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सड़क से लेकर कलक्ट्रेट तक आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन
Updated Wed, 17 Jan 2018 11:21 PM IST
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मैनपुरी। आंगनबाड़ी कार्यकत्री एवं सहायिका वेलफेयर एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के बैनर तले कार्यकर्ताओं ने हड़ताल रखते हुए मांगों को लेकर कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। इस दौरान मैनपुरी-भोगांव मार्ग पर जुलूस निकालते हुए सांकेतिक जाम भी लगाया। आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने 15 सूत्रीय मांगों को लेकर एक ज्ञापन प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को सौंपा।
बुधवार को सुबह नौ बजे से ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कलक्ट्रेट पर पहुंचना शुरू हो गए थे। हड़ताल रखते हुए उन्होंने कलक्ट्रेट स्थित तिकोनिया पार्क पर धरना शुरू किया। इस दौरान आक्रोशित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता जुलूस के रूप में तिकोनिया पार्क से निकले और जेल चौराहा होते हुए नारेबाजी करते मैनपुरी-भोगांव मार्ग पर ईशन नदी पुल पहुंचे। यहां कार्यकर्ता सड़क पर ही बैठकर नारेबाजी करने लगे जिससे जाम लग गया। करीब 15 मिनट तक मार्ग पूरी तरह से जाम रहा। इसके बाद अधिकारियों के समझाने के बाद वे लोग वापस धरना स्थल पहुंचे।
प्रदेश उपाध्यक्ष सरिता शाक्य ने कहा कि 45वें भारतीय श्रम सम्मेलन में हुई सहमति के अनुसार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को न्यूनतम मानदेय 18 हजार मिलना चाहिए। वहीं सेवा निवृत्ति पर सभी सुविधाओं के साथ न्यूनतम तीन हजार रुपये पेंशन होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2018-19 के तहत जारी होने वाले बजट में समेकित बाल विकास योजना के तहत पर्याप्त बजट जारी किया जाना चाहिए। जिसमें सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को न्यूनतम वेतन व पेंशन की व्यवस्था हो।
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योजना का किसी भी तरह से निजीकरण व ठेकदारी प्रथा को बंद करना होगा। इस अवसर पर विमलेश चौहान, निर्लेश चौहान, रिहाना बेगम, रिचा दुबे, शुक्ला देवी, सुषमा देवी, मीरा यादव, शाहीन बेगम, ऊषा राजपूत, लता, विनीता, अरुणा बैस, ऊषा दीक्षित, शशी दीक्षित, भूदेवी, मंजू चौहान, शीलेश चौहान, दहवंती, मुन्नी देवी, ज्ञान कुमारी, सीमा यादव, सुधा, शशी प्रभा आदि कार्यकर्ता रहीं।
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बुधवार को सुबह नौ बजे से ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कलक्ट्रेट पर पहुंचना शुरू हो गए थे। हड़ताल रखते हुए उन्होंने कलक्ट्रेट स्थित तिकोनिया पार्क पर धरना शुरू किया। इस दौरान आक्रोशित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता जुलूस के रूप में तिकोनिया पार्क से निकले और जेल चौराहा होते हुए नारेबाजी करते मैनपुरी-भोगांव मार्ग पर ईशन नदी पुल पहुंचे। यहां कार्यकर्ता सड़क पर ही बैठकर नारेबाजी करने लगे जिससे जाम लग गया। करीब 15 मिनट तक मार्ग पूरी तरह से जाम रहा। इसके बाद अधिकारियों के समझाने के बाद वे लोग वापस धरना स्थल पहुंचे।
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प्रदेश उपाध्यक्ष सरिता शाक्य ने कहा कि 45वें भारतीय श्रम सम्मेलन में हुई सहमति के अनुसार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को न्यूनतम मानदेय 18 हजार मिलना चाहिए। वहीं सेवा निवृत्ति पर सभी सुविधाओं के साथ न्यूनतम तीन हजार रुपये पेंशन होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2018-19 के तहत जारी होने वाले बजट में समेकित बाल विकास योजना के तहत पर्याप्त बजट जारी किया जाना चाहिए। जिसमें सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को न्यूनतम वेतन व पेंशन की व्यवस्था हो।
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योजना का किसी भी तरह से निजीकरण व ठेकदारी प्रथा को बंद करना होगा। इस अवसर पर विमलेश चौहान, निर्लेश चौहान, रिहाना बेगम, रिचा दुबे, शुक्ला देवी, सुषमा देवी, मीरा यादव, शाहीन बेगम, ऊषा राजपूत, लता, विनीता, अरुणा बैस, ऊषा दीक्षित, शशी दीक्षित, भूदेवी, मंजू चौहान, शीलेश चौहान, दहवंती, मुन्नी देवी, ज्ञान कुमारी, सीमा यादव, सुधा, शशी प्रभा आदि कार्यकर्ता रहीं।