फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   49 schools vehicles, no fitness certificate

49 स्कूली वाहन दौड़ रहे बिना फिटनेस के

Mon, 25 Apr 2022 11:43 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Mon, 25 Apr 2022 11:43 PM IST
विज्ञापन
49 schools vehicles, no fitness certificate
कासगंज के एक स्कूल की बस जिस पर न विद्यालयका नाम है और न ही मोबाइल नंबर - फोटो : KASGANJ
कासगंज। स्कूली वाहन में हर समय नौनिहाल खतरे में रहते हैं। 49 स्कूली वाहन बिना फिटनेस कराए ही सड़क पर दौड़ रहे हैं। इतना ही नहीं स्कूल संचालक वाहनों में बैठने वाले बच्चों का विवरण तक अंकित नहीं करते। स्कूल का नाम और नंबर लिखे जाने पर भी ध्यान नहीं दिया जाता।
विज्ञापन

स्कूलों द्वारा बच्चों को लाने ले जाने के लिए जो वाहन प्रयोग किए जाते हैं, उनमें मानकों की पूरी तरह से अनदेखी रहती है। फिटनेस समाप्त हो जाने के बाद भी इस ओर ध्यान नहीं दिया जाता। स्कूल के वाहन के लिए जो भी मानक व नियम निर्धारित किए गए हैं उनकी धज्जियां पूरी तरह से उड़ी हुई नजर आती है। वाहनों में बच्चों की सूची तक चस्पा नहीं रहती। ताकि हादसे के समय जरूरत पड़ने पर बच्चे का ब्लड ग्रुप एवं परिवार के संबंध में जानकारी हो सके। इतना ही नहीं अग्निशमन यंत्र लगाने पर भी ध्यान नहीं दिया जाता।
विज्ञापन

फैैक्ट फाइल
स्कूल वाहन की संख्या 175
पंजीयन निरस्त 30
बिना फिटनेस के चल रहे वाहन 49
स्कूली वाहन के लिए ये हैं मानक
- बस पर स्कूल का नाम, फोन नंबर लिखा होना चाहिए।
- स्कूल बस में छात्रों की सूची, नाम, पता, कक्षा, ब्लड ग्रुप और रूट नंबर लिखा होना चाहिए।
- बस में चालक के अलावा अनुभवी पुरुष या महिला सहायक तैनात होने चाहिए।
- बस चालक और सहायक निर्धारित ड्रेस में रहें।
- बस का रंग पीला होना चाहिए।
- सीटिंग क्षमता अनुसार प्रत्येक बस में अग्निशमन यंत्र होने चाहिए।
- बस की बॉडी स्टील की और पूरी तरह बंद हो।
- बस में कैनवास की छत न हो।
- सीएनजी वाहनों की तिमाही चेकिंग अधिकृत केंद्र से कराई जाए।
- प्रेशर हॉर्न प्रतिबंधित है।
- सीट आरामदेह हो, सेफ्टी बेल्ट, आर्मरेस्ट होना अनिवार्य।
- शीशों के बाहर सेफ्टी ग्रिल अनिवार्य, ताकि बच्चे सर बाहर न निकाल सकें।
-वाहन में प्राथमिक उपचार के लिए किट की व्यवस्था होनी चाहिए
इन बिंदुओं की होती है जांच
- वाहन की स्थिति
- रेडियम पटटी
- इंजन की आवाज
- हेडलाइट, बैक लाइट, इंडीकेटर, फॉग लाइट
- वाहनों के ब्रेक लगाने के सिस्टम
- स्टेयरिंग
- वाहन का कलर, इंजन व चेसिस नंबर
स्कूल के वाहनों की चेकिंग समय-समय पर की जाती है। 49 वाहन बिना फिटनेस के संचालित हो रहे हैं, उनके लिए नोटिस भेजा गया है। इसके बाद भी यदि वाहनों की फिटनेस नहीं कराई जाती है तो कार्रवाई की जाएगी- राजेश राजपूत, एआरटीओ
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed