"_id":"5b6c76a14f1c1bb37b8b72c0","slug":"61533834913-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अफसरों के नाम की पट्टिकाओं पर कालिख लगाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अफसरों के नाम की पट्टिकाओं पर कालिख लगाई
Updated Thu, 09 Aug 2018 11:09 PM IST
विज्ञापन
मथुरा। सपाइयों ने गुरुवार को लोकनिर्माण विभाग के आफिस पर जमकर बवाल काटा। आफिस के गेट पर ताला लगा दिया। दफ्तरों के बाहर लगीं अफसरों की नेम प्लेट कालिख से पोत दी। दफ्तर में बैठे अधिशासी अभियंता सुदर्शन कांत वर्मा पर कालिख फेंक दी।
सपा नेताओं का आरोप है कि पीडब्लूडी के अफसरों ने आफिस में रखे सपा शासनकाल में विकास कार्यों की शिलापट्टिकाओं पर कालिख पुतवा दी है। सपाइयों का हंगामा जब बढ़ा तो कर्मचारी भी एकजुट हो गए और सपा नेताओं को दौड़ा लिया। मौके पर पहुंचे अफसरों ने किसी तरह मामले को शांत कराया।
दोपहर करीब 11:30 बजे सपा नेता कार्यकर्ताओं की टीम लेकर लोकनिर्माण विभाग के प्रांतीय खंड कार्यालय पर पहुंच गए। इन लोगों ने पहुंचते ही आफिस के मुख्य गेट पर ताला डाल दिया और धरने पर बैठ गए। अफसरों और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद सपा के नेता कार्यालय में पहुंचे और यहां अधिकारियों की सभी नेम प्लेट पर काला रंग लगा दिया।
विज्ञापन
सपाइयों का उग्र रूप देखकर कार्यालय में अफरातफरी मच गई। कुछ सपा कार्यकर्ता एक्सईएन सुदर्शन कांत वर्मा के कार्यालय में घुस गए और उनके ऊपर कालिख फेंक दी। इससे पीडब्लूडी के कर्मचारी भड़क गए और सपाइयों से भिड़ गए। कर्मचारियों ने सपा नेताओं को दौड़ा लिया।
पीडब्लूडी का कर्मचारी नरेंद्र तो अचेत हो गया। उसे तत्काल इलाज के लिए अस्पताल भेज दिया गया। सूचना पर सदर थाना पुलिस पहुंच गई। नगर मजिस्ट्रेट बसंत लाल भी पहुंच गए, तब तक सपा कार्यकर्ता कार्यालय से जा चुके थे।
सपा नेताओं का यह है आरोप
प्रदेश की सपा सरकार के शासनकाल में जनपद में करोड़ों रुपये के विकास कार्य हुए थे। इनका लोकार्पण तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लखनऊ में किया था। उसकी शिला पट्टिकाएं मथुरा के पीडब्लूडी कार्यालय भेज दी गई थीं। अफसरों ने इनको पूर्ण हो चुके कार्य स्थलों पर लगाने की बजाए कार्यालय के कमरे में रखवा दिया।
सत्ता बदलने के बाद इन शिला पट्टिकाओं पर कालिख पोत दी गई। इसका पता लगते ही सपा नेताओं में आक्रोश फैल गया। हंगामे के दौरान सपा जिलाध्यक्ष तनवीर अहमद, पूर्व जिलाध्यक्ष ठा. किशोर सिंह, सौरभ चौधरी, शिव कुमार यादव, प्रदीप चौधरी, गुड्डू खान, जागेश्वर यादव, रवि यादव, मुन्ना मलिक, भारत भूषण शर्मा, शिव कुमार यादव, सिराज खान, विभोर गौतम, ओमवीर सिंह, प्रीतम सिंह, साधना शर्मा, रितु सक्सेना मौजूद रहे।
‘कार्यालय के कमरे में रखी शिला पट्टिकाओं को चोरी का प्रयास किया जा रहा था। उसी व्यक्ति ने पहचान छिपाने की गरज से उन्हें पोत दिया। इस मामले की जांच जेई हेडक्वाटर को सौंप दी गई है। सपाइयों ने कार्यालय में घुसकर गुंडई की। इस मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।’
- सुदर्शन कांत वर्मा, एक्सईएन, प्रांतीय खंड
--
‘प्रांतीय खंड कार्यालय के कर्मचारी सरकार के कार्यकर्ता बनकर काम कर रहे हैं। कार्यालय में महिला कार्यकर्ताओं के साथ अधिकारियों और कर्मचारियों ने अभद्रता की। सपा शासनकाल में हुए विकास कार्यों को मिटाने का काम विभागीय अधिकारी कर रहे हैं। अभद्रता करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।’
- तनवीर अहमद, जिलाध्यक्ष समाजवादी पार्टी
विज्ञापन
सपा नेताओं का आरोप है कि पीडब्लूडी के अफसरों ने आफिस में रखे सपा शासनकाल में विकास कार्यों की शिलापट्टिकाओं पर कालिख पुतवा दी है। सपाइयों का हंगामा जब बढ़ा तो कर्मचारी भी एकजुट हो गए और सपा नेताओं को दौड़ा लिया। मौके पर पहुंचे अफसरों ने किसी तरह मामले को शांत कराया।
विज्ञापन
दोपहर करीब 11:30 बजे सपा नेता कार्यकर्ताओं की टीम लेकर लोकनिर्माण विभाग के प्रांतीय खंड कार्यालय पर पहुंच गए। इन लोगों ने पहुंचते ही आफिस के मुख्य गेट पर ताला डाल दिया और धरने पर बैठ गए। अफसरों और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद सपा के नेता कार्यालय में पहुंचे और यहां अधिकारियों की सभी नेम प्लेट पर काला रंग लगा दिया।
विज्ञापन
सपाइयों का उग्र रूप देखकर कार्यालय में अफरातफरी मच गई। कुछ सपा कार्यकर्ता एक्सईएन सुदर्शन कांत वर्मा के कार्यालय में घुस गए और उनके ऊपर कालिख फेंक दी। इससे पीडब्लूडी के कर्मचारी भड़क गए और सपाइयों से भिड़ गए। कर्मचारियों ने सपा नेताओं को दौड़ा लिया।
पीडब्लूडी का कर्मचारी नरेंद्र तो अचेत हो गया। उसे तत्काल इलाज के लिए अस्पताल भेज दिया गया। सूचना पर सदर थाना पुलिस पहुंच गई। नगर मजिस्ट्रेट बसंत लाल भी पहुंच गए, तब तक सपा कार्यकर्ता कार्यालय से जा चुके थे।
सपा नेताओं का यह है आरोप
प्रदेश की सपा सरकार के शासनकाल में जनपद में करोड़ों रुपये के विकास कार्य हुए थे। इनका लोकार्पण तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लखनऊ में किया था। उसकी शिला पट्टिकाएं मथुरा के पीडब्लूडी कार्यालय भेज दी गई थीं। अफसरों ने इनको पूर्ण हो चुके कार्य स्थलों पर लगाने की बजाए कार्यालय के कमरे में रखवा दिया।
सत्ता बदलने के बाद इन शिला पट्टिकाओं पर कालिख पोत दी गई। इसका पता लगते ही सपा नेताओं में आक्रोश फैल गया। हंगामे के दौरान सपा जिलाध्यक्ष तनवीर अहमद, पूर्व जिलाध्यक्ष ठा. किशोर सिंह, सौरभ चौधरी, शिव कुमार यादव, प्रदीप चौधरी, गुड्डू खान, जागेश्वर यादव, रवि यादव, मुन्ना मलिक, भारत भूषण शर्मा, शिव कुमार यादव, सिराज खान, विभोर गौतम, ओमवीर सिंह, प्रीतम सिंह, साधना शर्मा, रितु सक्सेना मौजूद रहे।
‘कार्यालय के कमरे में रखी शिला पट्टिकाओं को चोरी का प्रयास किया जा रहा था। उसी व्यक्ति ने पहचान छिपाने की गरज से उन्हें पोत दिया। इस मामले की जांच जेई हेडक्वाटर को सौंप दी गई है। सपाइयों ने कार्यालय में घुसकर गुंडई की। इस मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।’
- सुदर्शन कांत वर्मा, एक्सईएन, प्रांतीय खंड
--
‘प्रांतीय खंड कार्यालय के कर्मचारी सरकार के कार्यकर्ता बनकर काम कर रहे हैं। कार्यालय में महिला कार्यकर्ताओं के साथ अधिकारियों और कर्मचारियों ने अभद्रता की। सपा शासनकाल में हुए विकास कार्यों को मिटाने का काम विभागीय अधिकारी कर रहे हैं। अभद्रता करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।’
- तनवीर अहमद, जिलाध्यक्ष समाजवादी पार्टी