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88 शिक्षकों के फर्जी शैक्षिक अभिलेख के बारे में रिपोर्ट तलब की
Updated Tue, 17 Jul 2018 11:51 PM IST
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मैनपुरी। जिले में एसआईटी से फर्जी घोषित किए गए शिक्षकों पर कार्रवाई के संबंध में निदेशक बेसिक शिक्षा परिषद ने जानकारी मांगी है। निदेशक ने अभी तक कार्रवाई न करने पर जवाब भी मांगा है।
जिले में एसआईटी अब तक 88 शिक्षक-शिक्षिकाओं के बीएड और टेट के अंकपत्र फर्जी घोषित कर चुकी है। जनपद में अभी तक एक भी शिक्षक पर बर्खास्तगी की तो बात छोड़ों निलंबन तक की कार्रवाई नहीं की गई है।
इस पर निदेशक ने बेसिक शिक्षाधिकारी को पत्र भेजकर जानकारी मांगी है। निदेशक ने बीएसए को भेजे पत्र में कहा है कि वे जानकारी दें कि अभी तक उनके द्वारा एसआईटी से फर्जी घोषित किए गए शिक्षक-शिक्षिकाओं पर क्या कार्रवाई की गई है।
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साथ ही यदि कार्रवाई नहीं की गई तो उसका कारण सहित जवाब देने को कहा गया है। वर्ष 2017 में एसआईटी ने जिन शिक्षक-शिक्षिकाओं के अभिलेख फर्जी घोषित किए थे।
उनको बर्खास्तगी के नोटिस जारी किए गए थे। साथ ही उनका वेतन भी रोक दिया गया था लेकिन बाद में फर्जी घोषित शिक्षक-शिक्षिकाओं के कोर्ट में जाने पर उनका वेतन जारी कर दिया गया था।
विभागीय सूत्रों की मानें तो पता चला है कि विभाग ने द्वितीय सेवा समाप्ति नोटिस तैयार कर लिए हैं। शीघ्र ही यह लेटर संबंधितों को जारी होंगे और उसके बाद उनकी सेवाएं समाप्त करते हुए वेतन रोक दिया जाएगा।
बीएसए विजय प्रताप सिंह ने बताया कि एसआईटी और विभाग के निर्देशानुसार कार्रवाई की जा रही है। शीघ्र ही बड़ी कार्रवाई होगी। बर्खास्तगी में किसी प्रकार की कानूनी दिक्कत न हो इसके लिए विधि सलाहकार की राय के अनुसार कार्य किया जा रहा है।
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जिले में एसआईटी अब तक 88 शिक्षक-शिक्षिकाओं के बीएड और टेट के अंकपत्र फर्जी घोषित कर चुकी है। जनपद में अभी तक एक भी शिक्षक पर बर्खास्तगी की तो बात छोड़ों निलंबन तक की कार्रवाई नहीं की गई है।
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इस पर निदेशक ने बेसिक शिक्षाधिकारी को पत्र भेजकर जानकारी मांगी है। निदेशक ने बीएसए को भेजे पत्र में कहा है कि वे जानकारी दें कि अभी तक उनके द्वारा एसआईटी से फर्जी घोषित किए गए शिक्षक-शिक्षिकाओं पर क्या कार्रवाई की गई है।
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साथ ही यदि कार्रवाई नहीं की गई तो उसका कारण सहित जवाब देने को कहा गया है। वर्ष 2017 में एसआईटी ने जिन शिक्षक-शिक्षिकाओं के अभिलेख फर्जी घोषित किए थे।
उनको बर्खास्तगी के नोटिस जारी किए गए थे। साथ ही उनका वेतन भी रोक दिया गया था लेकिन बाद में फर्जी घोषित शिक्षक-शिक्षिकाओं के कोर्ट में जाने पर उनका वेतन जारी कर दिया गया था।
विभागीय सूत्रों की मानें तो पता चला है कि विभाग ने द्वितीय सेवा समाप्ति नोटिस तैयार कर लिए हैं। शीघ्र ही यह लेटर संबंधितों को जारी होंगे और उसके बाद उनकी सेवाएं समाप्त करते हुए वेतन रोक दिया जाएगा।
बीएसए विजय प्रताप सिंह ने बताया कि एसआईटी और विभाग के निर्देशानुसार कार्रवाई की जा रही है। शीघ्र ही बड़ी कार्रवाई होगी। बर्खास्तगी में किसी प्रकार की कानूनी दिक्कत न हो इसके लिए विधि सलाहकार की राय के अनुसार कार्य किया जा रहा है।