फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   एटा के पूर्व पालिकाध्यक्ष राकेश गांधी से की जाएगी इतने करोड़ की वसूली

एटा के पूर्व पालिकाध्यक्ष राकेश गांधी से की जाएगी इतने करोड़ की वसूली

Mon, 11 Dec 2017 12:02 AM IST
Updated Mon, 11 Dec 2017 12:02 AM IST
विज्ञापन
एटा के पूर्व पालिकाध्यक्ष राकेश गांधी से की जाएगी इतने करोड़ की वसूली
चेयरमैन राकेश गांधी - फोटो : अमर उजाला
एटा। नगर पालिका के विकास कार्यों में हुए 1.08 करोड़ रुपये के गबन मामले में नया मोड़ आ गया है। डीएम ने जांच में गबन सिद्ध होने के बाद शासन से पूर्व पालिकाध्यक्ष राकेश गांधी से वसूली करने और विधिक कार्रवाई करने की संस्तुति की है।
विज्ञापन


दरअसल, पालिका में बीते पांच वर्षों में हुए विकास कार्यों की जांच की डीएम अमित किशोर ने कराई थी। जिसके बाद इलाहाबाद के महालेखाकार विभाग की विशेष ऑडिट टीम ने एटा पहुंचकर पांच साल में हुए कामों की जांच की थी। टीम ने भी पालिका में अनियमितताओं की पुष्टि करते हुए रिपोर्ट डीएम और शासन को दी।
विज्ञापन


जिसके बाद नगर विकास अनुभाग के विशेष सचिव डा. अनिल कुमार सिंह ने चेयरमैन राकेश गांधी को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। जिस पर चेयरमैन राकेश गांधी ने अपना जबाव लखनऊ में विशेष सचिव को दर्ज कराया। मगर शासन जबावों से संतुष्ट नहीं हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन


अब मामले में गबन की गई एक करोड़ आठ लाख 11 हजार 800 रुपये की वसूली के लिए डीएम ने शासन को पत्र लिखा है। पत्र में कहा गया है कि पूर्व पालिकाध्यक्ष राकेश गांधी द्वारा किया गया कृत्य नगर पालिका अधिनियम का उल्लंघन है। साथ ही पालिका की हुई की क्षति की वसूली करने की संस्तुति की जाती है।

यह आरोप हुए थे तय

- नगर पालिका में स्थित अनुपम काम्पलैक्स में 125 दुकानों का आवंटन नहीं करना और निर्माण कार्य पूरा नहीं कराना।

- इलाहाबाद से आई विशेष जांच टीम की रिपोर्ट के मुताबिक भारी वित्तीय अनियमितता पाई गई।
जिसमें बिना कुटेशन ट्रैक्टर क्रय करना, 14 कूड़ा गाड़ियों की खरीद, उपकरण खरीद में वैट की कटौती नहीं कराना। सक्शन मशीन, लोडर, कैंटर, टेंपों की खरीद में मानक का पालन नहीं करना।

- सफाई कार्य में दो लाख 43 हजार रुपये का फर्जी भुगतान करना। एक करोड़ रुपये का फर्जी भुगतान करना। पर्यवेक्षण में शिथिलता बरतना और दस्तावेजों में ओवर राइटिंग और कटिंग होना।

- कचहरी रोड पर चार, जीटी रोड पर आठ, रेलवे रोड पर 22, अरुणा नगर में 19, मेहता पार्क में एक आवास 25 दुकानें, शिकोहाबाद रोड पर चारों फेस में 107, कचहरी पर 22, वाटर वर्क्स 12, अलीगंज रोड पर 21, होली मोहल्ला में 8 और मीट मार्केट स्थित दुकानों को बिना प्रस्ताव बनवाना और नक्शा पास नहीं करवाना। इसे लेकर पहले भी आदेश दे चुके हैं।


- सड़कों की गुणवत्ता की जांच के बिना ठेकेदारों को भुगतान कर देना। जांच में गुणवत्ता खराब मिली थी।

इन निर्माण कार्यों में गबन

शहीद भगत सिंह पार्क सौंदर्यीकरण, नाला निर्माण में अर्थदंड नहीं वसूलना, वली मुहम्मद चौराहे से तहसील रोड तक नाला निर्माण, नन्नूमल चौराहा से वली मुहम्मद चौराहा तक नाला निर्माण, शिकोहाबाद रोड चुंगी से पीपल वाली गली तक नाला निर्माण, नन्नूमल चौराहे से जेपी मैरिज होम तक नाला निर्माण, रेलवे रोड अतिथि निवास पर नाला निर्माण, जनता दुर्गा मंदिर से सिंधी कालोनी तक नाला निर्माण।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed