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पूर्व बीएसए पर गोलमाल करने का आरोप
Updated Mon, 10 Jul 2017 11:40 PM IST
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जांच करती टीम
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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मैनपुरी। जिला फिरोजाबाद के एक व्यक्ति ने पूर्व बीएसए पर धांधली का आरोप लगाते हुए डीएम से शिकायत की है। डीएम ने तीन सदस्यीय टीम गठित कर सोमवार को बीएसए कार्यालय भेज आठ बिंदुओं की जांच कराई। टीम ने सभी बिंदुओं पर संबंधित बाबुओं से बयान लिए।
फिरोजाबाद के कस्बा शिकोहाबाद निवासी वीरपाल सिंह ने डीएम से पूर्व बीएसए रामकरन यादव के खिलाफ शिकायत की कि उन्होंने अभी तक फर्जी शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर नहीं कराई है। प्रश्न पत्र छपवाने में 20-25 प्रतिशत तक का कमीशन लिया है। पाठ्य पुस्तकों की ढुलाई में भी 200 रुपये प्रत्येक गाड़ी पर कमीशन लिया है। सरकारी गाड़ी का दुरुपयोग करते हैं। सात अप्रैल को वह सरकारी डीजल से अपने घर इलाहाबाद गए थे। नवीन शिक्षकों की नियुक्ति एकल और बंद स्कूलों में करने के आदेश थे। इसके बाद भी सुमन लता वर्मा की नियुक्ति प्राथमिक विद्यालय गनेशपुर में की गई।
जहां पहले से तीन शिक्षक कार्यरत हैं। जिले में एक सैकड़ा से अधिक सहायक अध्यापकों की पदोन्नति प्रधानाध्यापक पर की गई। जबकि मात्र 30 के पद ही रिक्त थे। सर्व शिक्षा अभियान के तहत दिव्यांग बच्चों की सामग्री भी कम कीमत में मंगाकर दोगुनी कीमत के वाउचर लगाते हैं।
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डीएम ने इस शिकायत पर डीडीओ जेएन कुरील, जिला पिछड़ा वर्ग अधिकारी यश कुमार और डीआईओएस जीएस राजपूत को जांच टीम में शामिल किया है। सोमवार को जांच टीम ने बीएसए कार्यालय पहुंच सभी बिंदुओं की जांच की। इसमें चार बिंदुओं का निस्तारण किया। डीडीओ का कहना था कि वह अपनी जांच रिपोर्ट डीएम को सौंपेंगे। वहीं सूत्रों की माने तो यह जांच भी एडी बेसिक कानपुर को भी सौंपी गई है।
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फिरोजाबाद के कस्बा शिकोहाबाद निवासी वीरपाल सिंह ने डीएम से पूर्व बीएसए रामकरन यादव के खिलाफ शिकायत की कि उन्होंने अभी तक फर्जी शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर नहीं कराई है। प्रश्न पत्र छपवाने में 20-25 प्रतिशत तक का कमीशन लिया है। पाठ्य पुस्तकों की ढुलाई में भी 200 रुपये प्रत्येक गाड़ी पर कमीशन लिया है। सरकारी गाड़ी का दुरुपयोग करते हैं। सात अप्रैल को वह सरकारी डीजल से अपने घर इलाहाबाद गए थे। नवीन शिक्षकों की नियुक्ति एकल और बंद स्कूलों में करने के आदेश थे। इसके बाद भी सुमन लता वर्मा की नियुक्ति प्राथमिक विद्यालय गनेशपुर में की गई।
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जहां पहले से तीन शिक्षक कार्यरत हैं। जिले में एक सैकड़ा से अधिक सहायक अध्यापकों की पदोन्नति प्रधानाध्यापक पर की गई। जबकि मात्र 30 के पद ही रिक्त थे। सर्व शिक्षा अभियान के तहत दिव्यांग बच्चों की सामग्री भी कम कीमत में मंगाकर दोगुनी कीमत के वाउचर लगाते हैं।
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डीएम ने इस शिकायत पर डीडीओ जेएन कुरील, जिला पिछड़ा वर्ग अधिकारी यश कुमार और डीआईओएस जीएस राजपूत को जांच टीम में शामिल किया है। सोमवार को जांच टीम ने बीएसए कार्यालय पहुंच सभी बिंदुओं की जांच की। इसमें चार बिंदुओं का निस्तारण किया। डीडीओ का कहना था कि वह अपनी जांच रिपोर्ट डीएम को सौंपेंगे। वहीं सूत्रों की माने तो यह जांच भी एडी बेसिक कानपुर को भी सौंपी गई है।