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नौकरपेशा को आयकर सीमा बढ़ने की आस
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एटा। केंद्रीय बजट को लेकर आम आदमी उम्मीद पाले है। नौकर पेशा को आयकर सीमा बढ़ने की उम्मीद है तो कारोबारी आयकर छूट की आस लगाए बैठा है। वित्तीय जानकारों के अनुसार बजट आम आदमी के लिए सुखद होगा। सरकार बड़ी रियायतों की घोषणा कर सकती है।
शिक्षक विवेक कुलश्रेष्ठ आयकर छूट की आस लगाए हैं। इनका कहना है कि आयकर सीमा न बढ़ने के चलते एक माह से अधिक वेतन आयकर में चला जाता है। ऐसे में वेतन भोगियों को आयकर सीमा में छूट चाहिए। चार लाख रुपये तक कर छूट एवं दस लाख की आय पर दस प्रतिशत कर चाहते हैं।
कारोबारी आलोक जैन आयकर सीमा में रियायत के साथ जीएसटी टेक्स स्लैब में रियायत चाहते हैं। साथ ही ई व्यवस्थाओं का विकल्प भी चाहते हैं।
शिक्षिका पूनम सक्सेना ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्थाएं एवं अलग बजट बनाने की बात कही। ताकि आए दिन बेटियों के साथ होने वाली घटनाओं पर अंकुश लग सके। वहीं छात्राओं-महिलाओं को असुरक्षा भावना से निजात मिले।
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गैस आदि पेट्रो पदार्थों की महंगाई से जूझ रही गृहणी अंजू अग्रवाल का कहना है कि सरकार खाद्य पदार्थों एवं रसोई गैस की महंगाई पर नियंत्रण करे। ताकि रसोई का बजट न बिगड़े।
आर्थिक मामलों के जानकार डॉ. मोहन वार्ष्णेय प्रस्तावित बजट को आम आदमी के लिए सुखद होने की संभावना जता रहे हैं। इनके अनुसार आगामी चुनावों के चलते भी सरकार रियायतें देकर वित्तीय प्रतिबंधों की भरपाई करेगी। ताकि आम आदमी को राहत मिल सके। ात
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शिक्षक विवेक कुलश्रेष्ठ आयकर छूट की आस लगाए हैं। इनका कहना है कि आयकर सीमा न बढ़ने के चलते एक माह से अधिक वेतन आयकर में चला जाता है। ऐसे में वेतन भोगियों को आयकर सीमा में छूट चाहिए। चार लाख रुपये तक कर छूट एवं दस लाख की आय पर दस प्रतिशत कर चाहते हैं।
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कारोबारी आलोक जैन आयकर सीमा में रियायत के साथ जीएसटी टेक्स स्लैब में रियायत चाहते हैं। साथ ही ई व्यवस्थाओं का विकल्प भी चाहते हैं।
शिक्षिका पूनम सक्सेना ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्थाएं एवं अलग बजट बनाने की बात कही। ताकि आए दिन बेटियों के साथ होने वाली घटनाओं पर अंकुश लग सके। वहीं छात्राओं-महिलाओं को असुरक्षा भावना से निजात मिले।
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गैस आदि पेट्रो पदार्थों की महंगाई से जूझ रही गृहणी अंजू अग्रवाल का कहना है कि सरकार खाद्य पदार्थों एवं रसोई गैस की महंगाई पर नियंत्रण करे। ताकि रसोई का बजट न बिगड़े।
आर्थिक मामलों के जानकार डॉ. मोहन वार्ष्णेय प्रस्तावित बजट को आम आदमी के लिए सुखद होने की संभावना जता रहे हैं। इनके अनुसार आगामी चुनावों के चलते भी सरकार रियायतें देकर वित्तीय प्रतिबंधों की भरपाई करेगी। ताकि आम आदमी को राहत मिल सके। ात