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मूल्यांकन केंद्रों से 501 परीक्षक गैरहाजिर, स्पष्टीकरण मांगा
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आगरा। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की कॉपियों के मूल्यांकन कार्य में अपेक्षित तेजी नहीं आ रही है। परीक्षकों की संख्या केंद्रों पर कम है। मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक (जेडी) की सख्ती के बाद शुक्रवार को जिला विद्यालय निरीक्षक ने जिले के पांचों मूल्यांकन केंद्रों पर गैरहाजिर चल रहे 501 परीक्षकाें की सूची जारी की। प्रधानाचार्यों व प्रबंधकों को पत्र जारी कर मूल्यांकन से अनुपस्थित शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगने को कहा है। चेतावनी दी है कि बिना किसी अपरिहार्य कारण के मूल्यांकन कार्य में शामिल न होने पर वेतन जारी नहीं किया जाएगा।
जिला विद्यालय निरीक्षक मनोज कुमार की ओर से प्रधानाचार्योँ और प्रबंधकों को निर्देश दिया गया है कि वह अपने विद्यालय के प्रत्येक शिक्षक (जिनका नाम परीक्षकों की सूची में शामिल है) का स्पष्टीकरण लेकर उनके कार्यालय में उपलब्ध कराएं। दो मई तक जानकारी मांगी गई है। जो शिक्षक जानबूझकर मूल्यांकन कार्य में शामिल नहीं हो रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई करें। जेडी डॉ. मुकेश अग्रवाल का कहना है कि जिन अनुपस्थित शिक्षकों का नाम सूची में शामिल है, उनका मिलान किया जाएगा। किसी शिक्षक का नाम जानबूझकर शामिल नहीं किया गया होगा तो उस संबंध में भी स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। मंडल में प्रायोगिक परीक्षाएं समाप्त हो चुकी हैं, जो शिक्षक या प्रधानाचार्य अन्य जिलों में प्रायोगिक परीक्षा के लिए परीक्षक बनाए गए हैं और जिन्हें कार्यमुक्त किया गया है, उनके अलावा सभी को अनुपस्थित माना जाएगा।
आगरा। इंटरमीडिएट की प्रायोगिक परीक्षाएं दूसरे मंडलों में शुरू होने के बाद जिले के मूल्यांकन केंद्रों पर परीक्षकों की संख्या और कम हो गई है। शुक्रवार को पांचों केंद्रों पर 2292 में से 1304 परीक्षक पहुंचे। बृहस्पतिवार की अपेक्षा 64 परीक्षक कम हो गए। उप प्रधान परीक्षक 236 में, 171 पहुंचे। बृहस्पतिवार की अपेक्षा चार कम रहे। उप नियंत्रकों ने परीक्षकों को प्रेरित करते हुए अधिक समय तक काम लेना शुरू कर दिया है। परीक्षक अतिरिक्त समय देकर अपेक्षाकृत अधिक कॉपियों का मूल्यांकन कर रहे हैं। शुक्रवार को पांचों केंद्रों पर 52,860 कॉपियों का मूल्यांकन किया गया। बृहस्पतिवार को परीक्षक अधिक होने के बाद भी 44057 कॉपियों का मूल्यांकन हो पाया था।
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जिला विद्यालय निरीक्षक मनोज कुमार की ओर से प्रधानाचार्योँ और प्रबंधकों को निर्देश दिया गया है कि वह अपने विद्यालय के प्रत्येक शिक्षक (जिनका नाम परीक्षकों की सूची में शामिल है) का स्पष्टीकरण लेकर उनके कार्यालय में उपलब्ध कराएं। दो मई तक जानकारी मांगी गई है। जो शिक्षक जानबूझकर मूल्यांकन कार्य में शामिल नहीं हो रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई करें। जेडी डॉ. मुकेश अग्रवाल का कहना है कि जिन अनुपस्थित शिक्षकों का नाम सूची में शामिल है, उनका मिलान किया जाएगा। किसी शिक्षक का नाम जानबूझकर शामिल नहीं किया गया होगा तो उस संबंध में भी स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। मंडल में प्रायोगिक परीक्षाएं समाप्त हो चुकी हैं, जो शिक्षक या प्रधानाचार्य अन्य जिलों में प्रायोगिक परीक्षा के लिए परीक्षक बनाए गए हैं और जिन्हें कार्यमुक्त किया गया है, उनके अलावा सभी को अनुपस्थित माना जाएगा।
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आगरा। इंटरमीडिएट की प्रायोगिक परीक्षाएं दूसरे मंडलों में शुरू होने के बाद जिले के मूल्यांकन केंद्रों पर परीक्षकों की संख्या और कम हो गई है। शुक्रवार को पांचों केंद्रों पर 2292 में से 1304 परीक्षक पहुंचे। बृहस्पतिवार की अपेक्षा 64 परीक्षक कम हो गए। उप प्रधान परीक्षक 236 में, 171 पहुंचे। बृहस्पतिवार की अपेक्षा चार कम रहे। उप नियंत्रकों ने परीक्षकों को प्रेरित करते हुए अधिक समय तक काम लेना शुरू कर दिया है। परीक्षक अतिरिक्त समय देकर अपेक्षाकृत अधिक कॉपियों का मूल्यांकन कर रहे हैं। शुक्रवार को पांचों केंद्रों पर 52,860 कॉपियों का मूल्यांकन किया गया। बृहस्पतिवार को परीक्षक अधिक होने के बाद भी 44057 कॉपियों का मूल्यांकन हो पाया था।
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