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मृतकों के ड्राइविंग लाइसेंस बनाने में कई पर हो सकती है कार्रवाई
Updated Sat, 02 Jun 2018 08:29 PM IST
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मथुरा। मर चुके दो युवकों के लाइसेंस जारी करने के मामले में एआरटीओ कार्यालय के कई बाबुओं पर कार्रवाई होना तय माना जा रहा है। अधिकारियों ने इन बाबुओं के इर्द गिर्द जांच शुरू कर दी है। कार्यालय से जिन मृतकों को ड्राइविंग लाइसेंस बने हैं उनके असल फोटो हासिल करने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। इन फोटो के मिलान के बाद जांच में सच्चाई सामने आ सकेगी।
एआरटीओ कार्यालय में मृतक चेतराम निवासी आशा नगर का 22 मार्च को और छाता निवासी मृतक वीरेंद्र का ड्राइविंग लाइसेंस 19 अप्रैल को तैयार किए गए थे। इनमें वीरेंद्र की मौत 26 नवंबर 2017 हो चुकी है। वहीं, चेतराम सड़क हादसे में सात मई 2017 को घायल हुआ था। उसकी भी नौ मई को इलाज के दौरान मौत हो चुकी है। इस मामले में सवाल उठ रहा है कि जब दोनों युवक मर चुके हैं तो एआरटीओ कार्यालय में उनके स्थान पर किसने फोटो कराए।
यदि फोटो में लिपिक ने गड़बड़ी की है तो इस तरह अब तक और कितने लाइसेंस में ऐसा खेल किया गया है। मामला सामने आया तो एआरटीओ कार्यालय इसकी जांच में जुट गया है। एआरटीओ बबीता वर्मा ने बताया कि विभाग दोनों मृतकों के फोटो हासिल करने में जुटा है। जो भी लिपिक इसमें शामिल पाया जाएगा उसके खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई तय है।
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स्थानांतरित लिपिक कर रहे काम
मथुरा। एआरटीओ कार्यालय के लिपिकों कुछ दिन पूर्व स्थानांतरित हुए हैं। बताया जाता है कि इसके बावजूद भी कुछ लिपिकों को अभी भी रिलीव नहीं किया है। उनसे पटलों के काम लिए जा रहे हैं।
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एआरटीओ कार्यालय में मृतक चेतराम निवासी आशा नगर का 22 मार्च को और छाता निवासी मृतक वीरेंद्र का ड्राइविंग लाइसेंस 19 अप्रैल को तैयार किए गए थे। इनमें वीरेंद्र की मौत 26 नवंबर 2017 हो चुकी है। वहीं, चेतराम सड़क हादसे में सात मई 2017 को घायल हुआ था। उसकी भी नौ मई को इलाज के दौरान मौत हो चुकी है। इस मामले में सवाल उठ रहा है कि जब दोनों युवक मर चुके हैं तो एआरटीओ कार्यालय में उनके स्थान पर किसने फोटो कराए।
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यदि फोटो में लिपिक ने गड़बड़ी की है तो इस तरह अब तक और कितने लाइसेंस में ऐसा खेल किया गया है। मामला सामने आया तो एआरटीओ कार्यालय इसकी जांच में जुट गया है। एआरटीओ बबीता वर्मा ने बताया कि विभाग दोनों मृतकों के फोटो हासिल करने में जुटा है। जो भी लिपिक इसमें शामिल पाया जाएगा उसके खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई तय है।
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स्थानांतरित लिपिक कर रहे काम
मथुरा। एआरटीओ कार्यालय के लिपिकों कुछ दिन पूर्व स्थानांतरित हुए हैं। बताया जाता है कि इसके बावजूद भी कुछ लिपिकों को अभी भी रिलीव नहीं किया है। उनसे पटलों के काम लिए जा रहे हैं।